Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा से बढ़ी लोगों की चिंता, 80% निवासी छोड़ने को मजबूर!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। हर साल सर्दियों के आते ही हवा की गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि लोगों के लिए सामान्य जीवन जीना मुश्किल हो जाता है। इस बार भी हालात अलग नहीं हैं। कई इलाकों में AQI ‘गंभीर’ श्रेणी तक जा पहुंचा है, जिसके कारण लोगों की सेहत पर गहरा असर पड़ रहा है। अब इसी मुद्दे पर एक नए सर्वे ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।

79.8% लोग दिल्ली-NCR छोड़ चुके या छोड़ने की सोच रहे हैं

Smytten PulseAI द्वारा किए गए इस सर्वे के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के लगभग 79.8 प्रतिशत लोग या तो यहां से जाने की योजना बना रहे हैं या पहले ही दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि स्थिति कितनी चिंताजनक हो चुकी है।

सर्वे बताता है कि—

33.6% लोग गंभीरता से NCR छोड़ने पर विचार कर रहे हैं।

ये वे लोग हैं जिन्होंने इस विकल्प पर विस्तार से सोच-विचार करना शुरू कर दिया है और जल्द ही निर्णय ले सकते हैं।

31% लोग सक्रिय रूप से जगह बदलने के विकल्प देख रहे हैं।

वे शहर चुन रहे हैं, नौकरी के अवसर देख रहे हैं, या बच्चों की पढ़ाई के विकल्प खोज रहे हैं।

15.2% लोग पहले ही NCR छोड़कर दूसरे शहरों में बस चुके हैं।

यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर निवासी सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर रहे हैं कि दिल्ली-NCR में रहना उनके लिए स्वास्थ्य और परिवार दोनों के लिए जोखिम बनता जा रहा है।

बढ़ते प्रदूषण से सबसे ज्यादा परेशान बच्चे और बुजुर्ग

दिल्ली-NCR की हवा हर साल कुछ महीनों के लिए इतनी जहरीली हो जाती है कि डॉक्टर लगातार सतर्क रहने की सलाह देते हैं।

बच्चों में खांसी, एलर्जी और सांस लेने में समस्या तेजी से बढ़ती है।

बुजुर्गों में अस्थमा, COPD और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

वहीं युवा वर्ग को लगातार थकान, सांस फूलना, माइग्रेन और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

कई परिवारों का कहना है कि वे अपने बच्चों की सेहत को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित हैं, और इसी कारण NCR छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं।

लोग क्यों छोड़ना चाहते हैं दिल्ली-NCR?

सर्वे से जो प्रमुख कारण सामने आए हैं, उनमें शामिल हैं—

1. PM 2.5 और AQI में लगातार खतरनाक बढ़ोतरी

हर साल हवा जहरीली होती जा रही है और सर्दियों में हालात और गंभीर हो जाते हैं।

2. सांस लेने में दिक्कत और बार-बार बीमार पड़ना

प्रदूषण के कारण अस्पतालों की OPD में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ जाती है।

3. दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक प्रदूषण में रहने से फेफड़ों की क्षमता कम हो सकती है और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।

4. जीवनशैली पर नकारात्मक असर

लोग सुबह टहलना, बाहर खेलना, यात्रा करना और सामान्य गतिविधियों से भी बचने पर मजबूर हो रहे हैं।

5. परिवार और बच्चों का भविष्य

कई माता-पिता महसूस कर रहे हैं कि NCR में रहना उनके बच्चों की बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है।

कौन-कौन से शहर लोगों की पहली पसंद बने?

सर्वे में यह भी सामने आया कि NCR छोड़ने वाले परिवार किस दिशा में जा रहे हैं या सोच रहे हैं।

बेंगलुरु: बेहतर मौसम और कम प्रदूषण के कारण पहली पसंद।

पुणे: शांत वातावरण, रोजगार और साफ हवा के लिए लोकप्रिय।

हैदराबाद: बढ़ते आईटी अवसर और अपेक्षाकृत साफ हवा।

देहरादून व ऋषिकेश: छोटे, शांत और कम प्रदूषित शहरों की चाह रखने वालों में लोकप्रिय।

लोगों का कहना—दिल्ली अब ‘लाइफस्टाइल फ्रेंडली’ नहीं रही

सर्वे में बड़ी संख्या में लोगों ने कहा कि दिल्ली की हवा अब उनके परिवार की जरूरतों के अनुकूल नहीं है।

कई लोगों का कहना है कि—

पहले दिल्ली घूमने, पढ़ाई और नौकरी के लिए पसंद की जाती थी।

लेकिन अब वायु प्रदूषण के कारण जीवन की गुणवत्ता बहुत खराब हो चुकी है।

बच्चे मास्क पहनकर स्कूल जाते हैं और घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है।

सरकार क्या कर रही है?

सरकारी स्तर पर हर साल कई कदम उठाए जाते हैं—

ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP)

निर्माण कार्यों पर रोक

डीजल जेनरेटर बंद

स्कूल बंद करने के फैसले

स्मॉग टावर लगाने की कोशिश

लेकिन लोगों का कहना है कि इन कदमों का प्रभाव बहुत सीमित और अस्थायी रहता है। प्रदूषण की जड़ में मौजूद समस्याओं—जैसे पराली जलाना, औद्योगिक उत्सर्जन और बढ़ता वाहन प्रदूषण—पर प्रभावी कार्रवाई अभी भी जरूरत से कम है।

क्या NCR रहने लायक रहेगा?

कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति नहीं बनाई गई, तो आने वाले सालों में दिल्ली-NCR से बड़े पैमाने पर पलायन हो सकता है।

लोग अब स्वास्थ्य और बच्चों की भलाई को प्राथमिकता देने लगे हैं।

यही कारण है कि लगभग 80% निवासी NCR छोड़ने पर विचार कर रहे हैं—यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है।

Delhi NCR is facing an unprecedented air pollution crisis, pushing nearly 80% of residents to either relocate or consider leaving the region. The rising AQI levels, severe smog, toxic air, and long-term health risks are forcing families to look for cleaner and safer cities. This growing trend highlights how the Delhi NCR pollution situation, increasing smog, and poor air quality have become major lifestyle and health concerns for millions.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
23.1 ° C
23.1 °
23.1 °
49 %
1kmh
0 %
Sun
23 °
Mon
29 °
Tue
29 °
Wed
30 °
Thu
30 °
Video thumbnail
'वंदे मातरम्' का जो विरोध करेगा, वो वहीं जाए जहां पर उसको... योगी आदित्यनाथ
02:55
Video thumbnail
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर सदन में पहली बार दहाड़े Yogi,दे दिया जवाब, हिल जाएंगे Akhilesh Yadav
09:24
Video thumbnail
Yati Narsinghanand #viral #shorts
02:17
Video thumbnail
Yogi Adityanath : हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता..
01:45
Video thumbnail
Mahamandleshwer Dr. Rajeshwar Das: “धरती पर किसान है.., सनातन पर क्या खूब बोले महामंडलेश्वर राजेश्वर
15:38
Video thumbnail
Swati Maliwal on Arvind Kejriwal :पंजाब में चार्टड जेट से लेकर आलीशान महल में निवास करता है केजरीवाल
01:37
Video thumbnail
Akhilesh Yadav on Yogi Adityanath : उन्होंने अगर बाटी चोखा खाया तो प्रतिमा की तरह खड़ा होना पड़ेगा
01:02
Video thumbnail
#shorts #shortvideo
00:26
Video thumbnail
AKhilesh Yadav : अभी समय है इलेक्शन में, आप समय क्यों नहीं देना चाहते हैं?
01:32
Video thumbnail
सदन में सवाल पूछ रही थी कांग्रेस की महिला सांसद, हल्ला मचाने लगा पूरा विपक्ष, सभापति ने क्या कहा?
07:58

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related