AIN NEWS 1: भारत सरकार लगातार ऐसे बदलाव कर रही है, जिनका उद्देश्य देश के श्रमिकों और कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा देना है। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ी श्रम सुधार प्रक्रिया पूरी की है। पहले देश में कुल 29 अलग-अलग केंद्रीय श्रम कानून लागू थे, जिनमें कई बार कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को भ्रम होता था। इन्हीं कानूनों को सरल, समझने योग्य और एकीकृत बनाने के लिए सरकार ने इन्हें मिलाकर 4 नए लेबर कोड तैयार किए हैं।

इन नए लेबर कोड में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जिस प्रावधान की हो रही है, वह है—‘पुनः कौशल निधि’ (Reskilling Fund)। इस प्रावधान के तहत, अगर किसी कर्मचारी को अचानक नौकरी से हटाया जाता है (Layoff), तो कंपनी को उसे 15 दिनों की अतिरिक्त सैलरी देनी होगी। यह राशि कर्मचारी के लिए एक तरह की सुरक्षा कवच मानी जा रही है, ताकि वह नए कौशल सीखकर दोबारा रोजगार पाने की प्रक्रिया शुरू कर सके।
आइए इस पूरे प्रावधान को सरल भाषा में समझते हैं, और जानते हैं कि कर्मचारियों को इससे क्या-क्या लाभ मिलेंगे।
नए लेबर कोड क्यों लाए गए?
पुराने 29 श्रम कानून कई दशकों में अलग-अलग समय पर बने थे। समय बदलने के साथ-साथ काम करने के तरीके, तकनीक और रोजगार की प्रकृति भी बदल गई है। आज का कर्मचारी सिर्फ फैक्टरी में काम नहीं करता, बल्कि IT, डिजिटल, स्टार्टअप, सर्विस सेक्टर और गिग वर्क जैसे नए क्षेत्रों में काम करता है।
इसीलिए सरकार का उद्देश्य था कि—
श्रम कानूनों को सरल बनाया जाए
सभी सेक्टर के कर्मचारियों को समान संरक्षण मिले
कंपनियों के लिए नियम साफ-सुथरे हों
रोजगार को बढ़ावा दिया जा सके
कर्मचारियों के अधिकार मजबूत हों
इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए 4 नए कोड बनाए गए हैं—
1. वेज कोड
2. सोशल सिक्योरिटी कोड
3. इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड
4. ओक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ और वर्किंग कंडीशंस कोड
सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान: पुनः कौशल निधि (Reskilling Fund)
नए लेबर कोड में सरकार ने यह ध्यान रखा है कि अगर किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है, तो उसके पास नई नौकरी ढूँढने तक के लिए कुछ आर्थिक सहयोग होना चाहिए।
इसी सोच के तहत ‘Reskilling Fund’ की व्यवस्था की गई है।
इस फंड का उद्देश्य क्या है?
अचानक नौकरी छूटने से होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करना
कर्मचारी को नए कौशल (Skills) सीखने के लिए वित्तीय मदद देना
रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करना
मानसिक दबाव को कम करना
परिवार की आर्थिक स्थिति पर तुरंत असर न पड़े
कंपनी को क्या देना होगा?
अगर कोई कंपनी किसी कर्मचारी को अचानक हटाती है, तो उसे—
➡️ 15 दिनों की एक्स्ट्रा सैलरी कर्मचारी के नाम जमा करनी होगी।
यह एक्स्ट्रा राशि सीधे कर्मचारी के खाते में जाएगी।
इस रकम को सरकार “पुनः कौशल निधि” का हिस्सा मानती है। इसका मतलब यह राशि कर्मचारी पूरी तरह उपयोग कर सकता है—
नए कोर्स करने के लिए
ट्रेनिंग में दाखिला लेने के लिए
नई नौकरी ढूँढने के दौरान खर्च चलाने के लिए
किसे मिलेगा यह लाभ?
यह सुविधा उन कर्मचारियों को दी जाएगी—
जिनकी नौकरी अचानक समाप्त कर दी गई हो
जिन्हें Layoff या Retrenchment के तहत निकाला गया हो
जो नियमित (Regular) कर्मचारी हों
जो लेबर कोड की सीमा में आते हों
यह प्रावधान कंपनी के आकार या उद्योग पर निर्भर नहीं करता। यानी IT कंपनी, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, स्टार्टअप, फैक्टरी, सर्विस सेक्टर—
सभी जगह लागू होगा।
कर्मचारियों को इससे क्या लाभ होगा?
1. अचानक नौकरी जाने पर आर्थिक राहत
बिना तैयारी के नौकरी से हटना सबसे बड़ा झटका होता है। 15 दिन की सैलरी इस स्थिति में सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी।
2. नए कौशल सीखकर बेहतर अवसर प्राप्त करना
आज नौकरी बाजार में स्किल की बहुत अहमियत है। यह फंड कर्मचारियों को नए कोर्स या ट्रेनिंग करने में मदद करेगा।
3. नौकरी खोजने के दौरान खर्च में सहायता
इंटरव्यू, यात्रा, इंटरनेट, दस्तावेज़—ये सभी खर्च जरूरी होते हैं। यह राशि इसमें काम आएगी।
4. परिवार पर आर्थिक बोझ कम होगा
कम से कम शुरुआती दिनों में आर्थिक दबाव कम रहेगा।
5. मानसिक शांति और आत्मविश्वास
यह जानते हुए कि सरकार सुरक्षा दे रही है, कर्मचारी को मनोवैज्ञानिक राहत मिलेगी।
कंपनियों के लिए क्या बदलेगा?
कंपनियों को अब Layoff की योजना और भी सोच-समझकर बनानी होगी।
बिना कारण और अचानक कर्मचारियों को निकालना मुश्किल होगा।
कर्मचारियों के अधिकार मजबूत होने से विवाद कम हो सकते हैं।
कंपनियों को HR और Compliance सिस्टम और मजबूत बनाना होगा।
क्या यह नियम रोजगार को बढ़ावा देगा?
सरकार का मानना है कि यह नियम—
कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगा
कंपनियों और कर्मचारियों के बीच विश्वास बढ़ाएगा
छंटनी (Layoff) की स्थिति में भी स्वस्थ श्रम बाजार तैयार करेगा
कर्मचारियों को Skill Development के लिए प्रेरित करेगा
आज की बदलती अर्थव्यवस्था में यह सुधार एक आधुनिक और संतुलित श्रम व्यवस्था तैयार करता है।
India’s new labour codes aim to modernize the country’s employment framework by merging 29 laws into 4 comprehensive codes. One of the most impactful changes is the introduction of a reskilling fund that requires companies to pay an additional 15-day salary to employees laid off suddenly. This ensures financial security, promotes skill development, and strengthens employee rights in India’s evolving job market. Keywords: India labour codes, reskilling fund, layoff compensation, employee rights India, labour reforms.


















