नमस्कार,
कल की बड़ी खबर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने से जुड़ी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे। दूसरी बड़ी खबर सपा की निष्कासित विधायक पूजा पाल से जुड़ी है। उन्होंने डिप्टी सीएम केशव मौर्य के पैर छुए।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
- 1984 सिख विरोधी दंगों के दोषी बलवंत खोखर की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
- PM मोदी के साथ पुतिन दिल्ली में 23वीं इंडिया-रूस बाइलेटरल समिट में हिस्सा लेंगे।
कल की बड़ी खबरें:
पुतिन का भारत आगमन: पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत, दोनों नेताओं की निजी बैठक से बढ़ी कूटनीतिक गर्माहट
• पीएम मोदी ने एयरपोर्ट जाकर पुतिन का स्वागत किया और दोनों एक ही गाड़ी में पीएम आवास पहुंचे
• पुतिन ने इंटरव्यू में कहा कि भारत खुशकिस्मत है कि उसके पास मोदी जैसे मजबूत और स्वतंत्र निर्णय लेने वाले नेता हैं
• रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पुतिन की यह पहली भारत यात्रा है, जिसे वैश्विक राजनीति में बेहद अहम माना जा रहा है
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सोमवार को भारत पहुंच गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल से हटकर एयरपोर्ट पर जाकर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले लगाया और फिर एक ही कार में सवार होकर प्रधानमंत्री आवास के लिए रवाना हुए। पीएम आवास पर प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन के सम्मान में एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन की पहली भारत यात्रा है, जो इस मुलाकात को और भी खास बनाती है।
भारत आने से पहले दिए गए एक इंटरव्यू में पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत खुशकिस्मत है कि उसके पास मोदी जैसे नेता हैं, जो किसी भी प्रकार के अंतरराष्ट्रीय दबाव में आए बिना स्वतंत्र नीति अपनाते हैं। पुतिन ने भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्र बताया और कहा कि भारत की तेज प्रगति कई देशों को असहज करती है। अमेरिका द्वारा व्यापारिक टैरिफ बढ़ाने के सवाल पर पुतिन ने स्पष्ट कहा कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर चलता है और किसी के दबाव में नहीं आता।
पुतिन की यह यात्रा भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है
BBC के अनुसार, भारत रूस का पुराना और स्थिर मित्र रहा है। साथ ही भारत पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका, के साथ भी अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है। लेकिन ट्रम्प की सत्ता में वापसी के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ तनाव देखा जा रहा है। ऐसे समय में रूस के साथ संतुलन बनाना भारत के लिए रणनीतिक रूप से आवश्यक हो गया है।
भारत के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि वह यह दिखाए कि वह रूस का भरोसेमंद और जिम्मेदार साझेदार है, विशेषकर ऐसे दौर में जब वैश्विक राजनीति तेजी से बदल रही है।
स्टाफ की कमी और नए नियमों से इंडिगो की उड़ानें प्रभावित, 550 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द
• स्टाफ की कमी और DGCA के नए नियमों के कारण इंडिगो ने 550 से अधिक उड़ानें रद्द कीं
• दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर और इंदौर में हजारों यात्री घंटों फंसे रहे
• इंडिगो ने कहा कि हालात सामान्य होने में लगभग तीन महीने लग सकते हैं
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बड़े संकट का सामना कर रही है। स्टाफ की कमी और नए सुरक्षा नियमों के चलते एयरलाइन की 550 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। इससे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों में हजारों यात्री फंस गए।
सबसे ज्यादा परेशानी पुणे एयरपोर्ट पर देखने को मिली, जहां यात्रियों को करीब 8 घंटे इंतजार करना पड़ा और इंतजार के दौरान तीन लोग बेहोश भी हो गए।
इंडिगो ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा है कि उड़ानों का संचालन पूरी तरह सामान्य होने में लगभग तीन महीने का समय लगेगा। एयरलाइन वर्तमान स्थिति पर DGCA के साथ चर्चा कर रही है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
DGCA के नए नियमों का असर
1 नवंबर से DGCA ने पायलटों के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिनका असर सबसे ज्यादा इंडिगो की उड़ानों पर पड़ा है।
इन नियमों में प्रमुख बदलाव शामिल हैं:
• पायलटों को हर हफ्ते 48 घंटे अनिवार्य आराम देना होगा
• रात में लैंडिंग की सीमा 6 से घटाकर 2 कर दी गई है
इन नियमों के चलते पायलटों की उपलब्धता कम हुई है, जिससे उड़ानों की संख्या पर सीधा प्रभाव पड़ा है।
एयरलाइन उम्मीद कर रही है कि आने वाले महीनों में स्टाफ बढ़ाकर और संचालन सुधाकर स्थिति को सामान्य किया जा सकेगा।
प्रयागराज में बागी विधायक पूजा पाल का बयान: डिप्टी सीएम केशव मौर्य के पैर छूकर बोलीं—योगीजी ने मुझे न्याय दिलाया
• सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव मौर्य का आशीर्वाद लिया
• पति राजू पाल की हत्या के 18 साल बाद योगी सरकार में न्याय मिलने का दावा
• भाजपा ज्वाइन करने पर बोलीं—जब होना होगा तब होगा, फिलहाल भाजपा के लिए सेवा कर रही हूं
समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक पूजा पाल गुरुवार को प्रयागराज में चर्चा का केंद्र बनीं। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। केशव मौर्य बिहार चुनाव के बाद पहली बार प्रयागराज पहुंचे थे, जहां पूजा पाल ने उनसे मुलाकात की।
पूजा पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव मौर्य उनके लिए अभिभावक के समान हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति और तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की हत्या को 18 साल बीत चुके थे, लेकिन उन्हें न्याय योगी सरकार के कार्यकाल में मिला।
उन्होंने स्वीकार किया कि राज्यसभा चुनाव के समय उन्होंने सपा लाइन से हटकर क्रॉस वोटिंग की थी। उन्होंने यह भी कहा कि सपा में रहते हुए भी उनका संपर्क भाजपा नेताओं से बना हुआ था।
भाजपा में शामिल होने पर क्या बोलीं पूजा पाल
भाजपा में शामिल होने के सवाल पर पूजा पाल ने कहा कि जब होना होगा तब हो जाएगा। फिलहाल वे भाजपा के लिए सेवा कर रही हैं और पार्टी नेतृत्व से जो भी आदेश मिलता है, उसके अनुसार काम करती हैं। उन्होंने कहा कि लोग अब समझते हैं कि वे भाजपा के साथ क्यों खड़ी हैं, और भविष्य का निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश: BLOS पर काम का बोझ कम करें, राज्यों को अतिरिक्त कर्मचारी लगाने को कहा
• सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR प्रक्रिया में लगे BLOS को अत्यधिक काम का दबाव न दिया जाए
• जरूरत पड़ने पर छुट्टी देने और अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती पर विचार करने का निर्देश
• याचिका में आरोप: भारी दबाव के कारण 35 से 40 BLO की मौत, कई पर FIR भी दर्ज
चुनाव आयोग ने हाल ही में 30 नवंबर को SIR (स्पेशल समरी रिवीजन) की समय सीमा एक सप्ताह बढ़ाने का फैसला किया था। इसके बीच सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया में लगे बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को राहत देने वाला महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि BLOS पर अत्यधिक काम का दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। कोर्ट ने सुझाव दिया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती पर विचार करना चाहिए, ताकि BLOs को राहत मिल सके। साथ ही जरूरत पड़ने पर उन्हें छुट्टी भी दी जानी चाहिए।
यह निर्देश एक्टर विजय की पार्टी TVK की याचिका पर आया। याचिका में दावा किया गया था कि चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए सख्त लक्ष्यों और दबाव के चलते कई BLOs की मौत हुई है, और लक्ष्य पूरे न करने पर उनके खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है।
35 से 40 BLO की मौत का दावा
TVK के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके पास ऐसे 35 से 40 मामलों की जानकारी है, जिनमें BLOs ने अत्यधिक दबाव और थकान की वजह से आत्महत्या कर ली। इनमें से अधिकतर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और शिक्षक हैं जिन्हें BLO की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई थी।
वकील ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में BLOs के खिलाफ लगभग 50 FIR दर्ज की गई हैं, जो उनके ऊपर और दबाव बढ़ा रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्यों को BLOs की स्थिति सुधारने और काम का बोझ कम करने के लिए तुरंत कदम उठाने को कहा है।
अमेरिका में बढ़ा दबाव: 44 सांसदों ने पाकिस्तान PM और आर्मी चीफ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
• 44 अमेरिकी सांसदों ने विदेश मंत्री को पत्र लिखकर शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर कार्रवाई की मांग की
• आरोप—पाकिस्तान में सेना पर्दे के पीछे सरकार चला रही है और नागरिकों के अधिकारों का दमन हो रहा है
• पत्रकारों के अपहरण, धमकी और मानवाधिकार उल्लंघन पर भी गंभीर चिंता जताई गई
अमेरिका में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग ज़ोर पकड़ रही है। अमेरिका के 44 सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रुबियों को एक संयुक्त पत्र लिखा है। इस पत्र में दोनों नेताओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।
सांसदों का कहना है कि पाकिस्तान में लोकतंत्र कमजोर हो गया है और सेना का दखल बढ़ता जा रहा है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान में मौलिक अधिकारों को दबाया जा रहा है और असहमति जताने वालों के साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है।
पत्र में पाकिस्तान में पत्रकारों को धमकाने, उनका अपहरण करने और मीडिया की आवाज़ दबाने की घटनाओं पर भी गंभीर चिंता जताई गई है। सांसदों ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में अमेरिका को पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं पर सख्त कदम उठाने चाहिए।
ट्रम्प से मुलाकातें भी चर्चा में
रिपोर्टों के अनुसार, साल 2025 में आर्मी चीफ आसिम मुनीर दो बार डोनाल्ड ट्रम्प से मिले।
पहली मुलाकात 18 जून को व्हाइट हाउस में लंच के दौरान हुई, जो बंद कमरे में आयोजित की गई थी। इस दौरान व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन भी हुआ।
इसके बाद सितंबर में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मुनीर ने फिर ट्रम्प से करीब 80 मिनट तक बातचीत की थी। इन मुलाकातों ने अमेरिकी राजनीतिक हलकों में और भी सवाल खड़े किए हैं।
अमेरिकी सांसदों का मानना है कि पाकिस्तान में सेना और सरकार मिलकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं, इसलिए अमेरिका को तुरंत कड़ी कार्रवाई पर विचार करना चाहिए।






















