AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 75 वर्षीय वरिष्ठ ज्वेलर गिर्धारी लाल की हत्या एक ऐसे युवक ने कर दी, जिसे समाज में एक पढ़ा-लिखा और सामान्य परिवार का लड़का माना जाता था। आरोपी अंकित गुप्ता MCA डिग्री होल्डर है और उसकी उम्र लगभग 28 वर्ष बताई जा रही है। देखने में साधारण लगने वाले इस युवक के भीतर एक ऐसी कहानी चल रही थी, जिसका अंत एक दर्दनाक अपराध में हुआ।
● कर्ज में डूबा युवक, वजह—ऑनलाइन सट्टे और गेमिंग ऐप्स की लत
पुलिस जांच में सामने आया कि अंकित लंबे समय से ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग एप्स पर पैसे लगा रहा था। शुरुआत में उसे छोटे-मोटे लाभ भी मिले, जिससे उसका भरोसा इन ऐप्स पर और बढ़ गया। लेकिन जैसे-जैसे वह बड़े दांव लगाने लगा, नुकसान बढ़ता गया।
कुछ ही महीनों में उसका घाटा लाखों में पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक, उस पर करीब 15–20 लाख रुपये का कर्ज था—जिसमें ऑनलाइन लोन ऐप्स, दोस्तों से उधार और डिजिटल भुगतान शामिल थे।
आजकल कई ऐप ऐसे हैं, जिनमें ‘जल्दी पैसा दोगुना’ करने का लालच दिया जाता है। अंकित भी इसी जाल में फंस गया। वह कर्ज के बोझ से दब चुका था और उसे समझ नहीं आ रहा था कि पैसा कैसे लौटाए। इसी दबाव में उसने लूट को अपराध का रास्ता चुना।
● ज्वेलरी शॉप को निशाना क्यों बनाया?
मोदीनगर के बाजार में स्थित “गिर्धारी लाल ज्वेलर्स” एक पुरानी और भरोसेमंद दुकान है। दुकान के आसपास के लोग बताते हैं कि वहां सुबह दुकान खुलने के तुरंत बाद कम भीड़ होती है। पुलिस के अनुसार, अंकित कई दिनों से दुकान के आसपास घूमता हुआ दिखाई दिया था।
जांच में यह भी पता चला कि उसने सोशल मीडिया और YouTube पर 25 से अधिक लूट और चोरी के वीडियो देखे थे—कैसे वारदात को अंजाम दिया जाता है, कैसे बचा जाता है, और कौन-कौन से हथियार या सामान इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
यह भी खबर है कि आरोपी ने कुछ जरूरी सामान—जैसे मिर्ची पाउडर, चाकू आदि—ऑनलाइन ऐप से मंगवाए थे। हालांकि पुलिस ने ऐप के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
● वारदात का दिन: सुबह 8:30 बजे दुकान में घुसा आरोपी
घटना वाले दिन सुबह करीब साढ़े आठ बजे दुकान खुली ही थी। गिर्धारी लाल दुकान की पहली तैयारी कर रहे थे। तभी एक युवक—जो कैप और कपड़ा बांधे हुए था—दुकान में दाखिल हुआ।
CCTV फुटेज में दिखता है कि आरोपी कुछ ही सेकंड में अपने इरादे पर उतर आया। उसने अचानक लाल मिर्च पाउडर फेंका और दुकानदार को भ्रमित कर दिया। इसके बाद वह काउंटर पर चढ़ा और चाकू जैसे हथियार से लगातार कई वार किए।
गिर्धारी लाल के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और उनका बेटा तुरंत दौड़ पड़ा। अंकित घबराकर भागने लगा, लेकिन लोगों ने 30–40 मीटर की दूरी पर ही उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
● पुलिस ने बरामद किए हथियार
अंकित के बैग से पुलिस ने एक चाकू और एक नकली पिस्तौल (toy gun) बरामद की। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूरी वारदात को पहले से प्लान किया था।
उसके मोबाइल से ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और लोन ऐप्स के कई लिंक भी मिले हैं।
● परिवार और पड़ोसी भी स्तब्ध
अंकित का परिवार इस घटना के बाद सदमे में है। पड़ोसियों का कहना है कि वह शांत और पढ़ा-लिखा लड़का था, कभी किसी विवाद में नहीं पड़ा।
किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि ऑनलाइन सट्टे और गेमिंग ऐप्स की लत उसे अपराध की दुनिया में धकेल देगी।
यह मामला समाज को यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि ऑनलाइन बेटिंग और जल्दी पैसा कमाने की आदत किस तरह युवाओं को मानसिक दबाव, कर्ज और अपराध की ओर धकेल रही है।
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● मोबाइल की दुनिया में बढ़ता ऑनलाइन जुआ—युवाओं के लिए बड़ा खतरा
हाल के महीनों में देशभर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां युवा ऑनलाइन रमी, बेटिंग, Aviator और फैंटेसी गेम्स पर पैसे हारकर कर्ज में डूब गए।
कोई घर के जेवर चुरा लेता है
कोई परिवार से पैसे मांगता है
कोई अपराध कर बैठता है
और कई मामलों में आत्महत्या तक की नौबत आ चुकी है
मोदीनगर की यह घटना चेतावनी देती है कि अगर समय रहते इन ऐप्स पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
● पुलिस का बयान
मोदीनगर पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपने बयान में कहा है कि वह “कर्ज चुकाने के लिए” यह लूट करने आया था।
पुलिस ने मामले को हत्या, लूट का प्रयास और अवैध हथियार रखने की धाराओं में दर्ज किया है। कोर्ट में जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
● समाज के लिए सीख
यह घटना बताती है कि डिजिटल युग में युवा मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव का शिकार हो रहे हैं।
परिवारों को चाहिए कि—
बच्चों के मोबाइल उपयोग पर नजर रखें
वित्तीय तनाव को समझें
ऑनलाइन सट्टे जैसी खतरनाक गतिविधियों से उन्हें दूर रखें
मोदीनगर ज्वेलर की हत्या ने यह साबित कर दिया है कि ऑनलाइन सट्टे की लत सिर्फ पैसा नहीं बर्बाद करती—यह जिंदगी भी तबाह कर सकती है।
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