AIN NEWS 1: अहमदाबाद में रहने वाली एक महिला को महज़ 24 रुपये के रिफंड के बदले 87 हजार रुपये की भारी ठगी का सामना करना पड़ा। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि ऑनलाइन खरीदारी और रिफंड प्रक्रिया के दौरान ज़रा सी भी लापरवाही साइबर अपराधियों को बड़ा मौका दे सकती है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब महिला ने Zepto ऐप से सब्ज़ियों का ऑर्डर दिया था। ऑर्डर में हल्की-सी गलती हो गई, जिसके चलते उन्हें 24 रुपये वापस मिलने थे। महिला ने सोचा कि यह एक मिनट का काम होगा, इसलिए उन्होंने इंटरनेट पर Zepto का कस्टमर केयर नंबर खोजने की गलती कर दी। यहीं से पूरा मामला साइबर फ्रॉड में बदल गया।
🔹 इंटरनेट पर मिला झूठा कस्टमर केयर नंबर
जब महिला ने ऑनलाइन नंबर खोजा, तो उन्हें एक ऐसा फर्जी कस्टमर सपोर्ट नंबर मिल गया, जिसे धोखेबाज़ लोग Zepto के नाम पर चलाते हैं। उन्होंने सोचा कि यह आधिकारिक नंबर है और वह सीधे उसी पर बात कर बैठीं। दूसरी तरफ बैठे साइबर ठग ने खुद को Zepto का कर्मचारी बताया और बेहद विश्वास के साथ बात की।
🔹 व्हाट्सऐप पर भेजी गई खतरनाक APK फाइल
फ्रॉडस्टर ने कहा कि रिफंड शुरू करने के लिए महिला को एक छोटी-सी ऐप इंस्टॉल करनी होगी, जिससे रिफंड प्रोसेस फास्ट हो जाएगा। इसके बाद उसने व्हाट्सऐप के जरिए एक लिंक भेजकर CUSTOMERSUPPORT.APK नाम की फाइल डाउनलोड करने को कहा।
महिला को लगा कि यह Zepto की आधिकारिक ऐप का सपोर्ट वर्ज़न होगा, इसलिए उन्होंने बिना सोचे-समझे APK फाइल इंस्टॉल कर ली।
लेकिन यह एक स्पाई/स्क्रीन-शेयरिंग मालवेयर था।
🔹 इंस्टॉल होते ही बैंक डिटेल्स साइबर अपराधियों के पास पहुंच गईं
जैसे ही महिला ने APK इंस्टॉल किया, उनके फोन का पूरा सिस्टम ठगों के नियंत्रण में चला गया।
बैंक से जुड़े संदेश, OTP, UPI डिटेल्स – सब कुछ साइबर ठगों तक पहुँच गया।
इसके कुछ ही मिनटों में बदमाशों ने महिला के तीन अलग-अलग बैंक खातों से 87,000 रुपये उड़ा लिए। पैसे कटने की नोटिफिकेशन आते ही महिला समझ गईं कि वह बड़ी ठगी का शिकार हो चुकी हैं।
🔹 तुरंत 1930 पर कॉल कर बचाया कुछ नुकसान
महिला ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत 1930 साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन पर कॉल किया और घटना की जानकारी दी।
इसके बाद उन्होंने आसपास के पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने संबंधित बैंक को भी सूचना दी, ताकि बाकी रकम सुरक्षित रह सके।
🔹 साइबर क्राइम का नया तरीका – Fake Customer Support Scam
आजकल साइबर अपराधियों द्वारा यह तरीका सबसे तेज़ी से फैल रहा है। छोटे रिफंड, ऐप सपोर्ट या कैंसिलेशन के नाम पर लोगों से कहा जाता है कि वे कोई ऐप इंस्टॉल करें।
APK फाइलों के जरिए:
फोन की स्क्रीन रिकॉर्ड होती है
SMS और बैंक अलर्ट पढ़े जा सकते हैं
UPI ऐप कंट्रोल हो जाता है
बैंक OTP चुराये जा सकते हैं
यही कारण है कि साइबर विशेषज्ञ हमेशा कहते हैं कि किसी भी थर्ड पार्टी APK को फोन में इंस्टॉल न करें।
🔹 Zepto, Zomato, Swiggy जैसी कंपनियाँ एप के बाहर कोई ऐप इंस्टॉल नहीं करातीं
कंपनी की आधिकारिक नीति के अनुसार:
वे कभी थर्ड-पार्टी लिंक नहीं भेजते
APK डाउनलोड करने को नहीं कहते
किसी भी तरह की स्क्रीन शेयरिंग नहीं कराते
कस्टमर केयर नंबर ऐप में ही उपलब्ध होता है
इंटरनेट पर मिलने वाले ज़्यादातर नंबर फर्जी होते हैं और साइबर अपराधियों द्वारा चलाए जाते हैं।
🔹 आम लोगों के लिए सीख
यह घटना केवल एक महिला की नहीं है, बल्कि हर उस व्यक्ति की चेतावनी है जो कभी न कभी ऑनलाइन शॉपिंग करता है। कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां:
1. कस्टमर केयर नंबर हमेशा ऐप या वेबसाइट के अंदर से ही लें।
2. किसी भी APK फाइल को डाउनलोड न करें।
3. व्हाट्सऐप पर आए किसी लिंक पर क्लिक न करें।
4. किसी अनजान व्यक्ति को स्क्रीन शेयरिंग न दें।
5. रिफंड के नाम पर बैंक डिटेल्स शेयर न करें।
6. ठगी होते ही तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
🔹 महिला का संदेश: “24 रुपये के लिए 87 हजार गंवा दिए”
पीड़ित महिला ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक छोटा-सा रिफंड इस तरह के बड़े नुकसान में बदल सकता है। उन्होंने अपने अनुभव के जरिए बाकी लोगों को सावधान रहने की सलाह दी, ताकि कोई और इस तरह की ठगी का शिकार न बने।
In a shocking case from Ahmedabad, a woman lost ₹87,000 while attempting to claim a simple ₹24 refund from Zepto. Cybercriminals tricked her using a fake customer support number and a malicious APK file, leading to a major cyber fraud incident. This incident highlights the rising threat of APK scams, WhatsApp fraud, and fake customer support numbers targeting online shopping users across India. Understanding cyber safety, identifying genuine support channels, and avoiding unauthorized downloads are essential to prevent refund scams and digital payment fraud.


















