AIN NEWS 1: दिल्ली में लगातार खराब हो रही हवा को लेकर आम लोग, विशेषज्ञ और प्रशासन सभी चिंतित हैं। बढ़ते प्रदूषण के बीच राजधानी को सेफ और रहने लायक बनाने के लिए सरकार की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए पर्यावरण विभाग और प्रशासनिक इकाइयों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए साफ कहा कि दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण के हर छोटे-बड़े कारण पर नियंत्रण करने के प्रयासों में लगातार सक्रिय है। उनका कहना है कि खुले में कूड़ा और कचरा जलाना राजधानी की हवा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले कारकों में से एक है, इसलिए इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि ओपन बर्निंग पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसकी निगरानी को और मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्यावरण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी इलाके में खुले में आग जलती दिखे तो त्वरित कार्रवाई करें। इसके साथ ही जिला प्रशासन और दिल्ली नगर निगम (MCD) को भी यह अधिकार प्रदान किया गया है कि वे खुले में कचरा जलाने वाले लोगों पर सख्त जुर्माना लगाए। यह जुर्माना अधिकतम ₹5000 तक हो सकता है। सरकार का मानना है कि जब तक प्रशासनिक सख्ती नहीं होगी, तब तक लोग इस नुकसानदायक आदत को बंद नहीं करेंगे।
सीएम रेखा गुप्ता ने लोगों से एक विशेष अपील भी की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की हवा तभी साफ होगी जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे। खुले में कचरा जलाना न केवल वातावरण को जहरीला बनाता है, बल्कि आस-पास मौजूद लोगों की सेहत को भी भारी नुकसान पहुंचाता है। धुएं में मौजूद जहरीले कण सांस की बीमारियों, एलर्जी, आंखों में जलन और बच्चों-बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की हवा को सुधारना केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों का सहयोग भी बेहद महत्वपूर्ण है। उनका संदेश बिल्कुल सरल और स्पष्ट था—आपका छोटा सा सहयोग दिल्ली की हवा में बड़ा बदलाव ला सकता है। यदि नागरिक खुद जागरूक रहेंगे, गंदगी नहीं फैलाएंगे और कचरे को सही स्थान पर डालेंगे, तो राजधानी के वातावरण को काफी हद तक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
दिल्ली में हर साल सर्दी के मौसम में हवा की गुणवत्ता गिर जाती है। हवा की गति कम होने से प्रदूषण फैलता नहीं और वातावरण में जमा रहता है। ऐसे में छोटे-छोटे प्रदूषण के स्रोत भी बड़ी समस्या बन जाते हैं। सरकार ने इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए, इस बार प्रदूषण के हर संभावित स्रोत पर पहले से निगरानी बढ़ा दी है।
खुले में कचरा जलाने से निकलने वाला धुआं PM2.5 और PM10 कणों की मात्रा को खतरनाक स्तर तक बढ़ा देता है। यही कण फेफड़ों में जाकर बीमारी बढ़ाते हैं। सीएम रेखा गुप्ता का कहना है कि जब तक इन बुनियादी कारणों को खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक दिल्ली की हवा को स्वस्थ नहीं बनाया जा सकता।
इस अभियान के तहत नगर निगम ने कई टीमें तैयार की हैं जो शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं। जहां कहीं भी आग या धुआं दिखता है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही आसपास के लोगों को जागरूक किया जाता है कि वे इस तरह की गतिविधियों में शामिल न हों।
सरकार ने यह भी बताया कि यदि कोई नागरिक खुले में कचरा जलाते हुए किसी को देखता है, तो वह इसकी शिकायत तुरंत हेल्पलाइन पर कर सकता है। अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
सीएम की यह पहल दिल्ली की हवा को साफ करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह कदम न केवल प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ाता है, बल्कि लोगों को भी अपने वातावरण और स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देता है।
अंत में सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली का भविष्य तभी सुरक्षित होगा जब हम सभी मिलकर काम करेंगे। सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, अब नागरिकों का भी कर्तव्य है कि वे नियमों का पालन करें और प्रदूषण कम करने में मदद करें।
दिल्ली की हवा को बेहतर बनाने के लिए समय आ गया है कि हर व्यक्ति जागरूक बनकर एक जिम्मेदार कदम उठाए। खुले में कचरा जलाना बंद करें, और अगर कहीं ऐसा देखा जाए तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। यह कदम न सिर्फ पर्यावरण की रक्षा करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करेगा।
Delhi CM Rekha Gupta has enforced a strict ban on open burning to control rising air pollution in the city. With the authority given to MCD and district administration to impose fines up to ₹5000, the government aims to reduce pollution sources and protect public health. This initiative focuses on curbing waste burning, improving air quality, and creating a cleaner environment for Delhi residents.


















