AIN NEWS 1: उत्तर भारत इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। शनिवार सुबह दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में ऐसा घना कोहरा छाया रहा कि सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया। कई इलाकों में दृश्यता घटकर मात्र 50 से 100 मीटर रह गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर सीधा असर पड़ा। मौसम विभाग (IMD) ने इसे लेकर पहले ही चेतावनी जारी की थी और अब अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है।
दिल्ली-एनसीआर में हालात सबसे ज्यादा प्रभावित
राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे इलाकों में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। सुबह-सुबह ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आए और एक्सप्रेसवे पर स्पीड बेहद कम रखनी पड़ी।
कोहरे की वजह से सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरत घर से न निकलें और वाहन चलाते समय फॉग लाइट व लो बीम का इस्तेमाल करें।
उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भी कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। खासकर पश्चिमी यूपी और हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर ज्यादा देखा जा रहा है।
किसानों के लिए यह मौसम चिंता का विषय बन गया है। कोहरे और अत्यधिक ठंड के कारण फसलों पर पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को पाले से बचाने के लिए आवश्यक उपाय अपनाएं।
पहाड़ी राज्यों में सर्दी ने तोड़े रिकॉर्ड
मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी ठंड ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। बद्रीनाथ धाम के पास स्थित ऋषिगंगा नदी पूरी तरह जम चुकी है, जो इस बात का संकेत है कि वहां सर्दी कितनी गंभीर हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार ठंड सामान्य से कहीं ज्यादा है। रात के समय तापमान माइनस में पहुंचने के कारण पानी की पाइपलाइन तक जम जा रही हैं, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
ऋषिगंगा नदी का जमना बना चर्चा का विषय
बद्रीनाथ क्षेत्र में ऋषिगंगा नदी का पूरी तरह जम जाना न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों के लिए भी हैरानी का विषय है। आमतौर पर इतनी जल्दी नदी का जम जाना दुर्लभ माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी हवाओं की वजह से ठंड में अचानक बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जमी हुई नदी या बर्फीले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचें, क्योंकि इससे हादसों का खतरा बढ़ सकता है।
IMD का येलो अलर्ट: सतर्क रहने की सलाह
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि मौसम सामान्य से ज्यादा खराब रह सकता है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
IMD के अनुसार:
सुबह और देर रात घना कोहरा रहेगा
तापमान में और गिरावट संभव
ठंडी हवाओं से शीत लहर का असर बढ़ेगा
विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव की सलाह दी गई है।
यातायात और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर
घने कोहरे और ठंड की वजह से ट्रेनें और फ्लाइट्स भी प्रभावित हो रही हैं। कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जबकि कुछ उड़ानों के समय में भी बदलाव किया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपने सफर की जानकारी जरूर जांच लें।
स्कूलों के समय में भी कई जगह बदलाव किया गया है। कुछ जिलों में प्राथमिक कक्षाओं के समय को आगे बढ़ा दिया गया है ताकि बच्चों को सुबह की कड़ाके की ठंड से बचाया जा सके।
आने वाले दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर भारत में ठंड और कोहरा बने रहने की संभावना है। हालांकि, दिन के समय धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन रात और सुबह की ठंड फिलहाल परेशानी बढ़ाएगी।
लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे गर्म कपड़े पहनें, खुले में अलाव जलाने में सावधानी बरतें और मौसम से जुड़ी आधिकारिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।
North India is currently experiencing an intense winter spell marked by a severe cold wave and dense fog, significantly impacting daily life and transportation. Visibility in Delhi NCR has dropped drastically, while extreme cold in Uttarakhand has frozen the Rishi Ganga River near Badrinath. The India Meteorological Department (IMD) has issued a yellow alert, warning residents of continued foggy mornings and falling temperatures across several northern states.



















