घर पर नकद (कैश) रखने पर टैक्स: 84% टैक्स और नियमों की पूरी सच्चाई!

0
166

AIN NEWS 1: आज कई लोगों के बीच यह भ्रम फैल रहा है कि अगर घर पर नकद (कैश) रखा है तो सरकार उस पर 84% तक टैक्स और पेनल्टी लगा सकती है। यह दावा सोशल मीडिया और वायरल खबरों में खूब देखा जा रहा है। लेकिन टैक्स विशेषज्ञों की बात करें तो सिर्फ कैश रखने से कोई टैक्स नहीं लगता, बल्कि नियम कुछ अलग-ही स्थिति में लागू होते हैं।

1. घर पर नकद रखना: क्या यह अवैध या टैक्स-योग्य है?

सबसे पहले यह बात समझना ज़रूरी है कि भारत के Income Tax Act के तहत घर पर नकदी रखना कानूनी रूप से गलत नहीं है। जब तक यह नकदी आपकी वैध आय से जुड़ी है और इसका स्रोत स्पष्ट रूप से बताया जा सकता है, तब तक सरकार उस पर टैक्स या जुर्माना नहीं लगाती।

लोगों को डर इस लिए लगता है क्योंकि कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह बताया गया कि अगर आप घर पर बड़ी मात्रा में कैश रखते हैं तो उस पर 78% से 84% तक टैक्स लगाया जा सकता है। लेकिन असल में यह टैक्स सीधे “घर पर कैश रखने” पर नहीं लगता, बल्कि तब लगता है जब वह कैश आपके द्वारा घोषित आय या दस्तावेज़ों के साथ मेल नहीं खाता।

2. ‘अस्पष्टीकृत आय’ (Unexplained Income) का मतलब

यदि टैक्स विभाग को लगता है कि आपके पास मौजूद नकदी का स्रोत स्पष्ट नहीं है या आपने उसे अपनी आय-कर रिटर्न (ITR) में घोषित नहीं किया है, तो यह राशि ‘अस्पष्टीकृत आय’ मानी जा सकती है। इस स्थिति में टैक्स अधिकारियों के पास कानून के तहत उस राशि पर टैक्स और पेनल्टी लगाने का अधिकार होता है।

आयकर विभाग की धाराओं के तहत, यदि नकदी का स्रोत न बताया जाए और वह आपकी घोषित आय के अनुरूप न हो, तो उसे Unexplained Cash मान लिया जाता है। ऐसे मामलों में टैक्स की गणना अलग तरह से की जाती है।

3. 78% टैक्स कैसे बनता है?

जब कोई राशि अस्पष्टीकृत आय मानी जाती है, तो टैक्स विभाग Section 115BBE के तहत उस पर टैक्स लागू करता है। इसमें शामिल होते हैं:

बेस टैक्स: 60%

सरचार्ज: 25% (60% पर)

सेस: 4%

इन सब को मिलाकर कुल प्रभावी टैक्स लगभग 78% बन जाता है। इसके बाद इससे जुड़े अन्य नियम और पेनल्टी भी लग सकती हैं।

4. 78% टैक्स बढ़कर 84% कैसे होता है?

कुछ मामलों में यह टैक्स और भी बढ़कर लगभग 84% हो सकता है। इसका कारण होती है एक अतिरिक्त पेनल्टी, जो Section 271AAC के तहत लगाई जा सकती है जब विभाग यह तय करता है कि आपने नकदी का स्रोत जानबूझकर नहीं बताया। इस पेनल्टी की वजह से कुल टैक्स दर लगभग 84% तक पहुँचती है।

5. किन स्थितियों में 84% टैक्स लागू हो सकता है?

84% तक का भारी टैक्स तब लगता है जब:

1. नकदी का स्रोत स्पष्ट नहीं बताया गया हो

2. नकदी आपकी ITR में घोषित न हो

3. टैक्स छापे (Search), सर्वे या असाइनमेंट के दौरान यह नकद पाया गया हो

4. नकदी आय के किसी वैध स्रोत से जुड़ी हुई न दिखे

इन सभी स्थितियों में विभाग का मानना होता है कि यह ‘Unexplained Cash’ है और टैक्स कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

6. आम जनता को क्या सावधानियां रखनी चाहिए?

सामान्य करदाता — जैसे वेतनभोगी, छोटे व्यवसायी या गृहिणियाँ — यदि वे:

अपने बैंक स्टेटमेंट

आय-कर रिटर्न में अपनी आमदनी दर्ज रखते हैं

नकदी की निकासी और उपयोग का रिकॉर्ड रखते हैं

तो उन्हें टैक्स विभाग की किसी कार्रवाई से डरने की जरूरत नहीं है। सिर्फ कैश रखने से टैक्स नहीं लगता, बशर्ते वह राशि वैध स्रोत से आई हो और उसके दस्तावेज़ उपलब्ध हों।

7. कैश ट्रांजैक्शन और अन्य नियम

आयकर कानून में कुछ अन्य प्रावधान भी हैं, जैसे कि कुछ नकद ट्रांजैक्शनों की सीमाएं। उदाहरण के लिए, अगर किसी एक व्यक्ति को नकद में ₹20,000 से अधिक भुगतान किया जाता है, तो उसके लिए अलग नियम लागू हो सकते हैं, और पेनल्टी भी लग सकती है।

8. डरने की नहीं, समझने की जरूरत

अंत में यह कहना सही होगा कि घर पर नकद रखने पर टैक्स नहीं लगता, बस यह ध्यान रखें कि उस नकदी का स्रोत साफ-सुथरा और वैध होना चाहिए। अगर आप आय-कर नियमों के अनुरूप अपनी आय और नकदी के स्रोत को दर्ज रखते हैं, तो किसी भी भारी टैक्स या पेनल्टी का सामना नहीं करना पड़ेगा। टैक्स कानून का उद्देश्य गुप्त आय पर नियंत्रण रखना है, न कि सामान्य घरेलू नकदी को डराना।

Keeping cash at home in India does not automatically trigger a tax unless it is treated as unexplained income under the Income Tax Act, and then a high 84% tax penalty may apply. It’s important to understand tax on cash at home, Income Tax cash rules, and how to prove the source of cash to avoid heavy penalties.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here