AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से सोशल मीडिया के दुरुपयोग और कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। थाना सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पुलिस के खिलाफ भड़काऊ भाषा और हिंसक धमकी देने का आरोप है। आरोपी की पहचान इरफान पुत्र सुबेदीन के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 40 वर्ष बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, इरफान मदीना मस्जिद, मोहल्ला महमूदनगर, गली नंबर-06 का रहने वाला है और मस्जिद में मुअज्जिन के तौर पर काम करता है। आरोपी को उसके ही मोहल्ले महमूदनगर से गिरफ्तार किया गया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आपत्तिजनक वीडियो
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब 11 दिसंबर 2025 को थाना सिविल लाइन पुलिस को सूचना मिली कि सोशल मीडिया अकाउंट bhadash 4 tv (@aiacc12334) से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक व्यक्ति खुलेआम पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करता दिखाई दे रहा है।
वीडियो में आरोपी बेहद आक्रोशित अवस्था में नजर आता है और कथित तौर पर एक दरोगा के लिए धमकी भरे शब्द कहता है। वीडियो में सुना जा सकता है कि वह कह रहा है
“साले का तो जी कर रहा है नाड़ काट दू साले की।”
वीडियो में यह भी स्पष्ट दिखता है कि आसपास मौजूद कुछ लोग उसे शांत कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह लगातार उत्तेजित रहता है और अपनी भाषा पर कोई संयम नहीं बरतता।
पुलिस ने तुरंत लिया संज्ञान
जैसे ही यह वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया, थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच की, आरोपी की पहचान सुनिश्चित की और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी इरफान को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि आरोपी को नियमानुसार हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और फिर उसका चालान कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
कानून-व्यवस्था के लिए खतरा माना गया कृत्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की भाषा और धमकी न केवल पुलिस बल के मनोबल को ठेस पहुंचाती है, बल्कि समाज में भय और तनाव का माहौल भी पैदा कर सकती है। सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से हिंसा की धमकी देना कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस तरह के मामलों में सख्ती इसलिए जरूरी है ताकि समाज में यह संदेश जाए कि कानून हाथ में लेने या सार्वजनिक मंचों पर भड़काऊ बयान देने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर पुलिस की सख्त नजर
इस घटना के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ करें। किसी भी प्रकार की भड़काऊ, हिंसक या अफवाह फैलाने वाली सामग्री को न तो साझा करें और न ही उसका समर्थन करें।
पुलिस ने कहा है कि यदि किसी को सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था से जुड़ा कोई संदिग्ध वीडियो, पोस्ट या संदेश दिखाई देता है, तो उसकी जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस हेल्पलाइन को दें। समय पर दी गई सूचना से किसी भी बड़ी घटना को रोका जा सकता है।
धार्मिक पहचान के आधार पर नहीं, कानून के आधार पर कार्रवाई
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में की गई कार्रवाई पूरी तरह से कानून के तहत है और इसका किसी की धार्मिक पहचान से कोई लेना-देना नहीं है। कानून सभी के लिए समान है और जो भी व्यक्ति सार्वजनिक रूप से हिंसा भड़काने या धमकी देने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
समाज में जिम्मेदारी और संयम की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में शब्दों की जिम्मेदारी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। गुस्से या आवेश में कही गई बात न केवल कानूनी मुसीबत बन सकती है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
मुजफ्फरनगर की यह घटना एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अभिव्यक्ति की आज़ादी के साथ-साथ मर्यादा और कानून का पालन भी उतना ही जरूरी है।
Muzaffarnagar Police have taken strict action in a law and order case after arresting a mosque muezzin for allegedly threatening a police officer in a viral social media video. The incident highlights growing concerns over hate speech, misuse of social media platforms, and public safety in Uttar Pradesh. Authorities have urged citizens to act responsibly online and report any inflammatory or suspicious content to the police.



















