AIN NEWS 1: पश्चिम बंगाल में गूगल मैप पर भरोसा करना एक दंपती को उस वक्त भारी पड़ गया, जब उनका सफर अचानक एक खतरनाक हादसे में बदल गया। धनबाद से बांकुड़ा लौट रहे पति-पत्नी ने जैसे ही गूगल मैप द्वारा बताए गए रास्ते को फॉलो किया, वे अनजाने में एक घने जंगल के बीच जा पहुंचे। वहां न सड़क थी, न कोई मदद — और देखते ही देखते उनकी महिंद्रा थार कार आग की लपटों में घिर गई।
हालांकि राहत की बात यह रही कि दोनों समय रहते कार से बाहर निकल गए और उनकी जान बच गई, लेकिन उनकी थार पूरी तरह जलकर राख हो गई। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या आंख मूंदकर गूगल मैप पर भरोसा करना सुरक्षित है?
कैसे शुरू हुआ सफर और कहां हुई चूक?
जानकारी के मुताबिक, यह दंपती झारखंड के धनबाद से पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले की ओर लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने अपने मोबाइल फोन में गूगल मैप की मदद ली ताकि वे जल्दी और आसान रास्ते से घर पहुंच सकें।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ किलोमीटर बाद गूगल मैप ने उन्हें एक ऐसे रास्ते पर मोड़ दिया, जो मुख्य सड़क से अलग था। यह रास्ता धीरे-धीरे सुनसान होता गया और कुछ ही देर में वे एक घने जंगल के अंदर पहुंच गए।
जंगल में फंसी थार, न नेटवर्क न मदद
जंगल के भीतर पहुंचने के बाद रास्ता बेहद कच्चा और संकरा हो गया। चारों तरफ पेड़-पौधे थे और मोबाइल नेटवर्क भी लगभग खत्म हो चुका था। थार आगे बढ़ती रही, लेकिन कुछ दूरी पर कीचड़ और उबड़-खाबड़ जमीन के कारण गाड़ी फंस गई।
दंपती ने गाड़ी को निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। लगातार एक्सीलेटर देने से इंजन पर दबाव बढ़ता गया, जिससे गाड़ी का तापमान तेजी से ऊपर चढ़ने लगा।
अचानक लगी आग, मच गई अफरा-तफरी
इंजन के अधिक गर्म होने के कुछ ही मिनट बाद थार के बोनट से धुआं निकलने लगा। इससे पहले कि दंपती कुछ समझ पाते, कार में आग लग गई। हालात को भांपते हुए दोनों तुरंत गाड़ी से बाहर कूदे और सुरक्षित दूरी बना ली।
कुछ ही पलों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। जंगल के बीच खड़ी थार धू-धू कर जलने लगी और देखते ही देखते वह पूरी तरह राख में तब्दील हो गई।
दंपती सुरक्षित, लेकिन सदमे में
हालांकि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह अनुभव दंपती के लिए बेहद डरावना था। जंगल के बीच खड़े होकर अपनी गाड़ी को जलते देखना किसी भी इंसान के लिए सदमे से कम नहीं होता।
काफी देर बाद स्थानीय लोगों और वन क्षेत्र के कर्मचारियों की मदद से दंपती को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में पुलिस और प्रशासन को भी इस घटना की जानकारी दी गई।
गूगल मैप पर आंख मूंदकर भरोसा कितना सही?
यह घटना कोई पहली नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां गूगल मैप की गलत या अधूरी जानकारी लोगों को खतरनाक रास्तों पर ले गई।
कई बार मैप ऐसे कच्चे, बंद या जंगल वाले रास्तों को भी शॉर्टकट दिखा देता है, जो आम वाहनों के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं होते। खासतौर पर रात के समय या अनजान इलाकों में यह खतरा और बढ़ जाता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
यात्रा और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि गूगल मैप सिर्फ एक सहायक टूल है, अंतिम फैसला हमेशा ड्राइवर को ही लेना चाहिए। अगर रास्ता ज्यादा सुनसान, कच्चा या संदिग्ध लगे तो बेहतर है कि स्थानीय लोगों से पूछताछ कर ली जाए या मुख्य सड़क से ही सफर किया जाए।
इसके अलावा, जंगल या पहाड़ी इलाकों में सफर करते समय वाहन की स्थिति, ईंधन, नेटवर्क और मौसम की जानकारी रखना बेहद जरूरी है।
इस घटना से क्या सीख मिलती है?
इस हादसे से हमें कई अहम सबक मिलते हैं:
गूगल मैप पर पूरी तरह निर्भर न रहें
अनजान और सुनसान रास्तों से बचें
जंगल या ग्रामीण इलाकों में दिन के समय यात्रा करें
वाहन का तापमान और तकनीकी स्थिति पर नजर रखें
आपात स्थिति में तुरंत गाड़ी छोड़कर सुरक्षित जगह जाएं
थार जैसी दमदार गाड़ी भी नहीं बचा सकी जान-माल
महिंद्रा थार को एक मजबूत और ऑफ-रोड गाड़ी माना जाता है, लेकिन यह घटना दिखाती है कि तकनीक और परिस्थितियों के सामने कोई भी गाड़ी कमजोर पड़ सकती है। सही फैसला और सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
A shocking incident in West Bengal highlights the dangers of blindly following GPS navigation. A couple traveling from Dhanbad to Bankura relied on Google Maps, which directed them to a wrong route through a dense forest. Their Mahindra Thar got stuck, overheated, and eventually caught fire, burning completely. Although the couple survived without injuries, the incident raises serious concerns about Google Maps errors, wrong routes, and road safety in remote areas of India.


















