AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के कस्बा सिकंदराराऊ में नाबालिग किशोरी से छेड़छाड़ की एक शर्मनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को आक्रोशित किया, बल्कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना से इलाके में मचा हड़कंप
यह मामला उस समय सामने आया जब एक नाबालिग लड़की रोज़ की तरह सुबह अपने छोटे भाई को स्कूल छोड़ने गई थी। भाई को स्कूल छोड़ने के बाद जब वह अकेली वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में एक युवक ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। शुरुआत में लड़की ने इस पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ ही दूरी पर युवक ने उसकी राह रोक ली।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी युवक ने उससे अशोभनीय बातें कीं और जब उसने विरोध किया, तो वह और अधिक आक्रामक हो गया। आरोपी ने न केवल उसे डराने की कोशिश की, बल्कि जबरन उसे गोद में उठाकर ले जाने लगा। यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वायरल वीडियो बना कार्रवाई की वजह
घटना का वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग शुरू कर दी। मामला तूल पकड़ता देख पुलिस प्रशासन हरकत में आया और तुरंत जांच शुरू की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान की गई और उसकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आरोपी को किसी भी हाल में जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
10 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
पुलिस की सक्रियता का नतीजा यह रहा कि घटना के महज 10 घंटे के भीतर आरोपी युवक को पकड़ लिया गया। आरोपी की पहचान जीशान के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, जिसके चलते पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ की स्थिति भी बनी।
हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि आरोपी को सुरक्षित हिरासत में लिया गया है और मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़, नाबालिग से अपराध और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पीड़िता का बयान और परिवार की मांग
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपी ने पहले उससे आपत्तिजनक शब्दों में बात की और फिर जब उसने विरोध किया, तो उसे जबरन उठा लिया। लड़की के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटने लगे, तभी आरोपी मौके से फरार हो गया।
पीड़िता के परिवार ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि अगर वीडियो सामने नहीं आता, तो शायद आरोपी बच निकलता। उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की है कि नाबालिग की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मामले की सुनवाई तेज़ की जाए।
पुलिस प्रशासन का बयान
हाथरस पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता को पूरा न्याय मिलेगा और आरोपी को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।
पुलिस ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मामले को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और ऐसे अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि नाबालिग लड़कियां आज भी सार्वजनिक स्थानों पर कितनी सुरक्षित हैं। स्कूल जाने-आने जैसे सामान्य कामों के दौरान भी इस तरह की घटनाएं सामने आना समाज के लिए चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए और ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी ही समाधान नहीं है। ऐसे मामलों में समाज को भी जागरूक होना होगा। माता-पिता, स्कूल और प्रशासन को मिलकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने होंगे।
हाथरस की यह घटना भले ही एक आरोपी की गिरफ्तारी के साथ फिलहाल थमी हो, लेकिन यह सवाल छोड़ गई है कि क्या हम अपने बच्चों को सच में सुरक्षित माहौल दे पा रहे हैं?
A shocking harassment case from Hathras district in Uttar Pradesh has drawn widespread attention after a video went viral on social media. The incident took place in Sikandrarao area, where a minor girl was followed, harassed, and forcefully picked up by the accused. Prompt action by Hathras police led to the arrest of the accused within 10 hours. The case highlights growing concerns over women safety and crime against minors in Uttar Pradesh.


















