AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के शामली जिले से सामने आई यह घटना इंसानियत को झकझोर देने वाली है। कांधला थाना क्षेत्र के एक गांव में घरेलू विवाद ने ऐसा भयावह रूप ले लिया कि एक शख्स ने अपनी ही पत्नी और दो नाबालिग बेटियों की जान ले ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विवाद की जड़ बुर्का पहनने को लेकर हुई कहासुनी थी, जो धीरे-धीरे हिंसा में बदल गई और अंततः तीन जिंदगियों के खात्मे पर जाकर रुकी।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक आरोपी पति का नाम फारुख है। वह अपनी पत्नी पर लगातार बुर्का पहनने का दबाव बना रहा था। इसी बात को लेकर घर में लंबे समय से तनाव चल रहा था। मंगलवार को यह विवाद इतना बढ़ गया कि फारुख ने गुस्से में आकर अपनी पत्नी और दो नाबालिग बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने वारदात को छिपाने के लिए तीनों शवों को घर के आंगन में बने सेप्टिक टैंक में दफना दिया।
कैसे खुला राज?
गांव में जब काफी समय तक महिला और उसकी बेटियां नजर नहीं आईं, तो पड़ोसियों को शक हुआ। कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि घर में असामान्य गतिविधियां हो रही हैं। सूचना मिलते ही कांधला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फारुख से पूछताछ शुरू की। कड़ाई से की गई पूछताछ में फारुख टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
सेप्टिक टैंक से बरामद हुए शव
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मंगलवार देर शाम घर के आंगन में बने सेप्टिक टैंक की खुदाई कराई। खुदाई के दौरान वहां से महिला और उसकी दो नाबालिग बेटियों के शव बरामद हुए। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और ग्रामीण भी सन्न रह गए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि हत्या के तरीके और समय को लेकर स्पष्ट जानकारी मिल सके।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी फारुख को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला घरेलू हिंसा और कट्टर सोच के खतरनाक नतीजों को दिखाता है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है—चाहे वह पारिवारिक पृष्ठभूमि हो, आरोपी की मानसिक स्थिति हो या पहले से चल रहे घरेलू विवाद।
गांव में मातम और गुस्सा
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार बाहर से सामान्य नजर आता था, लेकिन अंदर ही अंदर हालात इतने बिगड़ चुके थे, इसका किसी को अंदाजा नहीं था। लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि अगर समय रहते घरेलू विवादों पर ध्यान दिया जाता, तो शायद तीन मासूम जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।
समाज के लिए गंभीर चेतावनी
यह घटना सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। जब धार्मिक या सामाजिक दबाव रिश्तों पर हावी हो जाते हैं और संवाद की जगह हिंसा ले लेती है, तो नतीजे बेहद खौफनाक हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर काउंसलिंग, सामाजिक हस्तक्षेप और कानूनी मदद बेहद जरूरी होती है।
बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
इस हत्याकांड ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दो नाबालिग बेटियां, जिनकी दुनिया अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई थी, उन्हें अपने ही पिता की हिंसा का शिकार होना पड़ा। यह सवाल उठता है कि परिवार के भीतर होने वाली हिंसा को समय रहते कैसे पहचाना जाए और कैसे रोका जाए।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और मामले की चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए मजबूत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
The Shamli triple murder case in Uttar Pradesh has shocked the nation, highlighting the dark side of domestic violence and extreme family disputes. According to police, a man allegedly killed his wife and two minor daughters over a burqa-related argument and concealed their bodies in a septic tank. This Uttar Pradesh crime news raises serious concerns about women’s safety, child protection, and the urgent need to address domestic conflicts before they turn fatal.


















