Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सुझाव: अक्टूबर से जनवरी तक एमसीडी टोल हटाने की सलाह!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में हर साल सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण गंभीर रूप ले लेता है। जैसे-जैसे अक्टूबर का महीना शुरू होता है, राजधानी की हवा में ज़हर घुलने लगता है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। इसी बढ़ते प्रदूषण संकट को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम सुझाव दिया है, जिसे अगर लागू किया जाता है तो दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को राहत मिल सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया है कि अगले साल 1 अक्टूबर से 31 जनवरी तक एमसीडी टोल वसूली न करने का प्रयास किया जाए। कोर्ट का मानना है कि टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम प्रदूषण बढ़ाने की एक बड़ी वजह हैं। खासतौर पर दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर स्थित एमसीडी टोल प्लाजा का उदाहरण कोर्ट के सामने रखा गया, जहां आए दिन घंटों लंबा जाम देखने को मिलता है।

टोल प्लाजा और प्रदूषण का सीधा संबंध

कोर्ट में यह बात रखी गई कि जब हजारों वाहन टोल प्लाजा पर रुकते हैं या धीमी रफ्तार में चलते हैं, तो उनकी गाड़ियां लगातार धुआं छोड़ती रहती हैं। कार, बस, ट्रक, मोटरसाइकिल और ऑटो जैसे वाहन लंबे समय तक एक ही जगह खड़े रहते हैं, जिससे कार्बन उत्सर्जन कई गुना बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, एक चलती हुई गाड़ी की तुलना में रुकी हुई या रेंगती हुई गाड़ी अधिक प्रदूषण फैलाती है। टोल प्लाजा पर यही स्थिति बनती है। सर्दियों में जब हवा की गति कम होती है, तब यह धुआं वातावरण में ही ठहर जाता है और स्मॉग की समस्या पैदा करता है।

दिल्ली-गुरुग्राम टोल प्लाजा बना बड़ा सिरदर्द

दिल्ली-गुरुग्राम एमसीडी टोल प्लाजा को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। यहां रोजाना हजारों वाहन आते-जाते हैं। पीक आवर्स में हालत इतनी खराब हो जाती है कि वाहन चालकों को एक-एक घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।

कोर्ट को बताया गया कि इस जाम की वजह से सिर्फ समय और ईंधन की बर्बादी नहीं होती, बल्कि आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को जहरीली हवा में सांस लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

सुप्रीम कोर्ट की मंशा क्या है?

सुप्रीम कोर्ट का यह सुझाव आदेश नहीं, बल्कि एक नीतिगत समाधान की दिशा में संकेत है। कोर्ट चाहता है कि सरकार और नगर निगम मिलकर ऐसे विकल्प तलाशें, जिससे ट्रैफिक जाम कम हो और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।

कोर्ट का मानना है कि अगर सर्दियों के सबसे संवेदनशील महीनों में टोल हटाया जाता है, तो:

ट्रैफिक सुचारू रूप से चलेगा

वाहनों का अनावश्यक रुकना कम होगा

ईंधन की खपत घटेगी

वायु प्रदूषण में कमी आएगी

क्या टोल हटाना स्थायी समाधान है?

हालांकि यह सवाल भी उठता है कि क्या सिर्फ टोल हटाने से प्रदूषण की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक अस्थायी लेकिन जरूरी कदम हो सकता है। दिल्ली में प्रदूषण के कई कारण हैं, जैसे:

पराली जलाना

निर्माण कार्य

औद्योगिक उत्सर्जन

डीजल वाहन

सड़कों पर धूल

लेकिन ट्रैफिक जाम को कम करना उन उपायों में से एक है, जिन पर तुरंत काम किया जा सकता है।

सरकार और नगर निगम की भूमिका

अब निगाहें दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और नगर निगम पर टिकी हैं। अगर एमसीडी टोल को अस्थायी रूप से हटाया जाता है, तो इसके राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।

इसके साथ ही यह भी जरूरी होगा कि:

इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम को बेहतर बनाया जाए

पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिया जाए

लोगों को निजी वाहन कम इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाए

आम लोगों को क्या फायदा होगा?

अगर सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर अमल होता है, तो आम नागरिकों को कई तरह की राहत मिल सकती है:

ऑफिस आने-जाने में समय की बचत

ईंधन खर्च में कमी

प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम

बेहतर जीवन गुणवत्ता

दिल्ली-एनसीआर के लोग हर साल सर्दियों में जिस जहरीली हवा से जूझते हैं, उसमें यह फैसला एक बड़ी राहत साबित हो सकता है।

दिल्ली का प्रदूषण कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन हर साल यह और गंभीर होती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट का यह सुझाव बताता है कि अब छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाने का समय आ गया है। एमसीडी टोल हटाने का प्रस्ताव भले ही अस्थायी हो, लेकिन यह प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक मजबूत शुरुआत हो सकता है।

अब यह देखना होगा कि सरकार इस सुझाव को कितनी गंभीरता से लेती है और आने वाले सर्दियों के मौसम में दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

The Supreme Court of India has highlighted the critical link between traffic congestion and air pollution in Delhi NCR. By suggesting the suspension of MCD toll collection from October to January, the court aims to reduce vehicular emissions, improve air quality index levels, and ease traffic flow at major toll plazas like Delhi-Gurugram. This move could play a significant role in controlling Delhi NCR air pollution during peak winter months.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
12.7 ° C
12.7 °
12.7 °
39 %
1.9kmh
1 %
Sat
21 °
Sun
20 °
Mon
21 °
Tue
22 °
Wed
22 °
Video thumbnail
Somnath Mandir पर बुरी तरह फंसी कांग्रेस,Sudhanshu Trivedi ने ये सच्चाई देश को पहली बार बताई,सब दंग
17:11
Video thumbnail
CM Yogi PC: “INDI गठबंधन सवाल उठा…”, Vb G Ram G Bill 2025 को लेकर विपक्ष पर गरजे CM Yogi Adityanath
04:55
Video thumbnail
भरे मंच पर भाषण दे रहे थे Ravi Kisan, अचानक भीड़ के साथ पहुंचे कार्यकर्ता, और बवाल काट दिया !
03:14
Video thumbnail
Venezuela Attack देख Owaisi ने PM Modi को कौन सी कार्रवाई की हिदायत दे डाली?
01:24
Video thumbnail
'पाकिस्तान भेज दो' Asaduddin Owaisi का मंच से ये बयान सुनकर सब चौंक गए !
09:20
Video thumbnail
सदन में Amit Shah की 5 दहाड़ सुन कांपने लगे विरोधी, सब हैरान! Amit Shah 5 Speech
08:22
Video thumbnail
UP में SIR के बाद वोटरों की संख्या में कटौती पर Akhilesh Yadav का CM Yogi पर तीखा वार, जानिए वजह
07:26
Video thumbnail
राम मंदिर में खड़े होकर गुस्से से Yogi ने गोली की आवाज में दिया ऐसा भाषण हिल जायेंगे सनातन विरोधी!
13:01
Video thumbnail
पत्रकारों के सामने Amit Shah ने ऐसा क्या बोला सुनकर दंग रह जाएगी Mamata Banerjee! Latest | Bengal
09:31
Video thumbnail
सत्य सनातन युवा वाहिनी के गाजियाबाद जिला अध्यक्ष, बबलू चौधरी ने दी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं
00:38

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related