AIN NEWS 1: गुजरात सरकार ने राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना GIFT सिटी (Gujarat International Finance Tec-City) को वैश्विक स्तर पर और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। सरकार ने GIFT सिटी में शराब सेवन से जुड़े नियमों में काफी हद तक ढील देने का ऐलान किया है। इस बदलाव का सीधा फायदा गैर-गुजराती निवासियों, विदेशी नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को मिलने वाला है।
अब तक गुजरात में शराबबंदी कानून के कारण शराब पीने के लिए सख्त परमिट व्यवस्था लागू थी, लेकिन GIFT सिटी को एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से सरकार ने इस क्षेत्र को विशेष छूट देने का फैसला किया है।
क्या है नया नियम? आसान शब्दों में समझिए
नए नियमों के अनुसार:
गैर-गुजराती भारतीय नागरिकों को अब GIFT सिटी में शराब पीने के लिए अलग से परमिट लेने की जरूरत नहीं होगी।
विदेशी नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय प्रोफेशनल्स को भी शराब सेवन के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं लेनी पड़ेगी।
यह छूट केवल GIFT सिटी के अधिसूचित क्षेत्र तक ही सीमित रहेगी।
शराब का सेवन केवल लाइसेंस प्राप्त होटलों, क्लबों और रेस्टोरेंट्स में ही किया जा सकेगा।
हालांकि, गुजरात के मूल निवासी नागरिकों पर पहले की तरह शराबबंदी के नियम लागू रहेंगे।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
GIFT सिटी को भारत का ग्लोबल फाइनेंशियल हब बनाने की योजना कई वर्षों से चल रही है। यहां पर अंतरराष्ट्रीय बैंक, फिनटेक कंपनियां, बीमा कंपनियां, स्टॉक एक्सचेंज और मल्टीनेशनल कॉर्पोरेट्स को आकर्षित किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि:
विदेशी निवेशक और प्रोफेशनल्स अक्सर गुजरात की सख्त शराब नीति को काम करने में असुविधाजनक मानते थे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए यह एक लाइफस्टाइल से जुड़ा मुद्दा भी है।
दुबई, सिंगापुर और लंदन जैसे फाइनेंशियल हब्स से मुकाबले के लिए सुविधाजनक माहौल जरूरी है।
इसी सोच के तहत GIFT सिटी को शराब नीति में विशेष छूट देकर वैश्विक मानकों के करीब लाने की कोशिश की गई है।
निवेश और कारोबार पर क्या पड़ेगा असर?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस फैसले से:
विदेशी कंपनियों का विश्वास बढ़ेगा
GIFT सिटी में काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों की संख्या में इज़ाफा होगा
होटल, हॉस्पिटैलिटी और सर्विस सेक्टर को नया बूस्ट मिलेगा
गुजरात की छवि एक प्रोग्रेसिव और निवेश-अनुकूल राज्य के रूप में मजबूत होगी
सरकार को उम्मीद है कि यह कदम GIFT सिटी को एशिया के प्रमुख वित्तीय केंद्रों की कतार में खड़ा करने में मदद करेगा।
क्या यह शराबबंदी कानून से टकराता है?
गुजरात देश का एकमात्र राज्य है जहां पूरी तरह शराबबंदी लागू है। ऐसे में इस फैसले पर सवाल उठना स्वाभाविक है। लेकिन सरकार ने साफ किया है कि:
यह छूट पूरे गुजरात के लिए नहीं है
यह केवल एक स्पेशल इकोनॉमिक और फाइनेंशियल ज़ोन तक सीमित है
राज्य की शराबबंदी नीति में कोई व्यापक बदलाव नहीं किया गया है
सरकार इसे विकास और निवेश की ज़रूरतों के अनुरूप लिया गया विशेष प्रशासनिक निर्णय बता रही है।
GIFT सिटी को लेकर सरकार की बड़ी रणनीति
GIFT सिटी को लेकर गुजरात सरकार और केंद्र सरकार की योजना काफी स्पष्ट है:
इसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं का केंद्र बनाना
विदेशी पूंजी को भारत में आकर्षित करना
रोजगार के नए अवसर पैदा करना
भारत को ग्लोबल इकोनॉमी में मजबूत स्थिति दिलाना
शराब नियमों में ढील इसी व्यापक रणनीति का एक हिस्सा मानी जा रही है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ लोग इसे व्यावहारिक और समय की मांग बता रहे हैं, वहीं कुछ वर्ग इसे शराबबंदी की भावना के खिलाफ मानते हैं।
हालांकि सरकार का कहना है कि विकास और परंपरा के बीच संतुलन बनाते हुए यह फैसला लिया गया है।
GIFT सिटी में शराब नियमों में दी गई यह ढील गुजरात सरकार का एक सोच-समझकर उठाया गया कदम है। इसका मकसद राज्य की सख्त शराब नीति को कमजोर करना नहीं, बल्कि GIFT सिटी को वैश्विक निवेश के लिहाज़ से ज्यादा आकर्षक बनाना है।
आने वाले समय में यह फैसला गुजरात की आर्थिक तस्वीर को कितना बदलता है, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन इतना तय है कि GIFT सिटी अब दुनिया के निवेशकों के लिए और ज्यादा “ग्लोबल” बनने की ओर बढ़ चुका है।
The Gujarat government has relaxed liquor consumption rules in GIFT City to strengthen its position as a global financial and investment hub. Under the new policy, non-Gujarati residents and foreign nationals working or staying in GIFT City can consume alcohol without obtaining a special permit. This reform in the Gujarat liquor policy is expected to attract foreign investors, multinational companies, and international professionals to GIFT City, enhancing its global competitiveness.



















