AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से एक बेहद चौंकाने और डराने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों को बल्कि पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि कुत्ते के काटने को मामूली समझना कितना खतरनाक हो सकता है।
🐕 कुत्ते के काटने को हल्के में लेना पड़ा भारी
जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ के एक गांव में रहने वाले एक युवक को एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। घटना के वक्त युवक ने इसे सामान्य चोट समझा और तुरंत कोई चिकित्सकीय इलाज नहीं कराया। न तो उसने एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाया और न ही घाव की सही तरीके से सफाई करवाई।
परिजनों के मुताबिक, कुत्ते के काटने के बाद युवक बिल्कुल सामान्य व्यवहार कर रहा था। उसे न तो ज्यादा दर्द था और न ही कोई गंभीर परेशानी दिखाई दे रही थी। इसी वजह से परिवार ने भी इसे ज्यादा तवज्जो नहीं दी।
⏰ 14 घंटे बाद अचानक बदली हालत
लेकिन करीब 14 घंटे बाद युवक की हालत अचानक बिगड़ने लगी। पहले उसे बेचैनी महसूस हुई, फिर उसका व्यवहार अजीब होता चला गया। कुछ ही देर में युवक झपट्टे मारने लगा, जोर-जोर से चिल्लाने लगा और खुद को काबू में नहीं रख पा रहा था।
परिजन यह नजारा देखकर घबरा गए। युवक का शरीर अकड़ने लगा और वह किसी को भी पास आने नहीं दे रहा था। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उसे चारपाई से बांधना पड़ा, ताकि वह खुद को या किसी और को नुकसान न पहुंचा सके।
🚑 चारपाई में बांधकर अस्पताल ले गए परिजन
युवक की हालत देखकर परिजन बिना देर किए उसे अस्पताल ले जाने का फैसला किया। गांव में एंबुलेंस की सुविधा न मिलने पर उसे चारपाई पर बांधकर ही अस्पताल पहुंचाया गया। रास्ते भर परिजन यही सोचते रहे कि आखिर कुछ घंटों में ऐसा क्या हो गया।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने युवक की स्थिति को गंभीर बताया। शुरुआती जांच में डॉक्टरों को रेबीज (Rabies) जैसे लक्षण नजर आए, जिसके बाद युवक को तुरंत आइसोलेशन में रखा गया।
🧠 डॉक्टरों ने क्या कहा?
डॉक्टरों के अनुसार, कुत्ते के काटने के बाद अगर समय रहते एंटी-रेबीज वैक्सीन और इम्युनोग्लोबुलिन नहीं लगवाया जाए, तो वायरस तेजी से शरीर में फैल सकता है। रेबीज एक जानलेवा बीमारी है, जिसके लक्षण दिखने के बाद मरीज को बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
डॉक्टरों ने बताया कि रेबीज वायरस सीधे नर्वस सिस्टम पर हमला करता है, जिससे मरीज का व्यवहार असामान्य हो जाता है। पानी से डर लगना, झटके आना, हिंसक व्यवहार और झपट्टे मारना इसके आम लक्षण हैं।
⚠️ कुत्ते के काटने के बाद क्या करें?
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि:
कुत्ते या किसी भी जानवर के काटने को कभी भी हल्के में न लें
काटने के तुरंत बाद घाव को साबुन और साफ पानी से कम से कम 15 मिनट तक धोएं
बिना देरी किए नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल में जाकर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाएं
घरेलू नुस्खों या झाड़-फूंक पर बिल्कुल भरोसा न करें
🏥 प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की अपील
अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने भी इस घटना के बाद लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में रेबीज वैक्सीन उपलब्ध है, और किसी भी पशु के काटने पर तुरंत इलाज कराया जाना चाहिए।
साथ ही नगर निगम को आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
😔 एक छोटी लापरवाही, बड़ा खतरा
यह मामला इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि थोड़ी सी लापरवाही किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है। अगर युवक ने समय रहते इलाज कराया होता, तो शायद उसकी हालत इतनी गंभीर न होती।
आज जरूरत है कि लोग जागरूक बनें, अफवाहों से बचें और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह लें।
A shocking dog bite case from Aligarh, Uttar Pradesh highlights the deadly risk of rabies when immediate treatment is ignored. The youth developed severe rabies-like symptoms just 14 hours after a dog attack, emphasizing the importance of timely dog bite treatment, anti-rabies vaccination, and public awareness about animal bite emergencies in India.



















