AIN NEWS 1: उत्तराखंड के नैनीताल जिले से सामने आई एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। काशीपुर निवासी एक सिख किसान ने फेसबुक लाइव वीडियो के ज़रिए अपनी पीड़ा दुनिया के सामने रखी और कुछ ही देर बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। किसान ने मरने से पहले जमीन के नाम पर करोड़ों की ठगी और पुलिस उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
घटना कब और कहां हुई?
यह दुखद घटना 11 जनवरी 2026 की रात करीब 2:30 बजे की है। मृतक किसान की पहचान सुखवंत सिंह (उम्र लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र के पैगा गांव के रहने वाले थे। सुखवंत सिंह पेशे से किसान थे और एक सामान्य लेकिन आत्मसम्मानी जीवन जी रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, सुखवंत सिंह अपनी पत्नी प्रदीप कौर और 14 वर्षीय बेटे गुरसहज सिंह के साथ नैनीताल घूमने आए थे। यात्रा के दौरान उन्होंने हल्द्वानी के गौलापार इलाके स्थित देवभूमि होटल में रुकने का फैसला किया। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
होटल के कमरे में चली गोली
रात के समय होटल के कमरे में ही सुखवंत सिंह ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली। गोली उनके सिर के दाहिने हिस्से से लगी और बाईं ओर से बाहर निकल गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
इस भयावह घटना में उनकी पत्नी और बेटे को भी गोली के छर्रे लगे, जिससे दोनों घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
आत्महत्या से पहले फेसबुक लाइव ने मचाया हड़कंप
इस पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया उस फेसबुक लाइव वीडियो ने, जो सुखवंत सिंह ने आत्महत्या से कुछ मिनट पहले रिकॉर्ड किया था। वीडियो में वह बेहद टूटे हुए और भावुक नजर आ रहे थे।
उन्होंने कहा:
“मैं एक किसान हूं… अगर आप ये वीडियो देख रहे हैं, तो मैं मर चुका हूं।”
वीडियो में सुखवंत सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ प्रॉपर्टी डीलरों ने जमीन के नाम पर उनसे करीब 4 करोड़ रुपये की ठगी की। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गलत और विवादित जमीन दिखाई गई और भरोसा दिलाकर बड़ी रकम हड़प ली गई।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
सिर्फ प्रॉपर्टी डीलरों ही नहीं, सुखवंत सिंह ने ऊधम सिंह नगर पुलिस के कुछ अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ठगी की शिकायत लेकर वह कई बार पुलिस के पास गए, लेकिन न तो उनकी सुनवाई हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई।
वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि:
पुलिस ने उनकी मदद करने के बजाय उन्हें परेशान किया
शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया
कुछ पुलिसकर्मियों ने पैसों की मांग भी की
उन्होंने कहा कि न्याय न मिलने और लगातार मानसिक उत्पीड़न के चलते वे पूरी तरह टूट चुके हैं।
गांव में पसरा मातम, गुस्से में लोग
जब सुखवंत सिंह का शव उनके गांव पैगा पहुंचा, तो वहां शोक और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान संगठन और समाज के लोग इकट्ठा हो गए।
परिजनों का कहना है कि:
फेसबुक लाइव वीडियो को सबूत माना जाए
जिन पुलिस अधिकारियों और डीलरों के नाम लिए गए हैं, उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज हो
दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए
परिवार ने इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग भी की है। उनका कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे शव लेकर थाने और प्रशासनिक दफ्तर तक मार्च करेंगे।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर दुख जताते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
नैनीताल के एसएसपी ने बताया कि:
पत्नी और बेटे के बयान दर्ज किए जा चुके हैं
फॉरेंसिक टीम ने होटल के कमरे का निरीक्षण किया है
फेसबुक लाइव वीडियो की तकनीकी जांच की जा रही है
पुलिस का दावा है कि मामले की जांच हर एंगल से निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
बड़ा सवाल: क्या किसान को न्याय मिलेगा?
यह घटना सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि सिस्टम पर उठता एक गंभीर सवाल है। क्या एक किसान को अपनी बात रखने के लिए फेसबुक लाइव पर आकर जान देनी पड़ेगी? क्या जमीन माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की यही कीमत है?
सुखवंत सिंह की मौत ने प्रशासन, पुलिस और न्याय व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच केवल कागजों तक सीमित रहती है या सच में दोषियों पर कार्रवाई होती है।
The tragic suicide of a Sikh farmer in Uttarakhand after a Facebook Live video has raised serious concerns about land fraud, police harassment, and farmer justice in India. The Nainital suicide case highlights how unresolved land disputes and alleged corruption can push individuals to extreme steps. Authorities have ordered a magistrate inquiry, while the victim’s family is demanding a CBI investigation and strict action against those accused in the land scam and police misconduct.



















