ईरान में बिगड़ते हालात, भारत ने अपने नागरिकों को दी देश छोड़ने की सलाह
AIN NEWS 1: मध्य पूर्व के अहम देश ईरान में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और मुद्रा अवमूल्यन के खिलाफ शुरू हुए जनआंदोलनों ने अब हिंसक रूप ले लिया है। सड़कों पर प्रदर्शन, सुरक्षा बलों की कार्रवाई, इंटरनेट ब्लैकआउट और बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों के बीच आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए बेहद सख्त और स्पष्ट ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।
भारतीय दूतावास की अपडेटेड एडवाइजरी
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 14 जनवरी 2026 को एक अपडेटेड एडवाइजरी जारी करते हुए ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की है। यह निर्देश छात्रों, तीर्थयात्रियों, कारोबारियों और पर्यटकों—सभी पर समान रूप से लागू होता है।
दूतावास ने कहा है कि भारतीय नागरिक उपलब्ध किसी भी सुरक्षित माध्यम, जैसे कि कमर्शियल फ्लाइट्स या अन्य वैकल्पिक ट्रांसपोर्ट साधनों के जरिए जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकलें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि हालात लगातार बदल रहे हैं और किसी भी समय और खराब हो सकते हैं।
पहले भी दी गई थी चेतावनी
यह एडवाइजरी 5 जनवरी 2026 को जारी की गई पूर्व चेतावनी का ही विस्तार है। उस समय भारत सरकार ने नागरिकों को ईरान की गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने की सलाह दी थी। लेकिन अब हालात को देखते हुए सरकार ने केवल यात्रा टालने नहीं, बल्कि देश छोड़ने का सीधा संदेश दिया है।
भारतीय दूतावास ने यह भी कहा है कि जो लोग फिलहाल ईरान में ही हैं, वे प्रदर्शन स्थलों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहें।
इमरजेंसी हेल्पलाइन और रजिस्ट्रेशन जरूरी
दूतावास ने संकट की स्थिति में मदद के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं:
+98 9128109115
+98 9128109109
+98 9128109102
+98 9932179359
इसके अलावा ईमेल के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है:
cons.tehran@mea.gov.in
दूतावास ने खास तौर पर उन भारतीय नागरिकों से अपील की है जिन्होंने अब तक दूतावास में अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे तुरंत ऐसा करें, ताकि जरूरत पड़ने पर सहायता पहुंचाई जा सके।
ईरान में क्यों भड़की हिंसा?
ईरान में विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए थे। शुरुआत में यह आंदोलन महंगाई, बेरोजगारी और मुद्रा के गिरते मूल्य को लेकर था, लेकिन धीरे-धीरे यह सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गया। अब यह प्रदर्शन देश के 31 प्रांतों तक फैल चुके हैं।
सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई के चलते हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। कई जगहों पर इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे सटीक जानकारी मिलना मुश्किल हो गया है।
अब तक कितनी जानें गईं?
ह्यूमन राइट्स संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार के क्रैकडाउन में 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
सैकड़ों लोग घायल हुए हैं
18,000 से ज्यादा गिरफ्तारियां की गई हैं
Human Rights Activists News Agency (HRANA) ने इन आंकड़ों की पुष्टि की है, हालांकि इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण वास्तविक संख्या इससे अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिका की धमकी से बढ़ा तनाव
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर आक्रामक बयान देने शुरू कर दिए। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट करते हुए ईरानी सरकार को चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर हिंसा नहीं रुकी, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है।
ट्रंप ने लिखा:
“HELP IS ON ITS WAY”
“We are locked and loaded”
उन्होंने ईरानी अधिकारियों से अंतरराष्ट्रीय बैठकों को रद्द करने और प्रदर्शनकारियों को सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने की सलाह तक दे डाली।
ईरान सरकार ने इन बयानों को “खतरनाक विदेशी हस्तक्षेप” करार दिया है और अमेरिका पर स्थिति भड़काने का आरोप लगाया है।
ईरान में कितने भारतीय फंसे हैं?
अनुमान के मुताबिक, ईरान में करीब 10,000 भारतीय नागरिक और PIO (Persons of Indian Origin) मौजूद हैं। इनमें बड़ी संख्या में मेडिकल और टेक्निकल छात्र, छोटे व्यापारी और धार्मिक तीर्थयात्री शामिल हैं।
भारतीय दूतावास ने इन सभी से कहा है कि वे:
अपने पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज हमेशा तैयार रखें
दूतावास के सोशल मीडिया अपडेट्स पर नजर रखें
किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क करें
दूतावास ने यह भी चेतावनी दी है कि हालात बिगड़ने पर फ्लाइट्स और ट्रांसपोर्ट सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
भारत सरकार की साफ चेतावनी
भारत सरकार का रुख इस मामले में पूरी तरह सतर्क और जिम्मेदार नजर आ रहा है। सरकार ने साफ कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी तरह का जोखिम न उठाया जाए। यदि हालात और खराब होते हैं, तो रेस्क्यू ऑपरेशन भी जटिल हो सकता है।
India has issued an urgent advisory asking all Indian citizens to leave Iran immediately amid escalating protests, violent crackdowns, internet blackouts, and rising US-Iran tensions. The Indian Embassy in Tehran has warned students, tourists, pilgrims, and business travelers to exit the country using available commercial flights, citing rapidly deteriorating security conditions and potential disruptions to transport services.


















