AIN NEWS 1: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी से फैली गंभीर बीमारी ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भागीरथपुरा इलाके में उल्टी-दस्त के तेज़ प्रकोप से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई, वहीं कुछ परिवारों को अपनों की जान तक गंवानी पड़ी। इस मानवीय संकट के बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचे और पीड़ितों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
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भागीरथपुरा में फैली बीमारी से हड़कंप
भागीरथपुरा क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त, बुखार और पेट से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में सप्लाई हो रहा पानी लंबे समय से दूषित है, लेकिन शिकायतों के बावजूद समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हालात इतने बिगड़ गए कि कई मरीजों को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
कुछ परिवारों ने बताया कि उनके घरों में एक साथ कई लोग बीमार पड़ गए, जिससे इलाज और दवाइयों का खर्च उठाना भी मुश्किल हो गया। इस बीमारी की चपेट में आकर कुछ लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
राहुल गांधी का अस्पताल दौरा
इंदौर पहुंचते ही राहुल गांधी सीधे अस्पताल गए, जहां दूषित पानी पीने से बीमार हुए मरीजों का इलाज चल रहा है। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उनकी सेहत की जानकारी ली और डॉक्टरों से इलाज की स्थिति के बारे में विस्तार से पूछा।
अस्पताल में मौजूद परिजनों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर में साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधा की कमी से लोगों की जान जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मरीजों को बेहतर इलाज और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
मृतकों के परिजनों से मुलाकात, सुनी पीड़ा
राहुल गांधी ने उन परिवारों से भी मुलाकात की, जिन्होंने इस बीमारी के कारण अपने प्रियजनों को खो दिया है। पीड़ित परिजनों ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि बीमारी अचानक फैली और हालात संभलने से पहले ही बहुत देर हो चुकी थी।
परिजनों का कहना था कि यदि समय रहते पानी की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाता और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद इन जानों को बचाया जा सकता था। राहुल गांधी ने उनकी बात ध्यान से सुनी और कहा कि यह केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला है।
प्रशासन और सरकार पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर शहरी बुनियादी ढांचे और जल आपूर्ति व्यवस्था की पोल खोल दी है। राहुल गांधी ने इस दौरान कहा कि स्वच्छ पानी हर नागरिक का अधिकार है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दूषित पानी से बीमारी फैलना इस बात का संकेत है कि स्थानीय प्रशासन और सरकार ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। राहुल गांधी ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों में गुस्सा और डर
भागीरथपुरा के निवासी अब भी भय के साये में जी रहे हैं। लोग आशंकित हैं कि कहीं बीमारी फिर से न फैल जाए। कई परिवारों ने फिलहाल नल का पानी पीना बंद कर दिया है और मजबूरी में बोतलबंद पानी खरीद रहे हैं, जो हर किसी के लिए संभव नहीं है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इलाके में पानी की सप्लाई की तत्काल जांच, टैंकरों से साफ पानी की व्यवस्था और स्थायी समाधान की मांग की है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
राहुल गांधी की इस यात्रा के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे जनहित से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है, जबकि विपक्षी दलों पर मामले को नजरअंदाज करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ इंदौर की समस्या नहीं, बल्कि देश के कई शहरों में दूषित पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।
स्वास्थ्य संकट से सबक लेने की जरूरत
इंदौर की यह घटना एक चेतावनी है कि बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जल आपूर्ति लाइनों की नियमित जांच, साफ-सफाई और समय पर शिकायतों का निवारण ऐसे हादसों को रोक सकता है।
राहुल गांधी ने भी कहा कि सरकारों को केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर ज़मीनी स्तर पर काम करना होगा, ताकि आम लोगों को ऐसी त्रासदियों का सामना न करना पड़े।
आगे की उम्मीद
पीड़ित परिवारों को अब प्रशासन से ठोस कार्रवाई और राहत की उम्मीद है। लोग चाहते हैं कि दोषियों पर कार्रवाई हो, मृतकों के परिवारों को मुआवजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
राहुल गांधी की यह मुलाकात भले ही राजनीतिक हो, लेकिन पीड़ितों के लिए यह एक भावनात्मक सहारा भी साबित हुई, जिससे उन्हें यह भरोसा मिला कि उनकी आवाज सुनी जा रही है।
Congress leader Rahul Gandhi visited Indore, Madhya Pradesh, to meet patients and families affected by the contaminated water crisis in the Bhagirathpura area. The outbreak of diarrhea and vomiting due to polluted drinking water has raised serious public health concerns. Rahul Gandhi’s hospital visit and interaction with victims highlighted issues of water safety, government accountability, and the urgent need for improved urban infrastructure in Indore.


















