AIN NEWS 1: दिल्ली और उससे सटे एनसीआर इलाके इन दिनों गंभीर वायु प्रदूषण और घने कोहरे की चपेट में हैं। सर्दी की शुरुआत के साथ ही राजधानी की हवा एक बार फिर जानलेवा होती नजर आ रही है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 466 तक दर्ज किया गया है, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आम जनजीवन से लेकर हवाई और सड़क यातायात तक बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
हवा बनी सांस लेने लायक नहीं
दिल्ली-NCR के अधिकांश हिस्सों में हवा में जहरीले कणों की मात्रा खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण सामान्य से कई गुना अधिक पाए जा रहे हैं। यही वजह है कि लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, खांसी और सिरदर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों के लिए हालात और भी ज्यादा चिंताजनक बने हुए हैं।
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कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें
प्रदूषण के साथ-साथ घने कोहरे ने भी दिल्ली-NCR की रफ्तार थाम दी है। सुबह और देर रात के समय विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी नीचे दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर हादसों का खतरा बढ़ गया है। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से चलना पड़ रहा है।
एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी खराब मौसम का सीधा असर देखने को मिला। घने कोहरे और स्मॉग के कारण कई फ्लाइट्स देरी से चलीं, जबकि कुछ को डायवर्ट या रद्द भी करना पड़ा। यात्रियों को घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ी। एयरलाइंस ने यात्रियों को समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने और फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी है।
सड़क यातायात पर असर
सिर्फ हवाई यातायात ही नहीं, बल्कि सड़क मार्ग भी इस स्थिति से अछूता नहीं रहा। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। एक्सप्रेसवे और हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई जगहों पर छोटे-बड़े सड़क हादसों की भी खबरें सामने आई हैं।
लागू हुए GRAP के सख्त प्रतिबंध
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। इसके तहत:
निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े सभी कामों पर रोक
डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध
BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर पाबंदी
स्कूलों को ऑनलाइन मोड में शिफ्ट करने की सिफारिश
गैर-जरूरी वाहनों की आवाजाही सीमित
इन कदमों का मकसद प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना है, हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि ये उपाय अस्थायी राहत ही दे सकते हैं।
लोग परेशान, स्वास्थ्य पर खतरा
प्रदूषण और कोहरे के कारण आम लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मॉर्निंग वॉक करने वाले लोग घरों में कैद हो गए हैं। डॉक्टर लगातार मास्क पहनने, बाहर निकलने से बचने और एयर प्यूरीफायर के इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं। अस्पतालों में सांस और एलर्जी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव, हवा की कम गति, पराली जलाने और वाहनों के बढ़ते उत्सर्जन ने हालात को और बिगाड़ दिया है। जब तक तेज हवाएं नहीं चलेंगी या बारिश नहीं होगी, तब तक प्रदूषण से राहत की उम्मीद कम ही है।
सरकार और प्रशासन की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें, सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें और खुले में कचरा या लकड़ी न जलाएं। साथ ही, जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
आगे क्या?
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। अगर हवा की गति नहीं बढ़ी, तो प्रदूषण का स्तर और गंभीर हो सकता है। ऐसे में दिल्ली-NCR के लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
Delhi-NCR is currently facing one of the worst phases of air pollution as toxic smog and dense fog blanket the region. The AQI has surged to an alarming level of 466 in several areas, significantly affecting flight operations, road visibility, and public health. Authorities have enforced strict GRAP restrictions to control pollution, while residents are advised to stay indoors and take precautions amid the worsening air quality crisis.


















