AIN NEWS 1 | हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र से रविवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। हरिद्वार–लक्सर मार्ग पर कटारपुर गांव के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयावह था कि टक्कर की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। तेज रफ्तार से आ रही एक कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे ई-रिक्शा से जा टकराई। टक्कर आमने-सामने की थी, जिससे दोनों वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
कैसे हुआ हादसा?
रविवार दोपहर हरिद्वार–लक्सर मार्ग पर सामान्य यातायात चल रहा था। इसी दौरान कटारपुर गांव से कुछ आगे एक कार तेज गति में लक्सर की ओर जा रही थी। बताया जा रहा है कि अचानक कार चालक का संतुलन बिगड़ गया, जिससे कार सामने से आ रहे ई-रिक्शा से सीधे भिड़ गई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। ई-रिक्शा में सवार यात्री सड़क पर दूर जा गिरे।
मौके पर ही दो लोगों की मौत
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने जब घायलों को देखा तो दिल दहल उठा। दो लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल अवस्था में तड़प रहे थे।
स्थानीय लोगों ने बिना देर किए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ लोगों ने मानवता दिखाते हुए घायलों को अपने निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाने में भी मदद की।
अस्पताल में तोड़ा तीसरे व्यक्ति ने दम
घायलों को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। इस तरह इस हादसे में मरने वालों की संख्या तीन हो गई।
फिलहाल चार घायल मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही लक्सर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सड़क पर जमा भीड़ को हटाया और यातायात को सुचारु कराया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क से हटाया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और वाहन का नियंत्रण खोना माना जा रहा है। हालांकि, पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग पहले भी कई हादसों का गवाह बन चुका है। कटारपुर गांव के पास सड़क पर तेज रफ्तार वाहन अक्सर दुर्घटना का कारण बनते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर—
- स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं
- चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं
- पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से सड़क दुर्घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि—
- तेज रफ्तार
- लापरवाही से वाहन चलाना
- यातायात नियमों की अनदेखी
ऐसे हादसों की सबसे बड़ी वजह बन रहे हैं।
यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती रहेंगी।
मातम में बदला इलाका
हादसे की खबर जैसे ही आसपास के गांवों में फैली, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां का दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।
प्रशासन से मुआवजे की मांग
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और घायलों का इलाज पूरी तरह नि:शुल्क कराया जाए।
लोगों का कहना है कि ऐसे हादसों में गरीब परिवारों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है।


















