AIN NEWS 1: आम्रपाली सिलिकॉन सिटी, सेक्टर 76 नोएडा में रविवार का दिन कुछ खास था। आम दिनों की तरह यह सिर्फ एक छुट्टी का दिन नहीं रहा, बल्कि यह दिन आपसी भाईचारे, प्रेम और सांस्कृतिक एकता का संदेश लेकर आया। सोसाइटी में रहने वाले बिहार परिवार के लोगों ने दही-चूड़ा प्रसाद वितरण के माध्यम से एक ऐसी पहल की, जिसने पूरे परिसर को जोड़ने का काम किया।
परंपरा से जुड़कर समाज को जोड़ने की कोशिश
दही-चूड़ा बिहार की पहचान मानी जाती है। यह केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि वहां की संस्कृति, सादगी और आपसी प्रेम का प्रतीक है। इसी भावना के साथ बिहार परिवार ने सोचा कि क्यों न इस पारंपरिक प्रसाद के जरिए सोसाइटी के सभी लोगों को एक मंच पर लाया जाए। उनका उद्देश्य साफ था—भाषा, प्रदेश और पृष्ठभूमि से ऊपर उठकर इंसानियत और सौहार्द को मजबूत करना।
रविवार को रखा गया आयोजन, ताकि कोई पीछे न रहे
आयोजन के लिए रविवार का दिन जानबूझकर चुना गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें शामिल हो सकें। सुबह से ही यूनिटी पार्क में हलचल शुरू हो गई थी। महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और युवा—सभी पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन का हिस्सा बने। किसी ने व्यवस्था संभाली तो किसी ने प्रसाद वितरण में हाथ बंटाया।
यूनिटी पार्क बना एकता का केंद्र
सोसाइटी के यूनिटी पार्क में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, और नाम के अनुरूप यह जगह सच में एकता का प्रतीक बन गई। पार्क में बैठकर लोग न केवल प्रसाद ग्रहण कर रहे थे, बल्कि एक-दूसरे से बातचीत कर रहे थे, मुस्कुरा रहे थे और अपनापन महसूस कर रहे थे। यह दृश्य अपने आप में बताता था कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयास समाज को कितना जोड़ सकते हैं।
आयोजन के पीछे सक्रिय और प्रेरणादायक चेहरे
इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी दीपक कुमार और शंभू प्रसाद ने संभाली। दोनों ने मिलकर कार्यक्रम की योजना बनाई, व्यवस्थाएं तय कीं और यह सुनिश्चित किया कि किसी को कोई असुविधा न हो। उनकी सक्रियता और समर्पण की वजह से यह आयोजन बेहद सुचारू और अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।
स्वाद के साथ संस्कारों का मेल
प्रसाद केवल दही-चूड़ा तक सीमित नहीं था। इसमें गजक, रेवड़ी, दही-दूध मिक्स और सब्जी भी शामिल की गई थी। यह मेन्यू इस तरह से तैयार किया गया था कि हर उम्र और हर स्वाद के लोग इसे पसंद करें। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने प्रसाद की सराहना की।
महिलाएं और बच्चे भी रहे सक्रिय
कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका भी अहम रही। उन्होंने प्रसाद की तैयारी से लेकर वितरण तक हर स्तर पर सहयोग किया। बच्चे भी पूरे उत्साह के साथ इसमें शामिल हुए। उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी, जो यह दर्शाता है कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में भी एकता और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देते हैं।
सोसाइटी में पहले भी निभा चुके हैं अग्रणी भूमिका
यह पहली बार नहीं है जब बिहार परिवार ने इस तरह की पहल की हो। सोसाइटी के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में यह परिवार हमेशा आगे रहता है। चाहे त्योहार हों, सफाई अभियान हो या सामूहिक आयोजन—इनकी भागीदारी हमेशा प्रेरणादायक रही है। यही कारण है कि अन्य निवासी भी इनके प्रयासों की खुलकर सराहना करते हैं।
सौहार्द और भाईचारे का सशक्त संदेश
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि समाज को जोड़ने के लिए बड़े मंच या भारी खर्च की जरूरत नहीं होती। अगर भावना सच्ची हो, तो एक साधारण-सा प्रसाद वितरण भी लोगों के दिलों को जोड़ सकता है। इस पहल ने यह संदेश दिया कि विविधता में ही हमारी ताकत है।
अन्य सोसाइटियों के लिए प्रेरणा
आम्रपाली सिलिकॉन सिटी का यह आयोजन अब चर्चा का विषय बन गया है। कई लोगों ने इसे अन्य सोसाइटियों के लिए एक मिसाल बताया। लोगों का कहना है कि अगर हर जगह ऐसे छोटे लेकिन सार्थक प्रयास हों, तो शहरी जीवन में बढ़ती दूरी को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने आयोजकों का धन्यवाद किया और भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों की उम्मीद जताई। पूरे माहौल में सकारात्मकता और अपनापन साफ महसूस किया गया। यह आयोजन केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि लोगों के दिलों में लंबे समय तक रहने वाली याद बन गया।
The Dahi Chura Prasad distribution event organized by Bihar families at Amrapali Silicon City, Sector 76 Noida, reflects the spirit of cultural unity and social harmony. Such community initiatives in residential societies strengthen brotherhood, promote Bihar culture in Noida, and encourage peaceful coexistence among residents from different backgrounds.



















