नमस्कार,
कल की सबसे बड़ी खबर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को लेकर रही, आज उनके नाम को लेकर ऐलान होगा। वहीं दूसरी बड़ी खबर अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव के तलाक से जुड़ी है।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. राहुल गांधी का रायबरेली दौरा
राहुल गांधी के रायबरेली दौरे का पहला दिन है। वो गांववालों के बीच चौपाल लगाएंगे।
2. WPL में दिल्ली कैपिटल्स बनाम मुंबई इंडियंस
वडोदरा में WPL का 12वां मैच है। शाम 7:30 बजे दिल्ली कैपिटल्स का मुकाबला मुंबई इंडियंस से होगा।
कल की बड़ी खबरें:
नितिन नबीन बने भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष, निर्विरोध चुने गए
भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। बिहार के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन को निर्विरोध भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। सोमवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में उनकी नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई। राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने बताया कि इस पद के लिए केवल नितिन नबीन का ही नामांकन प्रस्तावित हुआ था। मंगलवार को इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।
नितिन नबीन का परिचय
नितिन नबीन का जन्म 23 मई 1980 को पटना में हुआ। उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रह चुके हैं। राजनीतिक परिवार से आने वाले नितिन नबीन ने कम उम्र में ही सक्रिय राजनीति में अपनी पहचान बना ली।
राजनीतिक सफर
नितिन नबीन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2006, 2010, 2015, 2020 और 2025 के चुनावों में जीत दर्ज की।
9 फरवरी 2021 को वे पहली बार बिहार सरकार में सड़क एवं परिवहन मंत्री बने थे। बाद में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
संपत्ति और राजनीतिक स्थिति
नितिन नबीन की घोषित संपत्ति करीब 3.1 करोड़ रुपये है। संगठन में मजबूत पकड़ और लंबे अनुभव के चलते उन्हें पार्टी नेतृत्व की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष
भाजपा के इतिहास में अब तक 11 नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। इनमें लालकृष्ण आडवाणी तीन बार और राजनाथ सिंह दो बार यह पद संभाल चुके हैं। 45 वर्ष की उम्र में नितिन नबीन भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं।
आगे की बड़ी चुनौती
नितिन नबीन के कार्यकाल के दौरान अगले दो वर्षों में देश में 11 अहम चुनाव होने हैं।
इस वर्ष असम, पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, जबकि 2027 में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में उनके सामने संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तय करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
मुख्य बिंदु
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नितिन नबीन निर्विरोध भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए
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45 साल की उम्र में बने भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष
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अगले दो साल में 11 अहम विधानसभा चुनावों की जिम्मेदारी
नोबेल नहीं मिलने से नाराज ट्रम्प बोले– अब शांति पर भरोसा नहीं, नॉर्वे PM को लिखी चिट्ठी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर को एक चिट्ठी लिखकर अपनी असंतुष्टि जाहिर की है। ट्रम्प का कहना है कि उन्होंने दुनिया में 8 बड़े संघर्ष रुकवाने में भूमिका निभाई, इसके बावजूद उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया गया।
ट्रम्प ने पत्र में लिखा कि नोबेल न मिलने के बाद अब उन्होंने शांति जैसे विषयों पर भरोसा करना और उसके लिए प्रयास करना छोड़ दिया है। उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रम्प की जिद
हाल के दिनों में डोनाल्ड ट्रम्प ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण स्थापित करने की मांग को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं। इसी मुद्दे पर विरोध जताने वाले यूरोप के 8 देशों पर उन्होंने 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है। ये देश अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे थे।
क्या ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाना संभव है
ट्रम्प वर्ष 2019 से ही ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने की बात करते रहे हैं, चाहे वह खरीद के जरिए हो या किसी अन्य तरीके से। हालांकि कानूनी रूप से यह प्रक्रिया बेहद जटिल है। ग्रीनलैंड और अमेरिका दोनों ही NATO के सदस्य देश हैं, ऐसे में किसी भी तरह का जबरन कब्जा अंतरराष्ट्रीय कानून और गठबंधन नियमों के खिलाफ माना जाएगा।
मुख्य बिंदु
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नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर ट्रम्प ने नाराजगी जताई
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नॉर्वे के प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर की शिकायत
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ग्रीनलैंड को लेकर ट्रम्प का रुख और यूरोपीय देशों पर टैरिफ से बढ़ा तनाव
प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव से तलाक का ऐलान, सोशल मीडिया पोस्ट से मचा सियासी हलचल
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई और मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान किया है। प्रतीक यादव ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा कर अपने रिश्ते को खत्म करने की बात सार्वजनिक की।
प्रतीक ने करीब 8 घंटे के भीतर दो अलग-अलग पोस्ट किए, जिनमें उन्होंने अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए और अपनी मानसिक स्थिति को लेकर भी बात रखी।
पहली पोस्ट में क्या लिखा
पहली इंस्टाग्राम पोस्ट में प्रतीक यादव ने लिखा कि वे जल्द से जल्द तलाक लेने जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपर्णा यादव ने उनके पारिवारिक रिश्तों को बर्बाद कर दिया। प्रतीक के अनुसार, उनकी पत्नी का एकमात्र लक्ष्य प्रसिद्ध और प्रभावशाली बनना है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले के कारण उनकी मानसिक स्थिति काफी खराब हो चुकी है, लेकिन अपर्णा को इसकी कोई परवाह नहीं है।
दूसरी पोस्ट में लगाए और आरोप
दूसरी पोस्ट में प्रतीक यादव ने लिखा कि जिस व्यक्ति ने उन्हें उनकी मां, पिता और भाई से अलग कर दिया, उसके लिए सिर्फ शोहरत मायने रखती है। उन्होंने इस पूरे रिश्ते को झूठ, स्वार्थ और दिखावे से भरा बताया और कहा कि यह सिर्फ दर्द की नहीं, बल्कि टूटे हुए भरोसे की कहानी है।
सोशल मीडिया पर सामने आए इन बयानों के बाद यह मामला राजनीतिक और पारिवारिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
मुख्य बिंदु
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प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान किया
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इंस्टाग्राम पर 8 घंटे में दो पोस्ट कर लगाए गंभीर आरोप
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पारिवारिक रिश्तों और मानसिक तनाव का किया जिक्र
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 24 घंटे से अधिक समय से अनशन पर, प्रयागराज में रोके जाने के बाद धरना जारी
प्रयागराज माघ मेले में पालकी यानी रथ यात्रा रोके जाने के विरोध में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 24 घंटे से अधिक समय से अनशन पर बैठे हैं। रविवार को पुलिस द्वारा उन्हें प्रयागराज में रोके जाने के बाद जिस स्थान पर छोड़ा गया, वहीं वे धरने पर बैठ गए।
रविवार रात वे अपने पंडाल में पूरी रात ठंड के बीच धरने पर बैठे रहे। अब तक 24 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है और उन्होंने पानी तक नहीं पिया है।
अखिलेश यादव ने की फोन पर बात
इस मामले में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर बातचीत की। अखिलेश ने कहा कि वे उनके साथ हैं और जल्द ही उनसे मिलने आएंगे।
बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि जब कोई बच्चा हिंदू धर्म में जन्म लेता है, तभी से उसे गंगा-यमुना में स्नान का अधिकार मिल जाता है, लेकिन उनसे यह अधिकार भी छीन लिया गया है।
हर्षा रिछारिया ने जताया समर्थन
शंकराचार्य के समर्थन में हर्षा रिछारिया ने भी एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि “ये बेटी आपके साथ है” और उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
धरने और अनशन को लेकर माघ मेले में माहौल लगातार गर्म बना हुआ है और श्रद्धालुओं व संत समाज की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
मुख्य बिंदु
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 24 घंटे से अधिक समय से अनशन पर
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पालकी यात्रा रोके जाने के विरोध में धरना जारी
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अखिलेश यादव और हर्षा रिछारिया ने समर्थन जताया
चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, पहली बार ₹3 लाख प्रति किलो के पार
देश में चांदी की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया है। सोमवार को चांदी के दाम में 15 हजार रुपये की तेज बढ़त दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव पहली बार ₹3 लाख के पार पहुंचकर ₹3.02 लाख प्रति किलो हो गया।
शुक्रवार को चांदी का भाव करीब ₹2.87 लाख प्रति किलो था। महज एक दिन में आई इस भारी तेजी ने निवेशकों और बाजार दोनों को चौंका दिया है।
एक महीने में ₹1 लाख महंगी हुई चांदी
चांदी की कीमतों में हालिया तेजी बेहद तेज रही है।
15 दिसंबर 2025 के आसपास चांदी पहली बार ₹2 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंची थी। इसके बाद केवल एक महीने के भीतर ही यह ₹3 लाख के आंकड़े को पार कर गई।
आंकड़ों के अनुसार
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₹50 हजार से ₹1 लाख तक पहुंचने में चांदी को करीब 14 साल लगे
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₹1 लाख से ₹2 लाख तक पहुंचने में लगभग 9 महीने लगे
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₹2 लाख से ₹3 लाख तक पहुंचने में सिर्फ 1 महीना लगा
यह दर्शाता है कि हाल के समय में चांदी की कीमतों में असाधारण तेजी देखने को मिली है।
चांदी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं
चांदी अब सिर्फ गहनों तक सीमित धातु नहीं रह गई है। इसका बड़े पैमाने पर औद्योगिक उपयोग तेजी से बढ़ा है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा वैश्विक बाजार में निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग भी कीमतों को ऊपर ले जा रही है।
मुख्य बिंदु
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चांदी पहली बार ₹3 लाख प्रति किलो के पार पहुंची
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एक महीने में करीब ₹1 लाख की भारी तेजी
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औद्योगिक मांग और निवेश बढ़ने से कीमतों में उछाल























