AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक जगत से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष और वरिष्ठ संत महंत नृत्य गोपाल दास का हालचाल जाना। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई जब महंत की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मेदांता अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23–24 जनवरी 2026 के बीच मेदांता अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने न केवल महंत नृत्य गोपाल दास की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली, बल्कि डॉक्टरों से उनके इलाज और वर्तमान हालात को लेकर विस्तार से चर्चा भी की। मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएम योगी का यह दौरा धार्मिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि महंत नृत्य गोपाल दास देश के सबसे वरिष्ठ और सम्मानित संतों में गिने जाते हैं।
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क्यों बिगड़ी महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत?
अस्पताल और इलाज से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, महंत नृत्य गोपाल दास को पिछले कुछ समय से कमजोरी महसूस हो रही थी। रिपोर्ट्स में बताया गया कि उन्होंने लगभग 30 से 36 घंटे तक भोजन नहीं किया था, जिसके कारण शरीर में ऊर्जा की कमी हो गई।
इसके साथ ही उन्हें उल्टी और दस्त जैसी समस्याओं की भी शिकायत थी। इन सभी कारणों से उनकी हालत कमजोर हो गई, जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों की निगरानी में इलाज
मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि महंत नृत्य गोपाल दास की हालत अब स्थिर है और वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उन्हें आवश्यक दवाइयां, फ्लूइड्स और पोषण दिया जा रहा है ताकि शरीर में आई कमजोरी को दूर किया जा सके।
डॉक्टरों के अनुसार, उम्र अधिक होने के कारण सावधानी बरती जा रही है और नियमित जांच की जा रही है। फिलहाल उनकी स्थिति में सुधार देखा जा रहा है।
“सिर हिलाकर जवाब देने” वाली बात पर क्या सच्चाई?
सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हुआ कि मुख्यमंत्री योगी के मिलने के दौरान महंत नृत्य गोपाल दास ने सिर हिलाकर जवाब दिया, जिससे उनकी हालत को लेकर कई तरह की अटकलें लगने लगीं।
हालांकि, इस संबंध में किसी भी बड़े या भरोसेमंद समाचार माध्यम ने ऐसी किसी घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। न तो किसी प्रमाणित वीडियो में यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है और न ही अस्पताल या प्रशासन की ओर से इस पर कोई बयान जारी किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स मुख्य रूप से मुख्यमंत्री के दौरे, महंत की तबीयत और डॉक्टरों की जानकारी तक ही सीमित हैं। ऐसे में “सिर हिलाकर जवाब देने” वाला दावा फिलहाल अपुष्ट माना जा रहा है।
अफवाहों से बचने की जरूरत
इस पूरे मामले में यह साफ तौर पर देखा गया कि सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी के आधार पर कई बातें फैलाई गईं। विशेषज्ञों और प्रशासन की सलाह है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में केवल पुष्ट और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा किया जाए।
महंत नृत्य गोपाल दास जैसे वरिष्ठ संत की सेहत से जुड़ी खबरों में अफवाह फैलाना न सिर्फ गलत है, बल्कि सामाजिक रूप से भी गैर-जिम्मेदाराना माना जाता है।
धार्मिक और सामाजिक महत्व
महंत नृत्य गोपाल दास लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से लेकर राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारियों तक, उनका योगदान बेहद अहम रहा है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर पूरे देश में श्रद्धालुओं और संत समाज में चिंता स्वाभाविक है।
सीएम योगी का अस्पताल जाकर उनका हालचाल लेना सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान को भी दर्शाता है।
वर्तमान स्थिति क्या है?
ताजा जानकारी के अनुसार:
महंत नृत्य गोपाल दास डॉक्टरों की निगरानी में हैं
उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है
कमजोरी की समस्या में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है
अफवाहों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है
कुल मिलाकर, यह स्पष्ट है कि सीएम योगी आदित्यनाथ का मेदांता अस्पताल जाकर महंत नृत्य गोपाल दास से मिलना एक सत्य और पुष्टि की गई खबर है। महंत की तबीयत बिगड़ने, अस्पताल में भर्ती होने और भोजन न कर पाने की जानकारी भी डॉक्टरों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
हालांकि, “सिर हिलाकर जवाब देने” जैसी बातें फिलहाल पुख्ता सबूतों के अभाव में सिर्फ कयास हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग संयम बरतें और केवल सत्यापित खबरों पर ही भरोसा करें।
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath visited Medanta Hospital in Lucknow to inquire about the health of senior Hindu religious leader Mahant Nritya Gopal Das. According to doctors, Mahant Nritya Gopal Das was hospitalized due to weakness caused by illness and not taking food for over 30 hours. The CM discussed the treatment with doctors and assured full medical support. The incident highlights concern over fake news as unverified claims circulated on social media, while official reports confirmed his condition is stable.


















