AIN NEWS 1: प्रयागराज के संगम घाट पर शनिवार देर शाम उस समय अचानक तनावपूर्ण हालात बन गए, जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के नेतृत्व में चल रहे शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के पास हंगामा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों और धरना समर्थकों के अनुसार, कुछ युवक लाठी-डंडों के साथ नारेबाजी करते हुए धरना स्थल की ओर बढ़ने लगे, जिससे वहां मौजूद संतों, साधुओं और श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई।
हालांकि समय रहते धरना-आयोजकों और स्वयंसेवकों की सतर्कता से स्थिति को संभाल लिया गया और कोई बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और हालात पर नियंत्रण किया।
🔸 दिन भर शांत रहा माहौल, शाम को बदली स्थिति
धरना स्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, शनिवार को पूरे दिन संगम तट पर माहौल पूरी तरह शांत और सामान्य था। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालु संगम स्नान कर रहे थे और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपने समर्थकों के साथ शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे हुए थे।
शाम ढलते ही अचानक कुछ युवकों का एक समूह नारे लगाते हुए धरना स्थल के आसपास दिखाई दिया। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य गतिविधि समझा, लेकिन कुछ ही देर में युवकों की संख्या बढ़ने लगी और उनके हाथों में लाठी-डंडे नजर आने लगे। इससे धरना स्थल पर मौजूद लोगों में चिंता बढ़ गई।
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🔸 धरना स्थल के करीब पहुंचने की कोशिश
धरना समर्थकों का आरोप है कि नारेबाजी कर रहे युवक जानबूझकर शंकराचार्य के शिविर के बेहद करीब तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। उनके नारों की भाषा और अंदाज़ को उकसावे वाला बताया जा रहा है।
जब श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, तो कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन गई। हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
🔸 समर्थकों ने जताई साजिश की आशंका
धरना-प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि यह पूरी घटना अचानक नहीं बल्कि सुनियोजित लगती है। उनका आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर धरना स्थल पर अशांति फैलाने के इरादे से पहुंचे थे।
एक वरिष्ठ समर्थक ने बताया,
“हम लोग पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे। अचानक कुछ युवक लाठी-डंडे लेकर नारे लगाते हुए आगे बढ़े। उनका व्यवहार आक्रामक था। अगर हम समय रहते मानव-श्रृंखला बनाकर उन्हें नहीं रोकते, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।”
🔸 ‘आई लव बुलडोजर बाबा’ जैसे नारे लगाने का आरोप
धरना समर्थकों के अनुसार, हंगामा कर रहे युवक ‘आई लव बुलडोजर बाबा’ जैसे नारे लगा रहे थे। इन नारों को लेकर धरना स्थल पर मौजूद संत समाज और श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी गई।
समर्थकों का कहना है कि इस तरह के नारे जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और माहौल बिगाड़ने के लिए लगाए गए। हालांकि कुछ लोग इसे असामाजिक तत्वों की व्यक्तिगत हरकत भी मान रहे हैं।
🔸 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद संगम घाट जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और चल रहे धरने के बावजूद पर्याप्त पुलिस बल न होने का आरोप लगाया जा रहा है।
धरना आयोजकों का कहना है कि अगर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पहले से होते, तो ऐसे तत्व धरना स्थल के पास तक नहीं पहुंच पाते। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आगे से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाए।
🔸 पुलिस ने संभाली स्थिति
हंगामे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और अतिरिक्त बल तैनात किया गया। पुलिस ने संदिग्ध युवकों को धरना स्थल से दूर हटाया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। उपलब्ध वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान खंगाले जा रहे हैं। यदि किसी ने जानबूझकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🔸 शंकराचार्य का समर्थकों से शांति बनाए रखने का आह्वान
घटना के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्वयं सामने आकर अपने समर्थकों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनका धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण है और किसी भी उकसावे में नहीं आना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“हमारा मार्ग सत्य और अहिंसा का है। ऐसे प्रयास हमारे उद्देश्य से ध्यान भटकाने के लिए किए जा सकते हैं, लेकिन हमें धैर्य और मर्यादा बनाए रखनी होगी।”
🔸 श्रद्धालुओं में चिंता, लेकिन धरना जारी
घटना के बाद कुछ समय के लिए धरना स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं में भय और चिंता का माहौल जरूर बना, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो गई। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि वे किसी भी डर या दबाव में धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे।
रात होते-होते माहौल काफी हद तक शांत हो गया और धरना अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहा।
🔸 निष्पक्ष जांच की मांग
धरना समर्थकों और संत समाज के लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह साफ किया जाना चाहिए कि हंगामा करने वाले युवक कौन थे, वे किस उद्देश्य से वहां पहुंचे थे और इसके पीछे कौन लोग थे।
संगम घाट पर हुआ यह घटनाक्रम एक बार फिर यह दिखाता है कि धार्मिक और संवेदनशील स्थलों पर छोटी सी चूक भी बड़े तनाव का कारण बन सकती है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई और जांच के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Tension escalated at Sangam Ghat in Prayagraj during the protest led by Shankaracharya Avimukteshwaranand when a group of youths carrying sticks attempted to approach the sit-in site while raising slogans. Supporters claimed timely intervention prevented a major incident. The Prayagraj Sangam Ghat protest has raised serious questions about security arrangements at sensitive religious locations, prompting calls for a thorough investigation and stricter law-and-order measures.


















