AIN NEWS 1: देश में हर साल पेश होने वाला केंद्रीय बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं होता, बल्कि करोड़ों लोगों की उम्मीदों से जुड़ा होता है। Union Budget 2026 को लेकर इस बार सबसे ज्यादा उम्मीदें सीनियर सिटीजन यानी वरिष्ठ नागरिकों की हैं। बढ़ती महंगाई, इलाज का खर्च और सीमित आय के बीच बुजुर्ग वर्ग चाहता है कि सरकार इस बजट में उनके लिए कुछ ठोस और राहत देने वाले फैसले ले।

भारत में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार पर यह जिम्मेदारी भी बढ़ती जा रही है कि वह उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करे। बजट 2026 से पहले सीनियर सिटीजन संगठनों और आम बुजुर्गों की ओर से कई मांगें सामने आई हैं, जिनमें इनकम टैक्स छूट, हेल्थ इंश्योरेंस, पेंशन, रिटायरमेंट फंड और रेलवे टिकट में रियायत प्रमुख हैं।
🔹 इनकम टैक्स में ज्यादा छूट की उम्मीद
सीनियर सिटीजन की सबसे बड़ी मांग इनकम टैक्स में अतिरिक्त छूट को लेकर है। वर्तमान में वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य टैक्स स्लैब से कुछ राहत जरूर मिलती है, लेकिन बढ़ती महंगाई के मुकाबले यह नाकाफी मानी जा रही है।
बुजुर्गों की मांग है कि:
टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ाई जाए
वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग और सरल टैक्स स्लैब बनाया जाए
ब्याज से होने वाली आय (FD, RD) पर TDS की सीमा और बढ़ाई जाए
रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर सीनियर सिटीजन की आमदनी फिक्स्ड होती है। ऐसे में टैक्स का बोझ उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से परेशान करता है।
🔹 रिटायरमेंट फंड और पेंशन पर टैक्स राहत
कई वरिष्ठ नागरिकों की आय PF, NPS, ग्रेच्युटी और पेंशन पर निर्भर होती है। उनकी मांग है कि:
रिटायरमेंट के समय मिलने वाली रकम पर टैक्स पूरी तरह खत्म किया जाए
मासिक पेंशन को टैक्स फ्री या न्यूनतम टैक्स स्लैब में रखा जाए
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार इस दिशा में कदम उठाती है तो बुजुर्गों को आर्थिक सुरक्षा का बड़ा सहारा मिलेगा।
🔹 हेल्थ इंश्योरेंस: कम प्रीमियम, ज्यादा कवरेज
बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य खर्च तेजी से बढ़ता है। सीनियर सिटीजन के लिए हेल्थ इंश्योरेंस सबसे बड़ी चिंता का विषय बन चुका है।
बजट 2026 से उम्मीद की जा रही है कि:
वरिष्ठ नागरिकों के लिए कम प्रीमियम वाली हेल्थ इंश्योरेंस योजना लाई जाए
पहले से बीमार लोगों (Pre-existing diseases) को तुरंत कवरेज मिले
टैक्स में हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर ज्यादा छूट दी जाए
अभी कई बुजुर्ग महंगे प्रीमियम के कारण हेल्थ बीमा नहीं ले पाते, जिससे बीमारी के समय उन्हें अपनी जमा पूंजी खर्च करनी पड़ती है।
🔹 रेलवे टिकट में छूट की वापसी की मांग
कोरोना काल के दौरान रेलवे ने सीनियर सिटीजन को मिलने वाली टिकट छूट बंद कर दी थी। तब से लगातार यह मांग उठ रही है कि:
रेलवे टिकट में सीनियर सिटीजन को दोबारा छूट दी जाए
लंबी दूरी की यात्रा में विशेष रियायत मिले
बुजुर्गों का कहना है कि धार्मिक यात्राएं, पारिवारिक जरूरतें और इलाज के लिए यात्रा करना उनके लिए जरूरी होता है, लेकिन महंगे किराए उनके बजट को बिगाड़ देते हैं।
🔹 महंगाई से राहत और सामाजिक सुरक्षा
सीनियर सिटीजन की एक और बड़ी चिंता महंगाई है। दवाइयों, बिजली, पानी और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
इसलिए बजट से उम्मीद है कि:
बुजुर्गों के लिए सब्सिडी योजनाएं बढ़ाई जाएं
सस्ती दवाइयों और सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं दी जाएं
वरिष्ठ नागरिक पेंशन योजनाओं की राशि बढ़ाई जाए
🔹 सरकार के लिए क्यों जरूरी है सीनियर सिटीजन पर फोकस?
विशेषज्ञ मानते हैं कि सीनियर सिटीजन केवल खर्च नहीं, बल्कि अनुभव और समाज की रीढ़ हैं। अगर उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित किया जाता है तो:
स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव कम होगा
परिवारों पर आर्थिक बोझ घटेगा
बुजुर्ग सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जी सकेंगे
Union Budget 2026 सरकार के लिए एक बड़ा मौका है कि वह वरिष्ठ नागरिकों के लिए ठोस और असरदार फैसले ले।
🔹 क्या बजट 2026 में पूरी होंगी उम्मीदें?
अब सबकी निगाहें बजट पेश होने पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि सरकार सीनियर सिटीजन की टैक्स छूट, हेल्थ इंश्योरेंस और यात्रा रियायत जैसी मांगों को कितनी गंभीरता से लेती है।
अगर इन क्षेत्रों में ठोस ऐलान होते हैं, तो बजट 2026 बुजुर्गों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।
Union Budget 2026 is expected to focus strongly on senior citizens by offering tax relief, better health insurance coverage, pension benefits and possible railway ticket concessions. With rising medical expenses and fixed retirement income, senior citizens are hoping the Indian government introduces meaningful reforms in income tax slabs, health insurance premiums and social security schemes to ensure financial stability and dignified living.


















