AIN NEWS 1: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री (PM) कीर स्टार्मर को एक पब से बाहर निकाला गया। कई यूजर्स ने इसे हाल का घटना बताया है और असल में इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि, जब इस वीडियो का सही इतिहास जांचा गया, तो यह पता चला कि यह वायरल दावा गलत और भ्रमित करने वाला है। आज हम इसे विस्तार से समझेंगे कि यह कहानी कैसे शुरू हुई, इसमें क्या सच है और क्या नहीं।

📌 वीडियो का असली इतिहास
सबसे पहले यह जान लेना ज़रूरी है कि जिस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, वह नया नहीं है। यह क्लिप वास्तव में 2021 का है, जब कीर स्टार्मर ब्रिटेन में विपक्ष के नेता (Leader of the Opposition) थे, प्रधानमंत्री नहीं। उस समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन थे।
वीडियो में दिख रहा है कि पब के मालिक ने कीर स्टार्मर से कहा, “Get out of my pub! (मेरे पब से निकल जाओ!)” और उसे वहाँ से जाने को कहा। वीडियो में ऐसा लगता है मानो किसी ने उसे सीधे बाहर फेंक दिया हो, लेकिन इसका पूरा सच इससे कहीं ज्यादा सरल और भिन्न है।
Keir Starmer asked to leave Bath pub — वीडियो प्लेटफ़ॉर्म पर मौजूद है:
🔗 https://www.dailymotion.com/video/x80pwgi
📍 घटना का संदर्भ और असली कारण
यह वीडियो उस समय का है जब कीर स्टार्मर ब्रिटेन के शहर बैथ में चुनाव प्रचार कर रहे थे। उसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें देखा और एक पब के बाहर बातचीत शुरू हो गई। वीडियो में जो शख़्स स्टार्मर से बात कर रहा है, वह पब का मालिक नहीं बल्कि एक नाराज़ नागरिक था जिसने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
इस व्यक्ति ने कहा कि वह स्टार्मर और उनकी पार्टी की कुछ नीतियों से नाख़ुश है — खासकर कोरोना लॉकडाउन और महामारी नीतियों को लेकर — और इसलिए उन्होंने स्टार्मर को पब से जाने को कहा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि कीर स्टार्मर को ज़बरदस्ती धक्का‑मुक्की से बाहर निकाला गया। वह स्थिति एक आम सार्वजनिक बहस और ग़ुस्से का नज़ारा थी, ना कि किसी हिंसक निष्कासन का।
🔍 क्यों फैला यह पुराना वीडियो फिर से वायरल?
सोशल मीडिया पर अक्सर पुराने घटनाओं के वीडियो को नई घटना के तौर पर पेश कर दिया जाता है, ताकि अधिक लोगों का ध्यान आकर्षित किया जा सके या सनसनी पैदा की जा सके। कई बार यूजर्स जानबूझकर या बिना ठीक जाँच के पुराने क्लिप को आज की घटना जैसा बताकर साझा कर देते हैं, जिससे भ्रम फैलता है।
इस बार भी यही हुआ — लोग 2021 के वीडियो को 2026 की असली घटना बताकर शेयर कर रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे प्रधानमंत्री के खिलाफ असंतोष दिखाने के लिए शेयर किया, जबकि कुछ इसे मज़ाक या आलोचना के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि वीडियो पुराना है और उस समय स्टार्मर प्रधानमंत्री नहीं थे।
📌 क्या वीडियो में कुछ गलत है?
जहाँ तक क्लिप की सामग्री की बात है, वीडियो में जो शब्द और व्यवहार दिखाया गया है, वह उस वक्त की रियल बातचीत का हिस्सा था। हालांकि उस घटना का मक़सद सीधे तौर पर राजनीति और लोगों की भावनाओं को दिखाना था, लेकिन इसे आज के प्रधानमंत्री की भूमिका के साथ जोड़ना सही नहीं है।
विशेषज्ञों ने भी बताया है कि वीडियो को एडिट नहीं किया गया है — यानी यह असली फुटेज है — मगर इसे गलत संदर्भ में दिखाया जा रहा है। इसे यह कहकर फैलाया जा रहा है कि यह हाल की घटना थी जब वह प्रधानमंत्री के रूप में थे, जबकि यह 2021 की वायरल क्लिप है।
• दावा: वीडियो में दिख रहा है कि UK PM कीर स्टार्मर को एक पब से निकाला गया।
➡️ सच: यह क्लिप पुराना है (2021 का) और उस समय स्टार्मर विपक्ष के नेता थे, प्रधानमंत्री नहीं।
• दावा: यह घटना हाल ही की है।
➡️ सच: नहीं, यह सोशल मीडिया पर दोबारा पुराना वीडियो शेयर किया जा रहा है, और आज की घटना होने का कोई प्रमाण नहीं मिला।
• दावा: यह प्रधानमंत्री की नौकरी की असफलता का प्रमाण है।
➡️ सच: यह आरोप केवल सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा है, न कि वास्तविक तथ्य।
इसलिए यह कहना सुरक्षित है कि यह वीडियो “ब्रिटेन के पीएम को पब से निकाला गया” इसका सबूत नहीं है। इसका उपयोग भ्रम फैलाने के लिए किया जा रहा है।
आज की डिजिटल दुनिया में वीडियो या तथ्यपूर्ण क्लिप को बिना स्रोत की पुष्टि के साझा करना खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर राजनीति से जुड़े मामलों में लोगों की भावनाएँ आसानी से प्रभावित होती हैं और पुरानी सामग्री को नया रूप देकर फैलाया जा सकता है। यही वजह है कि फैक्ट‑चेक वेबसाइट्स और प्रमाणित रिपोर्ट्स से सत्यापन महत्वपूर्ण है।
A viral pub video claiming that UK Prime Minister Keir Starmer was thrown out of a pub is misleading; the clip dates back to April 2021 when Starmer was Leader of the Opposition, not the UK PM, and was confronted by a pub owner during a campaign visit, not ejected as a recent event. This fact check clarifies the truth behind the viral claim and corrects misinformation circulating online.


















