उत्तर प्रदेश में विवाह पंजीकरण के नए सख्त नियम: आधार, बायोमैट्रिक और दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य!

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AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश सरकार ने विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और एकरूप बनाने के लिए बड़े स्तर पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। महानिरीक्षक निबन्धन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा जारी इस परिपत्र के तहत अब राज्य के सभी उप निबन्धक कार्यालयों में विवाह पंजीकरण एक तय प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाएगा।

यह आदेश उत्तर प्रदेश विवाह पंजीकरण नियमावली, 2017 के अंतर्गत जारी किया गया है, जिसका उद्देश्य फर्जी विवाह पंजीकरण, गलत आयु प्रमाण, तथा कागज़ी अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाना है।

🔹 कौन अधिकारी है विवाह पंजीकरण के लिए जिम्मेदार?

राज्य के सभी उप निबन्धक अपने-अपने जनपदों में पदेन विवाह पंजीकरण अधिकारी होंगे। नियम 21 के अंतर्गत महानिरीक्षक निबन्धन / महानिबन्धक विवाह पंजीकरण को यह अधिकार प्राप्त है कि वे विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निर्देश जारी करें।

पूर्व में जारी सभी आदेशों को समाहित करते हुए अब एक समान और अनिवार्य व्यवस्था लागू कर दी गई है।

🔹 विवाह पंजीकरण से जुड़े मुख्य नए निर्देश

1️⃣ आधार प्रमाणीकरण से होगी पहचान

अब विवाह पंजीकरण के दौरान वर और वधु दोनों की पहचान उनकी सहमति से आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से की जाएगी। बिना आधार सत्यापन के विवाह पंजीकरण संभव नहीं होगा।

2️⃣ वर-वधु और गवाहों का बायोमैट्रिक रिकॉर्ड

विवाह के समय:

वर

वधु

दो गवाह

इन सभी का विवरण स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा।

साथ ही:

फोटो

बायोमैट्रिक अंगूठा निशान

विवाह पंजीकरण अधिकारी के सामने डिजिटल रूप से दर्ज किए जाएंगे।

विवाह पंजीकरण अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि:

वर और वधु दोनों की जन्मतिथि प्रमाणिक रूप से सत्यापित हो

न्यूनतम वैधानिक आयु पूरी हो

जब तक जन्मतिथि की पुष्टि नहीं होगी, तब तक विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

4️⃣ CBSE प्रमाणपत्रों का डिजिटल सत्यापन

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा जारी प्रमाणपत्रों का सत्यापन अब:

DigiLocker से जुड़ी ऑनलाइन व्यवस्था

APIs के माध्यम से

👉 https://apisetu.gov.in�

पर किया जाएगा।

इससे फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों पर रोक लगेगी।

5️⃣ UP बोर्ड प्रमाणपत्रों का सत्यापन

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के प्रमाणपत्र:

वर्ष 2002 के बाद जारी परिणाम

जिनमें जन्मतिथि दर्ज होती है

👉 https://results.upmsp.edu.in�

के माध्यम से सत्यापित किए जाएंगे।

6️⃣ जन्म प्रमाणपत्र का सत्यापन CRS पोर्टल से

रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र:

CRS पोर्टल

विभागीय API इंटीग्रेशन

के माध्यम से सत्यापित किए जाएंगे।

प्रारंभिक जानकारी जनगणना (Census) विभाग से भी ली जा सकती है।

7️⃣ पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और PAN की जांच

यदि जन्मतिथि के लिए निम्न दस्तावेज दिए जाते हैं:

पासपोर्ट

स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस

पैन कार्ड

तो इनका सत्यापन संबंधित विभागों के पोर्टल और Protean eGov Technologies Ltd के सिस्टम से किया जाएगा।

🔹 पुरोहित की भूमिका भी होगी दर्ज

अब विवाह संपन्न कराने वाले:

पुरोहित

मौलवी

पादरी

या अन्य व्यक्ति

को शपथपत्र देना होगा।

✔️ विवाह पंजीकरण अधिकारी यह प्रमाणित करेगा कि:

विवाह वास्तव में संपन्न हुआ

पुरोहित की उपस्थिति पंजीकरण के समय रही

शपथपत्र संतोषजनक है

📝 पुरोहित की उपस्थिति के लिए अलग रजिस्टर

हर उप निबन्धक कार्यालय में:

एक पृथक पंजिका (रजिस्टर) रखी जाएगी

जिसमें विवाह कराने वाले व्यक्ति की उपस्थिति दर्ज होगी

बेहतर होगा कि उस व्यक्ति को गवाह के रूप में भी दर्ज कर लिया जाए।

🔹 मासिक निगरानी और उच्च न्यायालय के निर्देश

प्रत्येक विवाह पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय में:

मासिक रूप से पंजीकृत विवाहों का इंडेक्स प्रिंट किया जाएगा

उस पर सहायक महानिरीक्षक निबन्धन यह प्रमाणित करेंगे कि

“माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन किया जा रहा है।”

यह व्यवस्था निगरानी और जवाबदेही तय करने के लिए की गई है।

🔹 सभी अधिकारियों को सख्त अनुपालन के निर्देश

इस परिपत्र की प्रतिलिपि:

प्रमुख सचिव

महिला एवं बाल विकास विभाग

मंडलायुक्त

जिलाधिकारी

NIC लखनऊ

सभी को भेजी गई है ताकि:

सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव हों

100% अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके

उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम विवाह पंजीकरण को:

पारदर्शी

सुरक्षित

डिजिटल

और कानूनी रूप से मजबूत

बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार है। इससे बाल विवाह, फर्जी पंजीकरण और गलत दस्तावेजों पर प्रभावी रोक लगेगी।

The Uttar Pradesh government has strengthened the marriage registration process under the UP Marriage Registration Rules 2017 by making Aadhaar authentication, biometric verification, and digital age verification mandatory. These new UP marriage registration rules aim to prevent fake registrations, child marriages, and document fraud. With online verification of CBSE, UP Board certificates, birth certificates, Aadhaar, PAN, passport, and driving license, the marriage registration system in Uttar Pradesh has become more transparent, secure, and legally robust.

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