Atiq Ahmed’s Illegal Encroachment on Waqf Properties Worth Rs 71 Crore Exposed in Prayagraj
प्रयागराज में अतीक अहमद द्वारा 71 करोड़ की वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे का बड़ा खुलासा
AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में वक्फ की संपत्तियों पर पूर्व माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके परिवार द्वारा किए गए अवैध कब्जों का एक बड़ा मामला सामने आया है। यह खुलासा सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और प्रयागराज मंडलायुक्त की संयुक्त जांच में हुआ है। जांच में पाया गया कि अतीक अहमद, उसके परिजन और करीबी रिश्तेदारों ने वक्फ की संपत्तियों पर गैरकानूनी कब्जा जमा रखा था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 71 करोड़ रुपये है।
किन संपत्तियों पर हुआ कब्जा?
जांच में यह सामने आया है कि अतीक अहमद के प्रभाव में प्रयागराज शहर और आसपास के इलाकों में कई वक्फ की दुकानें, मकान और बहुमंजिला इमारतों पर अवैध रूप से कब्जा किया गया था। इतना ही नहीं, वक्फ की जमीन की मिट्टी तक को निकालकर बेचा गया, जिससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हुआ।
किसकी मिलीभगत से हुआ कब्जा?
इस पूरे मामले में वक्फ बोर्ड के तत्कालीन मुत्तलवी (प्रबंधक) सैयद मोहम्मद अशीयम की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि अशीयम ने अतीक अहमद के परिवार को इन संपत्तियों पर कब्जा करने में मदद की और बदले में पैसे की उगाही की।
वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और धार्मिक उपयोग के लिए इनका प्रबंधन मुत्तलवी के जिम्मे होता है, लेकिन जब वही व्यक्ति अपने पद का दुरुपयोग करने लगे, तो ऐसे मामलों की संभावना बढ़ जाती है। मामले के सामने आने के बाद अशीयम को उनके पद से हटा दिया गया और एक नया मुत्तलवी नियुक्त किया गया है।
कैसे हुआ खुलासा?
प्रयागराज मंडलायुक्त के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने वक्फ संपत्तियों का भौतिक निरीक्षण किया। दस्तावेजों की जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हुआ कि जिन संपत्तियों पर कब्जा है, वे वक्फ की हैं और उनका दायित्व धार्मिक तथा सामाजिक कार्यों के लिए निर्धारित था।
टीम की रिपोर्ट के आधार पर यह साफ हुआ कि अतीक अहमद और उसके करीबियों ने इन संपत्तियों का व्यवसायिक इस्तेमाल किया और वहां दुकानें तथा इमारतें बनवाकर किराया वसूला। इससे न सिर्फ वक्फ बोर्ड को नुकसान हुआ, बल्कि स्थानीय गरीब समुदाय, जो इन संपत्तियों के माध्यम से लाभान्वित हो सकता था, वह भी वंचित रह गया।
सरकार की कार्रवाई
सरकार ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया है। अब इन अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वक्फ बोर्ड ने भी मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है, और जिम्मेदार अधिकारियों तथा आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की तैयारी चल रही है।
इसके अलावा प्रशासन यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। इसके लिए वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं और नियमित निगरानी की योजना बनाई गई है।
अतीक अहमद का आपराधिक इतिहास
यह पहला मौका नहीं है जब अतीक अहमद का नाम अवैध कब्जों या अपराधिक गतिविधियों में आया हो। वह पहले भी हत्या, रंगदारी, फिरौती और जमीन कब्जाने जैसे मामलों में आरोपी रह चुका है। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है, और उसके खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमे चल रहे हैं।
स्थानीय लोगों में नाराज़गी
इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। वक्फ संपत्तियों का उपयोग समाज के कमजोर वर्गों के हित में होना चाहिए था, लेकिन इन्हें अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया। अब उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार सख्त कदम उठाएगी और इन संपत्तियों को उनके असली उद्देश्य के लिए वापस लाया जाएगा।
In a major revelation from Prayagraj, Uttar Pradesh, former mafia don Atiq Ahmed, his family, and close relatives have been found guilty of illegally encroaching on Waqf properties worth Rs 71 crore. These Waqf properties included shops, houses, and multi-storey buildings. The Sunni Central Waqf Board and local administration confirmed the involvement, with evidence pointing towards the misuse of power by the then mutawalli who aided Atiq’s family. This illegal encroachment on waqf land not only caused financial loss but also diverted properties meant for community welfare and religious purposes. The case has triggered legal actions and raised concerns over Waqf land protection in Uttar Pradesh.



















