AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के कानपुर से सामने आया समाजवादी पार्टी के नेता आमिर जैदी की गिरफ्तारी का मामला इन दिनों काफी चर्चा में है। खुद को प्रभावशाली नेता बताने वाले आमिर जैदी की कथित ‘नेतागिरी’ उस वक्त ठंडी पड़ गई, जब पुलिस ने उसे करीब 6 किलोमीटर तक पीछा कर दबोच लिया। यह पूरा घटनाक्रम न सिर्फ फिल्मी अंदाज़ में हुआ, बल्कि इसके पीछे लगे आरोप भी बेहद गंभीर हैं।
यह मामला कानपुर देहात के घाटमपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक युवती ने आमिर जैदी पर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और तभी से आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई थी।
🔹 कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
पीड़िता के मुताबिक, साल 2013 में उसके पिता का निधन हो गया था। परिवार की जिम्मेदारियां उस पर आ गईं और इसी दौरान आमिर जैदी से उसकी जान-पहचान हुई। शुरुआत में आरोपी ने सहानुभूति दिखाते हुए उसकी मदद की और धीरे-धीरे उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया।
आरोप है कि इसी दौरान आमिर जैदी ने युवती के आपत्तिजनक वीडियो बना लिए और बाद में उन्हीं वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करने लगा। पीड़िता का कहना है कि वह काफी समय तक आरोपी की धमकियों और दबाव में रही और उसके साथ बार-बार शारीरिक शोषण किया गया।
🔹 शादी तय होते ही बढ़ी प्रताड़ना
युवती ने बताया कि जब पिछले साल सितंबर में परिजनों ने उसकी शादी तय की, तो आमिर जैदी बौखला गया। इसके बाद उसने अपने कुछ सहयोगियों—शनि उर्फ सनी अब्बास, रिजवी और राजा उर्फ अख्तर अंसारी—के साथ मिलकर उसे मानसिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया।
पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव भी बनाया गया। धमकी दी गई कि अगर उसने आरोपी की बात नहीं मानी, तो उसके निजी वीडियो सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।
🔹 पुलिस को कैसे मिली सफलता?
युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने आमिर जैदी समेत चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। कार्रवाई की भनक लगते ही आमिर जैदी फरार हो गया और रात के अंधेरे में बाइक से भागने की कोशिश करने लगा।
इसकी जानकारी मिलते ही घाटमपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बिना देरी किए खुद स्कूटी से उसका पीछा शुरू किया। करीब 6 किलोमीटर तक चले इस हाई-वोल्टेज पीछा अभियान के बाद पुलिस ने आरोपी को जहांगीराबाद गांव के पास दबोच लिया।
🔹 गिरफ्तारी के बाद निकाला गया जुलूस
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आमिर जैदी का इलाके में जुलूस भी निकाला। इस दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोगों ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह कितना ही बड़ा नेता क्यों न हो।
बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
🔹 कौन है आमिर जैदी?
आमिर जैदी समाजवादी पार्टी से जुड़ा हुआ नेता बताया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। साल 2020 में घाटमपुर दौरे पर आए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को काला झंडा दिखाने के मामले में भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
इसके अलावा मारपीट, हंगामा और कानून व्यवस्था बिगाड़ने से जुड़े मामलों में भी उसका नाम सामने आता रहा है। पुलिस का कहना है कि ताजा मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर ही उसे गिरफ्तार किया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
🔹 पुलिस का क्या कहना है?
इस पूरे मामले पर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि युवती की शिकायत बेहद गंभीर थी। पुलिस ने बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। उन्होंने साफ कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और राजनीतिक पहचान के आधार पर किसी को छूट नहीं दी जाएगी।
फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच जारी है।
Aamir Zaidi, a Samajwadi Party leader from Kanpur, Uttar Pradesh, was arrested after a dramatic six-kilometer police chase. The Kanpur crime news has shocked political circles as the SP leader faces serious allegations including rape, blackmail, and forced religious conversion. According to UP police, the victim accused Aamir Zaidi of exploiting her for years and pressuring her to convert religions. This high-profile arrest highlights strict action by Kanpur police against influential political figures involved in criminal activities.


















