AIN NEWS 1: राजस्थान के कोटा शहर में मंगलवार सुबह एक भयावह हादसा हुआ, जब शहर के व्यस्त क्षेत्र में स्थित तीन मंजिला बिल्डिंग अचानक ढह गई। इस बिल्डिंग में एक रेस्टोरेंट चल रहा था, और हादसे के समय वहां काफी लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीमों ने मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने का काम तुरंत शुरू किया। अब तक पांच लोगों को बचाया गया है और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य में जुट गईं। अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग के मलबे में और भी लोग दबे होने की संभावना है, इसलिए बचाव और राहत कार्य पूरी तरह से तेजी से चलाया जा रहा है।
मौके पर मौजूद नागरिकों के मुताबिक, बिल्डिंग के पीछे कई दिनों से निर्माण और ड्रिलिंग का काम चल रहा था। वहां लगातार हैमर और ड्रिल मशीनें चल रही थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में हल्की-हल्की कंपन महसूस की जा रही थी। विशेषज्ञों का कहना है कि इसी वाइब्रेशन की वजह से बिल्डिंग की संरचना कमजोर हो गई और अचानक ढह गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिल्डिंग में रेस्टोरेंट के अलावा अन्य छोटे व्यवसाय भी चल रहे थे। हादसे के समय रेस्टोरेंट में काफी लोग खाने के लिए मौजूद थे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। कुछ लोग मलबे में फंसने के बाद जोर-जोर से मदद के लिए चिल्ला रहे थे। आसपास के लोग और पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
बचाव कार्य में फायर ब्रिगेड की टीम ने मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही स्थानीय लोग भी हाथ से मलबा हटाने में मदद कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की संभावना के कारण राहत और बचाव कार्य अभी जारी है।
इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के भवन निरीक्षण तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय पर बिल्डिंग की संरचना की जांच की जाती और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो इस तरह का हादसा टाला जा सकता था।
स्थानीय अस्पतालों ने अलर्ट जारी कर दिया है और आपातकालीन टीमों को तैयार रखा गया है। पांच घायल लोगों की स्थिति फिलहाल गंभीर बताई जा रही है, लेकिन चिकित्सक उन्हें सुरक्षित मान रहे हैं। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को खाली करवा दिया है और लोगों को मलबे से दूर रहने की चेतावनी दी है।
बचाव अभियान में पुलिस, फायर ब्रिगेड और नागरिक राहत संगठन एक साथ काम कर रहे हैं। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए विशेष उपकरण और कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं और पास-पड़ोस के नागरिक घायल व्यक्तियों के लिए रक्तदान और जरूरी चिकित्सा सहायता दे रहे हैं।
यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कितना महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बिल्डिंग की संरचना मजबूत नहीं होती और लगातार कंपन के प्रभाव को नजरअंदाज किया गया, तो ऐसी त्रासदी घट सकती है।
अभी तक पांच लोगों को बचाया गया है, लेकिन राहत कार्य जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता मलबे के नीचे फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बचाव कार्य में बाधा न डालें और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
कोटा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हादसे की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि बिल्डिंग की ढांचा कमजोर था या आसपास चल रहे निर्माण कार्य के कारण अचानक यह ढह गई।
इस हादसे ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय लोग और प्रशासन दोनों ही हादसे के बाद सहायता और राहत कार्य में जुटे हुए हैं। अधिकारी और विशेषज्ञ हादसे की वजह का पता लगाने के लिए मलबे का विश्लेषण कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
In Kota, Rajasthan, a 3-storey building housing a restaurant suddenly collapsed, causing multiple injuries. Five people have been rescued and sent to the hospital, while rescue teams continue to search for others trapped under the debris. The building collapse was possibly due to ongoing construction vibrations nearby. This incident highlights building safety concerns and emergency response in Kota.


















