AIN NEWS 1: भोजपुर खंड में वर्ष 2026 की शुरुआत एक बड़े सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के साथ होने जा रही है। “विराट हिन्दू सम्मेलन–2026” के नाम से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य हिन्दू समाज को एक मंच पर लाकर आपसी बंधुता, प्रेम, सहयोग और स्वाभिमान की भावना को मजबूत करना है। आयोजन समिति की ओर से सभी सनातन धर्मावलंबियों को सपरिवार इस कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
सम्मेलन का उद्देश्य क्या है?
आयोजन समिति के अनुसार, यह सम्मेलन केवल एक सभा नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक एकजुटता का प्रयास है। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य हिन्दू धर्म, हिन्दू संस्कृति और हिन्दू समाज की मूल भावनाओं को सुदृढ़ करना है।
समिति का मानना है कि वर्तमान समय में सामाजिक समरसता, पारस्परिक सहयोग और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में यह सम्मेलन समाज को जोड़ने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।
प्रमुख वक्ता कौन होंगे?
सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मेरठ प्रांत से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।
मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमान अनिल जी (प्रांत प्रचारक, मेरठ प्रांत) अपने विचार रखेंगे। उनके साथ श्रीमान विजय गोयल जी (प्रांत संपर्क प्रमुख, मेरठ प्रांत) भी सभा को संबोधित करेंगे।
आयोजन समिति का कहना है कि दोनों वक्ता हिन्दू समाज, सांस्कृतिक मूल्यों और संगठन की भूमिका पर विस्तार से मार्गदर्शन देंगे। उनके अनुभव और विचार सम्मेलन को विशेष दिशा देंगे।
कब और कहाँ होगा आयोजन?
यह सम्मेलन शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम का समय प्रातः 11:30 बजे से निर्धारित किया गया है।
आयोजन स्थल:
श्रीराम हायर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, शकूरपुर, भोजपुर खंड
स्थानीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर समिति सक्रिय है।
परिवार सहित आने का आग्रह
आयोजन समिति ने विशेष रूप से यह अपील की है कि सभी सनातन धर्मावलंबी इस कार्यक्रम में अपने पूरे परिवार के साथ शामिल हों। समिति का मानना है कि जब परिवार एक साथ ऐसे आयोजनों में भाग लेते हैं, तो सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों की जड़ें और मजबूत होती हैं।
यह सम्मेलन केवल विचारों का आदान-प्रदान नहीं बल्कि सामूहिक सहभागिता का अवसर भी होगा। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का माध्यम बनेगा।
सामाजिक एकता पर जोर
सम्मेलन की थीम “समर्थ हिन्दू – संगठित हिन्दू” रखी गई है। इस संदेश के माध्यम से समाज को यह प्रेरणा दी जा रही है कि संगठन और एकता ही किसी भी समुदाय की शक्ति होती है।
आयोजन समिति का कहना है कि जब समाज आपसी प्रेम और सहयोग की भावना से आगे बढ़ता है, तो वह हर चुनौती का सामना मजबूती से कर सकता है। सम्मेलन इसी भावना को प्रबल करने का प्रयास करेगा।
स्थानीय सहभागिता और आयोजन समिति
कार्यक्रम का संचालन हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति, भोजपुर खंड द्वारा किया जा रहा है। समिति के पदाधिकारी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लगातार बैठकों और जनसंपर्क में जुटे हैं।
समिति के उपाध्यक्ष एवं ‘पीड़ित को न्याय’ द्वि-मासिक पत्रिका के मुख्य संपादक पवन चौधरी ने भी समाज के लोगों से बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की है। उनका कहना है कि यह आयोजन समाज के आत्मसम्मान और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने का अवसर है।
युवाओं और नई पीढ़ी की भूमिका
आयोजन समिति का विशेष ध्यान युवाओं की भागीदारी पर भी है। उनका मानना है कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
सम्मेलन के माध्यम से युवाओं को समाज, संस्कृति और संगठन की भूमिका के बारे में जागरूक किया जाएगा। इससे उनमें नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
क्या संदेश देना चाहता है सम्मेलन?
विराट हिन्दू सम्मेलन–2026 का मूल संदेश है —
एकता, स्वाभिमान और सांस्कृतिक संरक्षण।
आयोजन समिति का विश्वास है कि जब समाज संगठित रहता है, तो वह सामाजिक समरसता और विकास की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। यह सम्मेलन समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा देने का एक मंच बनेगा।
भोजपुर खंड में आयोजित होने जा रहा यह सम्मेलन केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनने की दिशा में एक प्रयास है।
13 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाने का अवसर देगा। आयोजन समिति ने सभी सनातन धर्मावलंबियों से आग्रह किया है कि वे सपरिवार उपस्थित होकर इस आयोजन को सफल बनाएं और एकता का संदेश मजबूत करें।
Viraat Hindu Sammelan 2026 will be held in Bhojpur Khand to strengthen Hindu unity, promote Sanatan Dharma, preserve Hindu culture, and encourage social harmony and brotherhood. The event will feature key speakers including RSS Meerut Prant Pracharak Anil Ji and Prant Sampark Pramukh Vijay Goyal Ji. Families and members of the Hindu community are invited to attend this cultural and social gathering aimed at reinforcing self-respect, cooperation, and collective identity.


















