AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में शनिवार को एक बेहद हृदयविदारक सड़क हादसा हुआ। अंडर कंस्ट्रक्शन गंगा एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार कार ने पैदल जा रही 9 लड़कियों को टक्कर मार दी। इस हादसे में 4 लड़कियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं।
बताया जा रहा है कि ये सभी लड़कियां पास के गांव में आयोजित भंडारे से प्रसाद लेकर अपने घर लौट रही थीं। घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।
कैसे हुआ हादसा?
स्थानीय लोगों के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अभी जारी है। सड़क पूरी तरह तैयार नहीं है, लेकिन कुछ हिस्सों पर वाहन चल रहे हैं। शनिवार शाम को जब लड़कियां प्रसाद लेकर पैदल घर की ओर जा रही थीं, तभी तेज रफ्तार से आ रही एक कार ने उन पर नियंत्रण खो दिया और सीधे उन्हें टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई लड़कियां सड़क पर दूर जा गिरीं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
4 लड़कियों की मौके पर मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा बेहद भयावह था। चार लड़कियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उनके शरीर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। पांच अन्य घायल लड़कियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार, कुछ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
परिवारों में मातम का माहौल
घटना की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। जिन परिवारों की बेटियां इस हादसे का शिकार हुईं, उनके घरों में मातम पसरा हुआ है।
भंडारे में शामिल होने गईं बेटियां कभी वापस नहीं लौटेंगी — इस सच को स्वीकार करना परिजनों के लिए बेहद कठिन है। ग्रामीणों का कहना है कि ये हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही का परिणाम है।
अंडर कंस्ट्रक्शन सड़क पर सुरक्षा सवालों के घेरे में
गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अभी जारी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अधूरी सड़क पर वाहनों की आवाजाही कैसे हो रही थी? क्या वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर न तो उचित बैरिकेडिंग थी और न ही गति नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम। यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती, तो शायद इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।
पुलिस की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। कार चालक को हिरासत में लेने की जानकारी सामने आई है। वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का प्रतीत हो रहा है। आगे की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। अधिकारियों ने घायलों के समुचित इलाज का आश्वासन दिया है। मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता देने की बात भी कही जा रही है।
हालांकि, स्थानीय लोगों की मांग है कि सिर्फ मुआवजा पर्याप्त नहीं है। जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और निर्माणाधीन सड़कों पर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।
सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय से सड़क हादसों की संख्या बढ़ी है। खासकर निर्माणाधीन सड़कों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने से जोखिम और बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक निर्माण कार्य पूरा न हो जाए, तब तक ऐसे मार्गों पर आम यातायात को सीमित रखा जाना चाहिए। साथ ही, स्पीड लिमिट, चेतावनी बोर्ड और निगरानी की सख्त व्यवस्था जरूरी है।
ग्रामीणों की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क पर विरोध जताया। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे।
ग्रामीणों ने मांग की है:
निर्माणाधीन सड़क पर वाहनों की एंट्री नियंत्रित की जाए
स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेत लगाए जाएं
दोषी चालक पर सख्त कार्रवाई हो
पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए
रायबरेली में गंगा एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई सवालों को जन्म देने वाली घटना है। चार मासूम जिंदगियां एक पल में खत्म हो गईं। पांच अन्य जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं।
जरूरत है कि सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त और व्यावहारिक कदम उठाए जाएं। निर्माणाधीन परियोजनाओं पर लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाती हैं।
A tragic Raebareli accident on the under-construction Ganga Expressway in Uttar Pradesh has shocked the state after a speeding car ran over nine girls who were returning home with prasad from a local bhandara. The Uttar Pradesh road accident resulted in the death of four girls, while five others sustained serious injuries. The incident has once again raised concerns about road safety on the Ganga Expressway and traffic management at under-construction sites in UP.


















