AIN NEWS 1: महाराष्ट्र के ठाणे से साइबर अपराध का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि इंटरनेट पर एक छोटी सी चूक कितनी बड़ी मुसीबत बन सकती है। इस मामले में एक रिटायर्ड सरकारी इंजीनियर को पहले सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती और प्यार के जाल में फंसाया गया, फिर फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर भरोसा जीता गया और अंत में निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर उनसे करीब 3.95 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई।
कैसे शुरू हुआ पूरा खेल?
पुलिस के अनुसार, रिटायर्ड इंजीनियर की मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक महिला से हुई। शुरुआत सामान्य बातचीत से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नियमित चैटिंग शुरू हो गई। महिला ने खुद को एक सफल निवेश सलाहकार और ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताया।
कुछ दिनों की बातचीत के बाद उसने इंजीनियर को ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने का सुझाव दिया। उसने दावा किया कि वह विदेशी मार्केट में निवेश करवाती है और बहुत कम समय में बड़ा मुनाफा दिलाती है।
फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का जाल
महिला ने इंजीनियर को एक वेबसाइट और मोबाइल ऐप का लिंक भेजा, जो देखने में पूरी तरह असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा लग रहा था। वहां नकली ग्राफ, मुनाफे के आंकड़े और अकाउंट बैलेंस दिखाए जाते थे।
शुरुआत में इंजीनियर ने कम रकम निवेश की। कुछ ही दिनों में ऐप पर भारी मुनाफा दिखने लगा। यह देखकर उनका भरोसा और मजबूत हो गया। इसके बाद उन्होंने बड़ी रकम ट्रांसफर करनी शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि अलग-अलग खातों में कई किश्तों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। हर बार उन्हें स्क्रीन पर बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता रहा।
ब्लैकमेलिंग का असली खेल
इसी दौरान आरोपी महिला ने वीडियो कॉल और निजी चैट के जरिए इंजीनियर की कुछ निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल कर लिए।
कुछ समय बाद अचानक महिला का व्यवहार बदल गया। उसने पैसे की मांग करते हुए धमकी दी कि यदि रकम नहीं दी गई तो उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे और परिवार को भेज दिए जाएंगे।
इंजीनियर घबरा गए। सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवार की इज्जत के डर से उन्होंने आरोपी के कहे अनुसार पैसे ट्रांसफर करना जारी रखा। इस तरह धीरे-धीरे कुल ठगी की रकम करीब 3.95 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
कब हुआ खुलासा?
जब इंजीनियर ने कथित मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो वेबसाइट ने अतिरिक्त ‘टैक्स’ और ‘प्रोसेसिंग फीस’ की मांग की। उन्हें शक हुआ।
इसके बाद महिला का संपर्क अचानक टूट गया। वेबसाइट और ऐप भी काम करना बंद कर चुके थे। तब जाकर उन्हें एहसास हुआ कि वे एक सुनियोजित साइबर ठगी और सेक्सटॉर्शन गैंग का शिकार बन चुके हैं।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित ने ठाणे साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आईटी एक्ट और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियां बैंक खातों, ट्रांजैक्शन डिटेल्स और डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह का काम हो सकता है, जो फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता है।
सेक्सटॉर्शन क्या है?
‘सेक्सटॉर्शन’ शब्द ‘सेक्स’ और ‘एक्सटॉर्शन’ (ब्लैकमेल) से मिलकर बना है। इसमें पहले किसी व्यक्ति से ऑनलाइन दोस्ती की जाती है, फिर निजी या आपत्तिजनक तस्वीरें/वीडियो हासिल किए जाते हैं। बाद में इन्हीं के जरिए पैसे की मांग की जाती है।
यह अपराध खासतौर पर सोशल मीडिया, वीडियो कॉलिंग ऐप और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर तेजी से बढ़ रहा है।
क्यों फंस जाते हैं लोग?
भावनात्मक कमजोरी – अकेलापन या भरोसा जल्दी करना
तेजी से पैसा कमाने का लालच
तकनीकी जानकारी की कमी
निजता के डर से शिकायत न करना
साइबर अपराधी पहले भरोसा बनाते हैं, फिर धीरे-धीरे जाल कसते हैं। जब तक पीड़ित को समझ आता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
खुद को कैसे बचाएं?
अनजान लोगों से वीडियो कॉल या निजी फोटो साझा न करें।
किसी भी ऑनलाइन ट्रेडिंग या निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता जांचें।
लालच देने वाले ‘गारंटीड प्रॉफिट’ ऑफर से सावधान रहें।
बैंक डिटेल्स और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
ब्लैकमेल होने पर डरें नहीं, तुरंत पुलिस में शिकायत करें।
भारत सरकार और राज्य पुलिस की साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है।
एक बड़ी सीख
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है। यह डिजिटल युग की एक चेतावनी है। सोशल मीडिया पर बनने वाले रिश्ते और ऑनलाइन निवेश के अवसर हमेशा सुरक्षित नहीं होते।
रिटायर्ड इंजीनियर जैसे शिक्षित और अनुभवी व्यक्ति भी साइबर अपराधियों के जाल में फंस सकते हैं। इसलिए सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।
साइबर अपराधी भावनाओं, लालच और डर—तीनों का इस्तेमाल करते हैं। जरूरत है जागरूकता और समय पर कार्रवाई की।
A shocking sextortion case in Thane, Maharashtra highlights how a retired government engineer lost ₹3.95 crore in an online trading scam and digital blackmail scheme. The victim was first trapped through social media romance, then lured into a fake investment platform promising high returns. Later, private photos were used for blackmail, making it a classic case of cyber crime, online fraud, and sextortion in India. Police have launched an investigation into the cyber scam network behind the fraud.


















