AIN NEWS 1: मोदीनगर (गाजियाबाद) के तहसील परिसर में आयोजित ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने प्रशासन की कार्यशैली और आम नागरिक की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। बेगमाबाद क्षेत्र में मंदिर और बड़ी मस्जिद के आसपास कथित अवैध अतिक्रमण की शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक को खुलेआम धमकी दिए जाने का आरोप लगा है। खास बात यह है कि यह कथित धमकी प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दी गई।
घटना के बाद तहसील परिसर में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। शिकायतकर्ता युवक ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मोदीनगर तहसील परिसर में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया था। यह कार्यक्रम आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उनका त्वरित समाधान करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। इस दौरान उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे।
इसी कार्यक्रम में बेगमाबाद स्थित मंदिर और बड़ी मस्जिद क्षेत्र में कथित अवैध अतिक्रमण की शिकायत लेकर एक युवक पहुंचा। युवक का आरोप है कि उसने अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों के आसपास अवैध कब्जा किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में विवाद और अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है।
युवक का कहना है कि जब वह अपनी बात रख रहा था, तभी वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उस पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। आरोप है कि उस व्यक्ति ने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि उसे मारपीट की धमकी भी दी।
अधिकारियों की मौजूदगी में दी गई धमकी?
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह पूरी घटना प्रशासनिक अधिकारियों के सामने हुई। उसने दावा किया कि जिस समय वह एसडीएम और अन्य अधिकारियों को अपनी समस्या बता रहा था, उसी दौरान उसे डराने-धमकाने की कोशिश की गई।
युवक का कहना है कि उसे उम्मीद थी कि अधिकारियों की मौजूदगी में उसे सुरक्षा और न्याय मिलेगा, लेकिन मौके पर कोई तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं की गई। यही बात अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
तहसील परिसर में बना तनाव का माहौल
घटना के बाद तहसील परिसर में मौजूद लोगों के बीच हलचल मच गई। कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि अगर जनसुनवाई जैसे मंच पर, जहां आम नागरिक अपनी समस्या लेकर आता है, वहीं उसे धमकाया जाएगा, तो फिर आम आदमी अपनी बात कहां रखेगा?
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का उद्देश्य जनता को सुरक्षित माहौल में अपनी शिकायत दर्ज कराने का अवसर देना है। ऐसे में यदि शिकायतकर्ता को ही धमकाया जाए, तो इससे लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है।
युवक की क्या है मांग?
शिकायतकर्ता युवक ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उसने कहा है कि जिस व्यक्ति ने उसे धमकी दी, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति जनसुनवाई के दौरान इस तरह का व्यवहार करने की हिम्मत न करे।
युवक का कहना है कि उसका मकसद केवल अवैध अतिक्रमण के मुद्दे को प्रशासन के सामने रखना था। वह चाहता है कि धार्मिक स्थलों के आसपास कानून के मुताबिक व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह का विवाद न हो।
पुलिस प्रशासन का क्या कहना है?
मोदीनगर के एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि उन्हें इस मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
एसीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
यह घटना केवल एक व्यक्ति को धमकी देने का मामला नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था और जनसुनवाई की प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा है। ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य ही यही है कि आम नागरिक बिना किसी डर के अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचा सके।
यदि ऐसे मंच पर भी लोग खुद को असुरक्षित महसूस करने लगें, तो यह व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत हो सकता है। इसलिए स्थानीय लोग चाहते हैं कि इस मामले में पारदर्शी जांच हो और यदि धमकी देने के आरोप सही पाए जाएं, तो सख्त कार्रवाई की जाए।
अतिक्रमण का मुद्दा भी बना चर्चा का विषय
इस घटना के बाद बेगमाबाद क्षेत्र में कथित अवैध अतिक्रमण का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कहीं भी अवैध निर्माण या कब्जा है, तो प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।
धार्मिक स्थलों के आसपास के मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता दोनों जरूरी होती हैं। ऐसे मामलों में छोटी सी चूक भी विवाद को जन्म दे सकती है। इसलिए प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह शिकायत और धमकी, दोनों पहलुओं की अलग-अलग जांच कर स्पष्ट स्थिति सामने लाए।
आगे क्या?
अब सभी की नजर पुलिस और प्रशासन की जांच पर टिकी है। यदि जांच में धमकी देने की बात सही पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है। वहीं, अतिक्रमण के आरोपों की भी अलग से जांच की जा सकती है।
फिलहाल, यह मामला मोदीनगर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
A tense situation was reported during the Sampoorna Samadhan Diwas at Modinagar Tehsil in Ghaziabad when a youth who raised an illegal encroachment complaint related to the Begumabad temple and mosque area was allegedly threatened in front of officials, including the SDM. The incident has sparked questions about public safety during grievance hearings, and the complainant has demanded a fair investigation and legal action. ACP Bhaskar Verma confirmed that action will be taken based on the written complaint. The case has drawn attention to encroachment issues and administrative accountability in Uttar Pradesh.


















