AIN NEWS 1: देशभर में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10, 11 और 12 फरवरी को कई राज्यों में भारी बारिश और कुछ इलाकों में बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। ताजा अपडेट के अनुसार दक्षिण और उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हो सकती है।
पिछले साल 2025 में मानसून सामान्य से बेहतर रहा था और कई राज्यों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई थी। 2026 के लिए भी अच्छी वर्षा का अनुमान जताया गया है। हालांकि अभी मानसून का समय नहीं है, फिर भी फरवरी में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के कारण कई इलाकों में बारिश का दौर देखने को मिल रहा है।
केरल में फिर तेज बारिश का दौर
दक्षिण भारत के राज्य केरल में मानसून के दौरान भरपूर बारिश हुई थी और अब फरवरी में भी बारिश का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। मौसम विभाग के अनुसार 10 से 12 फरवरी के बीच राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
ताजा अपडेट के मुताबिक:
कई जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
समुद्री इलाकों में मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ बर्फबारी का अलर्ट
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर करवट ली है। मानसून के बाद भी यहां रुक-रुक कर बारिश होती रही है, लेकिन अब 10, 11 और 12 फरवरी को मौसम और ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है।
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार:
ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हो सकती है।
मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज बारिश के आसार हैं।
कुछ जगहों पर ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 10 से 12 फरवरी के बीच कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें शामिल हैं:
तमिलनाडु
अरुणाचल प्रदेश
राजस्थान
कर्नाटक
जम्मू-कश्मीर
लद्दाख
इन राज्यों के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश
इसके अलावा कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इनमें शामिल हैं:
पंजाब
हरियाणा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश
उत्तराखंड
मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह
लक्षद्वीप
पुडुचेरी
रायलसीमा
कराईकल
माहे
इन क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर रुक-रुक कर बारिश हो सकती है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फरवरी में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और समुद्री नमी के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर बढ़ने से हिमालयी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होती है। वहीं दक्षिण भारत में समुद्री हवाओं के कारण बारिश की स्थिति बनती है।
यह बदलाव खेती और जलस्रोतों के लिहाज से फायदेमंद भी हो सकता है, लेकिन अचानक भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका रहती है।
किसानों और आम लोगों के लिए क्या सलाह?
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि:
फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं।
कटाई के लिए तैयार फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें।
पशुओं को खुले में बांधने से बचें।
आम लोगों के लिए:
मौसम अपडेट पर नजर रखें।
तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।
पहाड़ी इलाकों में यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लें।
तापमान पर क्या असर पड़ेगा?
बारिश और बर्फबारी के कारण कई राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। खासतौर पर उत्तर भारत और पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने की संभावना है। दक्षिण भारत में भी बादल छाए रहने से दिन का तापमान सामान्य से कम रह सकता है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार 12 फरवरी के बाद कुछ इलाकों में मौसम साफ हो सकता है, लेकिन उत्तर भारत में ठंडी हवाओं का असर बना रह सकता है। अगले कुछ दिनों तक मौसम की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जा सकते हैं।
The India Meteorological Department (IMD) has issued a heavy rain alert for multiple states including Kerala, Himachal Pradesh, Tamil Nadu, Rajasthan, Jammu & Kashmir and Karnataka from February 10 to 12, 2026. According to the latest weather forecast, intense rainfall, strong winds and possible snowfall in hilly regions are expected due to active western disturbances and moisture incursion. Residents are advised to follow IMD updates and take necessary precautions as heavy rainfall may impact transportation, agriculture and daily life across affected regions.


















