कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसा: नया वीडियो सामने आने से ड्राइविंग को लेकर बढ़ा विवाद
AIN NEWS 1: कानपुर में हुई लैंबॉर्गिनी कार दुर्घटना अब केवल एक सड़क हादसा नहीं रह गई है, बल्कि यह मामला लगातार नए मोड़ों के कारण चर्चा का केंद्र बनता जा रहा है। हादसे के बाद जिस तरह से बयान सामने आए और फिर नया वीडियो वायरल हुआ, उससे पूरे घटनाक्रम पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
कानपुर में एक लग्जरी लैंबॉर्गिनी कार का एक्सीडेंट हुआ। इस कार में सवार शिवम मिश्रा पर आरोप है कि हादसे के वक्त वही गाड़ी चला रहे थे। पुलिस की शुरुआती जांच भी इसी ओर इशारा करती है कि स्टीयरिंग पर शिवम ही मौजूद थे।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
शिवम मिश्रा के पिता के.के. मिश्रा, जो खुद एक कारोबारी हैं, और उनके वकील ने अलग दावा पेश किया। उनका कहना है कि हादसे के समय कार को परिवार के ड्राइवर मोहन चला रहे थे। बचाव पक्ष ने इस दावे को मजबूत करने के लिए ड्राइवर मोहन का शपथपत्र (एफिडेविट) भी अदालत में प्रस्तुत किया।
यहीं से मामला पेचीदा हो गया।
नया वीडियो बना बड़ा सबूत?
हाल ही में एक वीडियो सामने आया है, जो कथित तौर पर हादसे के तुरंत बाद का है। इस वीडियो में शिवम मिश्रा ड्राइविंग सीट पर अकेले फंसे दिखाई दे रहे हैं। कार के अंदर या आसपास किसी ड्राइवर की मौजूदगी नजर नहीं आती।
यही वीडियो अब पूरे मामले की दिशा बदल सकता है।
अगर हादसे के तुरंत बाद ड्राइविंग सीट पर केवल शिवम ही मौजूद थे, तो फिर ड्राइवर मोहन के गाड़ी चलाने का दावा किस आधार पर किया जा रहा है? यही सवाल अब पुलिस और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस क्या कह रही है?
पुलिस का स्पष्ट कहना है कि जांच के दौरान मिले शुरुआती तथ्यों और मौके की स्थिति को देखते हुए शिवम मिश्रा ही गाड़ी चला रहे थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तकनीकी साक्ष्य, घटनास्थल की तस्वीरें और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी इसी ओर संकेत कर रहे हैं। अब नया वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की जांच और मजबूत हो सकती है।
बचाव पक्ष का पक्ष
दूसरी ओर, बचाव पक्ष का तर्क है कि ड्राइवर मोहन ने खुद अदालत में शपथपत्र देकर यह स्वीकार किया है कि वही गाड़ी चला रहे थे। वकीलों का कहना है कि हादसे के बाद अफरा-तफरी की स्थिति में कई चीजें स्पष्ट नहीं दिखतीं, इसलिए केवल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
हालांकि, यह भी सवाल उठ रहा है कि अगर ड्राइवर मौजूद था, तो वह वीडियो में क्यों दिखाई नहीं दे रहा? क्या वह मौके से चला गया? अगर हां, तो क्यों?
विरोधाभास से बढ़ा संदेह
पूरा मामला अब दो अलग-अलग दावों के बीच फंसा हुआ है —
पुलिस और वीडियो साक्ष्य का दावा कि शिवम ही ड्राइव कर रहे थे।
परिवार और ड्राइवर के एफिडेविट का दावा कि गाड़ी मोहन चला रहे थे।
इन दोनों के बीच का विरोधाभास इस केस को और ज्यादा संदिग्ध बना रहा है।
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर बहस छिड़ी हुई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सच्चाई छुपाने की कोशिश की जा रही है या फिर जांच पूरी होने से पहले ही निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं।
कानूनी प्रक्रिया आगे क्या?
अब इस केस में वीडियो फुटेज की फोरेंसिक जांच अहम भूमिका निभा सकती है। यह देखा जाएगा कि वीडियो असली है या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई। साथ ही, घटनास्थल की तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन डेटा जैसी चीजें भी सामने आ सकती हैं।
अगर यह साबित होता है कि शिवम मिश्रा ही गाड़ी चला रहे थे, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और सख्त हो सकती है। वहीं अगर ड्राइवर के दावे में सच्चाई पाई जाती है, तो केस की दिशा पूरी तरह बदल सकती है।
समाज में उठते सवाल
यह मामला केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि इससे कई सामाजिक सवाल भी उठ रहे हैं। अक्सर देखा गया है कि बड़े और प्रभावशाली परिवारों से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी हो जाती है।
लोग यह जानना चाहते हैं कि कानून सभी के लिए समान है या नहीं। क्या इस केस में भी वही सख्ती दिखाई जाएगी जो आम मामलों में होती है?
कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसा अब एक संवेदनशील और चर्चित मामला बन चुका है। नए वीडियो ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस, अदालत और संबंधित एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
सच्चाई क्या है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। लेकिन फिलहाल इतना जरूर है कि इस विरोधाभास ने पूरे मामले को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।
अब देखना यह है कि अदालत में पेश साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर अंतिम सच क्या सामने आता है।
The Kanpur Lamborghini accident case has taken a dramatic turn after a new viral video surfaced, allegedly showing Shivam Mishra alone in the driver’s seat immediately after the crash. While his father K.K. Mishra and defense lawyers claim that the family driver Mohan was driving the luxury car, police investigations and visual evidence suggest otherwise. The contradiction between the affidavit presented in court and the new video footage has intensified the controversy, making the Kanpur car crash one of the most discussed incidents in Uttar Pradesh.


















