गाजियाबाद: देशभक्ति से ओत–प्रोत बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बार्डर 2’ ने दर्शकों के दिलों को गहराई तक छू लिया है। इसी कड़ी में प्रसिद्ध अभिनेत्री और राष्ट्रवादी संगठन ‘सैल्यूट तिरंगा’ की उत्तर प्रदेश महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्वेता चौहान ने गाजियाबाद के सिहानी चुंगी स्थित यूएस सिनेमा मूवी वर्ल्ड में यह फिल्म देखी। फिल्म समाप्त होने के बाद उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक सिनेमाई प्रस्तुति नहीं, बल्कि हमारे सैनिकों के त्याग, साहस और बलिदान की सच्ची गाथा है।
यूएस सिनेमा पहुंचने पर स्वेता चौहान का भव्य स्वागत किया गया। सिनेमा के प्रबंधक शेखर गौतम और उनकी टीम ने तिरंगा पटका पहनाकर तथा पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका सम्मान किया। यह सम्मान केवल एक अभिनेत्री के रूप में नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए दिया गया। स्वेता ने इस आत्मीय स्वागत के लिए प्रबंधन का आभार जताते हुए कहा कि यूएस सिनेमा की व्यवस्था और दर्शकों के प्रति व्यवहार बेहद सराहनीय है।
फिल्म देखने के बाद मीडिया से बातचीत में स्वेता चौहान भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा,
“बार्डर 2 ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया। फिल्म के कई दृश्य ऐसे थे, जहां आंखें अपने आप नम हो गईं। हमारे जवान किन हालातों में देश की रक्षा करते हैं, उनके परिवार किस मानसिक पीड़ा से गुजरते हैं—यह सब बहुत सशक्त तरीके से दिखाया गया है। यह फिल्म हमें याद दिलाती है कि आज जो खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे हमारे सैनिकों का अनगिनत बलिदान है।”
उन्होंने विशेष रूप से कलाकारों के अभिनय की प्रशंसा की। श्वेता चौहान के अनुसार, सनी देओल का दमदार किरदार, वरुण धवन और दिलजीत दोसांझ की भावनात्मक केमिस्ट्री तथा पूरी स्टार कास्ट की मेहनत फिल्म को जीवंत बना देती है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म हर भारतीय को देखनी चाहिए, खासकर युवाओं को, ताकि उनमें देश और सेना के प्रति सम्मान की भावना और मजबूत हो।
स्वेता चौहान हरियाणवी और पंजाबी सिनेमा का जाना–पहचाना चेहरा हैं। हाल ही में वह ‘सैल्यूट तिरंगा’ संगठन से जुड़ी हैं, जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश झा ने उन्हें उत्तर प्रदेश महिला मोर्चा की कमान सौंपी है। यह संगठन युवाओं और महिलाओं को राष्ट्रवाद, सामाजिक सेवा और सकारात्मक सोच से जोड़ने का कार्य करता है। स्वेता का मानना है कि बार्डर 2 जैसी फिल्में संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होंगी।
उन्होंने कहा,
“सिनेमा समाज का आईना होता है। जब पर्दे पर हमारे सैनिकों की वीरता दिखाई जाती है, तो लोगों के दिलों में देशप्रेम और गहरा होता है। मैं चाहती हूं कि माता–पिता अपने बच्चों को यह फिल्म जरूर दिखाएं, ताकि वे समझ सकें कि असली हीरो कौन हैं।”
इस अवसर पर उनके साथ प्रशांत सिंह सहित कई सहयोगी भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में फिल्म की सराहना की और कहा कि ऐसी फिल्में समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। दर्शकों ने भी थिएटर में भारत माता की जय के नारे लगाए, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति से भर गया।
यूएस सिनेमा के मैनेजर शेखर गौतम ने बताया कि फिल्म के कई दृश्यों पर दर्शक भावुक हो उठे। खासकर गीत “हिंदुस्तान मेरी जान” और “घर कब आओगे” के दौरान कई लोगों की आंखों में आंसू थे। उनके अनुसार, यह फिल्म केवल बॉक्स ऑफिस की सफलता नहीं, बल्कि दिलों की जीत है।
स्वेता चौहान ने अंत में देशवासियों से अपील की,
“हमारी सेना दिन–रात सरहद पर खड़ी रहती है, तभी हम सुरक्षित हैं। उनका सम्मान करना हम सबका कर्तव्य है। सैल्यूट तिरंगा इसी सोच के साथ काम कर रहा है। आइए, ऐसी फिल्मों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को जीवित रखें। जय हिंद!”


















