AIN NEWS 1: सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि अगर कोई यात्री टोल प्लाज़ा पर गंदा टॉयलेट देखता है और उसकी फोटो भेजकर शिकायत करता है, तो उसे 1,000 रुपये का FASTag रिचार्ज दिया जाएगा। इस योजना को ‘Clean Toilet Picture Challenge’ कहा जा रहा है और इसे National Highways Authority of India (NHAI) से जोड़ा जा रहा है।

आइए जानते हैं पूरी सच्चाई — योजना क्या थी, शिकायत कहाँ करनी थी और क्या यह अभी भी लागू है।
क्या सच में थी ऐसी योजना?
हाँ, NHAI ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाज़ा के शौचालयों की सफाई सुधारने के लिए ‘Clean Toilet Picture Challenge’ नाम से एक विशेष अभियान शुरू किया था। इसका उद्देश्य यात्रियों को स्वच्छता निगरानी में शामिल करना था।
यदि किसी यात्री को टोल प्लाज़ा पर गंदा टॉयलेट मिलता था और वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज करता था, तो शिकायत सही पाए जाने पर 1,000 रुपये उसके FASTag में क्रेडिट किए जाते थे।
शिकायत कहाँ और कैसे करनी होती थी?
शिकायत दर्ज करने के लिए दो आधिकारिक माध्यम उपलब्ध थे:
1️⃣ RajmargYatra मोबाइल ऐप
NHAI की आधिकारिक ऐप RajmargYatra के माध्यम से यात्री शिकायत दर्ज कर सकते थे। इस ऐप में:
गंदे टॉयलेट की फोटो अपलोड करनी होती थी
फोटो geo-tagged और time-stamped होनी चाहिए
नाम, मोबाइल नंबर और वाहन नंबर दर्ज करना होता था
ऐप शिकायत को सीधे संबंधित टोल प्राधिकरण तक भेजता था।
2️⃣ NHAI की आधिकारिक वेबसाइट
यात्री NHAI की आधिकारिक वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं:
🌐 https://nhai.gov.in�
या
🌐 https://pgportal.gov.in� (केंद्र सरकार का पब्लिक ग्रिवांस पोर्टल)
वेबसाइट पर जाकर “Public Grievance” सेक्शन में टोल प्लाज़ा और स्वच्छता से जुड़ी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
इनाम कैसे मिलता था?
अगर जांच में शिकायत सही पाई जाती थी, तो 1,000 रुपये की राशि सीधे FASTag खाते में ट्रांसफर की जाती थी। यह नकद भुगतान नहीं था, बल्कि FASTag बैलेंस के रूप में दिया जाता था, जिसे भविष्य के टोल भुगतान में इस्तेमाल किया जा सकता था।
ध्यान देने योग्य बात:
एक वाहन नंबर को केवल एक बार इनाम मिलता था
सिर्फ NHAI नियंत्रित टोल प्लाज़ा ही योजना में शामिल थे
पेट्रोल पंप और निजी ढाबे शामिल नहीं थे
क्या यह योजना अभी भी लागू है?
यह योजना एक सीमित अवधि के विशेष अभियान के रूप में चलाई गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह 31 अक्टूबर 2025 तक मान्य थी। फिलहाल इसे स्थायी रूप से जारी रखने की कोई नई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
इसलिए अगर कोई दावा कर रहा है कि अभी भी हर शिकायत पर 1,000 रुपये मिल रहे हैं, तो पहले आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करना जरूरी है।
NHAI क्या है?
National Highways Authority of India भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, रखरखाव और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार संस्था है। FASTag प्रणाली और डिजिटल टोलिंग जैसी कई सुविधाएँ इसी के तहत लागू की गई हैं।
यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
किसी भी वायरल मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें
आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से जानकारी सत्यापित करें
शिकायत करते समय सही विवरण दें
फर्जी या पुरानी योजनाओं से सावधान रहें
✔ योजना वास्तव में शुरू की गई थी
✔ शिकायत RajmargYatra ऐप या NHAI वेबसाइट पर की जाती थी
✔ सही शिकायत पर 1,000 रुपये FASTag में मिलते थे
✔ योजना सीमित अवधि (अक्टूबर 2025 तक) के लिए थी
✔ वर्तमान स्थिति की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से जरूरी है
The National Highways Authority of India (NHAI) introduced the Clean Toilet Picture Challenge to improve sanitation standards at toll plazas across national highways. Travelers could report dirty toilets through the official RajmargYatra app or NHAI complaint portal by uploading geo-tagged photos. Verified complaints were rewarded with a ₹1000 FASTag recharge. However, the scheme was valid only until October 31, 2025, and travelers should check the official NHAI website for updated information before expecting rewards.


















