AIN NEWS 1: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान ने भारतीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। इस बयान को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि ट्रंप के दावे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, हाल ही में दिए गए एक सार्वजनिक बयान में ट्रंप ने दावा किया कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को कम करने में उनकी अहम भूमिका रही थी। उन्होंने कहा कि उस समय स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई थी और दोनों देशों के बीच संघर्ष की आशंका गहरा रही थी।
ट्रंप के अनुसार, उन्होंने इस तनाव को रोकने के लिए भारत और पाकिस्तान—दोनों देशों पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि इस आर्थिक दबाव के कारण ही दोनों देशों को अपने कदम पीछे खींचने पड़े और हालात बिगड़ने से बच गए।
AAP ने जताई आपत्ति
इस बयान के सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए इसे भारत के लिए अपमानजनक बताया। पार्टी ने कहा कि ट्रंप का यह दावा इस बात की ओर इशारा करता है कि भारत जैसे संप्रभु देश को आर्थिक दबाव के जरिए अपने फैसले बदलने के लिए मजबूर किया जा सकता है।
AAP का कहना है कि अगर ट्रंप का यह बयान सही है, तो यह भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता और कूटनीतिक क्षमता पर सवाल खड़े करता है। वहीं अगर यह बयान गलत है, तो सरकार को तुरंत इसका खंडन करना चाहिए था।
“वैश्विक मंच पर भारत की छवि को ठेस”
पार्टी के नेताओं ने यह भी कहा कि ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का “खुला अपमान” किया है। उनके मुताबिक, इस तरह का बयान यह संदेश देता है कि भारत अपनी विदेश नीति के फैसले स्वतंत्र रूप से नहीं लेता, बल्कि बाहरी दबाव में आकर निर्णय करता है।
AAP ने यह भी दावा किया कि जब ट्रंप यह बयान दे रहे थे, उस समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया भी चर्चा में रही। पार्टी ने आरोप लगाया कि उनके चेहरे पर मुस्कान थी, जो भारत के लिए एक असहज स्थिति को दर्शाती है।
सरकार की चुप्पी पर सवाल
आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जब कोई विदेशी नेता इस तरह का दावा करता है, तो यह जरूरी हो जाता है कि भारत सरकार अपनी स्थिति साफ करे।
AAP नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या वास्तव में भारत ने किसी बाहरी दबाव में आकर अपने सैन्य या कूटनीतिक निर्णय बदले थे? अगर नहीं, तो सरकार को सार्वजनिक रूप से इस बयान का खंडन करना चाहिए।
विदेश नीति पर सियासत
इस मुद्दे ने एक बार फिर देश की विदेश नीति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया है। विपक्षी दलों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की साख बनाए रखने के लिए सरकार को ऐसे बयानों पर तुरंत प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
AAP ने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक देश है और उसे किसी भी तरह के बाहरी दबाव में आने वाला राष्ट्र दिखाना गलत है। पार्टी ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे ताकि देश की प्रतिष्ठा पर कोई आंच न आए।
आगे क्या?
फिलहाल इस पूरे विवाद पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन ट्रंप के इस दावे ने राजनीतिक हलकों में बहस को तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
AAP has criticized Prime Minister Narendra Modi after US President Donald Trump claimed that he prevented India-Pakistan military tensions in May 2025 by threatening both countries with 200% tariffs. The statement has sparked a major political controversy in India, raising questions about India’s foreign policy independence, diplomatic strategy, and global image amid rising India-Pakistan tensions.


















