AIN NEWS 1: रविवार को मायावती ने लखनऊ में आयोजित बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों को एक सख्त और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग बहुजन समाज के हितों से समझौता कर निजी स्वार्थ के लिए “बिक” जाते हैं, उन्हें बहुजन मिशन कभी माफ नहीं करेगा।
बैठक में देशभर से 200 से अधिक पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान संगठन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई और आने वाले चुनावों, खासकर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कई अहम रणनीतिक फैसले लिए गए। गौर करने वाली बात यह रही कि इस बैठक में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पदाधिकारियों को शामिल नहीं किया गया।
🔑 सत्ता की “मास्टर चाबी” हासिल करने का लक्ष्य
बैठक को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि बीएसपी का मुख्य उद्देश्य सत्ता की “मास्टर चाबी” हासिल करना है। उनका मानना है कि जब तक सत्ता पर बहुजन समाज की भागीदारी नहीं होगी, तब तक सामाजिक न्याय और आर्थिक स्वतंत्रता का सपना अधूरा रहेगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जैसे-जैसे पार्टी मजबूत होगी, वैसे-वैसे विरोधी ताकतों की साजिशें भी बढ़ेंगी। ऐसे में संगठन को और अधिक अनुशासित और सक्रिय बनाकर इन चुनौतियों का सामना करना होगा।
💰 धन्नासेठों के सहारे नहीं चलती BSP
मायावती ने अपने संबोधन में अन्य राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कई पार्टियां बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के सहयोग पर निर्भर रहती हैं। लेकिन ऐसे सहयोग का परिणाम यह होता है कि समय के साथ वे पार्टियां जनता के मुद्दों से दूर होती चली जाती हैं।
उन्होंने साफ कहा कि बीएसपी न तो बड़े चंदों पर निर्भर है और न ही चुनावी बॉन्ड या ट्रस्ट के दबाव में काम करती है। पार्टी अपने समर्थकों की मेहनत की कमाई से चलती है, जो उसे जनता के प्रति जवाबदेह बनाए रखती है।
🌍 वैश्विक प्रतिस्पर्धा और भारत की चुनौती
बैठक में मायावती ने अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया का हर देश खुद को “फर्स्ट” बनाने की होड़ में लगा है। इससे वैश्विक स्तर पर असमानता और शोषणकारी व्यवस्थाएं गहराती जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भारत सरकार के सामने किसानों और बहुजन समाज के हितों की रक्षा करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। अगर व्यापारिक समझौते वास्तव में भारत की शर्तों पर हो रहे हैं, तो यह देश के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।
📘 बाबा साहेब के विचारों पर आगे बढ़ने का आह्वान
मायावती ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर चलने वाला बीएसपी आंदोलन सामाजिक बदलाव का माध्यम है। जो लोग तन, मन और धन से इस मिशन का साथ देते हैं, उनके जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहने वाले कार्यकर्ताओं के लिए भविष्य में बेहतर अवसर और सम्मान सुनिश्चित होगा।
🗳️ सभी चुनाव अकेले लड़ेगी BSP
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि बीएसपी आने वाले सभी चुनाव बिना किसी गठबंधन के लड़ेगी। चाहे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु या केरल जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव हों, पार्टी किसी भी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी।
इस दौरान मायावती के साथ उनके भाई आनंद कुमार, आकाश आनंद और वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे।
🏢 संगठन को नए ढांचे में ढालने की योजना
संगठन को मजबूत बनाने के लिए मायावती ने कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब छोटे राज्यों को दो जोन और बड़े राज्यों को अधिकतम चार जोन में बांटकर संगठनात्मक कार्य किया जाएगा।
इसके साथ ही सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन का पुनर्गठन करें। जहां निष्क्रिय पदाधिकारी हैं, उन्हें हटाकर नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाए। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
🗺️ देश को 8 सेक्टर में बांटकर नई जिम्मेदारियां
बैठक में संगठनात्मक मजबूती के लिए पूरे देश को 8 सेक्टरों में बांटने का फैसला लिया गया। इन सेक्टरों में अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी की पहुंच और प्रभाव बढ़ाया जा सके।
🛠️ शॉर्ट सर्किट के कारण आवास पर हुई बैठक
दरअसल, 14 जनवरी को पार्टी कार्यालय के सभागार में शॉर्ट सर्किट हो गया था। इसके चलते वहां मरम्मत का काम चल रहा है। यही कारण रहा कि यह महत्वपूर्ण बैठक मायावती के निजी आवास पर आयोजित की गई। बैठक करीब 2 घंटे 20 मिनट तक चली, जिसमें हर राज्य की विस्तृत रिपोर्ट ली गई।
BSP Chief Mayawati addressed the Bahujan Samaj Party national executive meeting in Lucknow and emphasized the party’s commitment to contest elections independently without relying on corporate funding, electoral bonds, or political alliances. The BSP is restructuring its organization across states to strengthen booth-level presence ahead of the 2027 Uttar Pradesh Assembly Elections. Mayawati highlighted the importance of achieving political power to ensure social justice and economic empowerment for marginalized communities while reaffirming the party’s ideology inspired by Dr. B.R. Ambedkar.


















