AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में सोमवार देर शाम एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर मोहल्ले में स्थित एक दो मंजिला मकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में घर धुएं और लपटों से भर गया। उस समय घर के अंदर महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे मौजूद थे, जिन्हें संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे मोहल्ले के लिए गहरा सदमा बन गई।
कैसे लगी आग?
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार की शाम अचानक घर से धुआं उठता दिखाई दिया। पहले तो किसी को अंदाजा नहीं हुआ कि आग इतनी भयावह रूप ले लेगी। लेकिन देखते ही देखते आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
घर के अंदर मौजूद महिलाएं और बच्चे लपटों में घिर गए। पड़ोसियों ने शोर मचाया और तुरंत पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही असली वजह सामने आएगी।
संकरी गलियां बनीं बड़ी चुनौती
किदवई नगर की गलियां बेहद संकरी हैं। यही वजह रही कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बड़ी गाड़ियां अंदर तक नहीं जा सकीं।
दमकल कर्मियों को पाइप लेकर पैदल ही अंदर जाना पड़ा। स्थिति इतनी गंभीर थी कि टीम को छत के रास्ते घर में प्रवेश करना पड़ा। आसपास के लोगों ने भी सीढ़ियां और रास्ता साफ करने में मदद की।
घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।
एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत
इस हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की जान चली गई। इनमें महिलाएं और मासूम बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं। जब उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
घटना के समय परिवार का मुखिया घर पर मौजूद नहीं था। वह नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद गया हुआ था। जब उसे हादसे की खबर मिली तो वह बदहवास होकर घर पहुंचा। अपने परिवार को इस हालत में देखकर वह बेसुध हो गया।
इस दृश्य ने मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
झुलसे लोगों का अस्पताल में इलाज
हादसे में कुछ अन्य लोग भी झुलस गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज का भरोसा दिया है।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके को घेर लिया गया और जांच शुरू कर दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, ताकि तकनीकी पहलुओं की जांच हो सके।
स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
मोहल्ले में पसरा मातम
घटना के बाद पूरे किदवई नगर में शोक की लहर है। आसपास के लोग सदमे में हैं। जिस घर में कभी बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है।
पड़ोसियों का कहना है कि परिवार बेहद मिलनसार और शांत स्वभाव का था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि इतनी बड़ी त्रासदी अचानक सामने आ जाएगी।
क्या कहती है शुरुआती जांच?
हालांकि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि घर में बिजली की वायरिंग पुरानी थी। वहीं कुछ लोगों ने गैस सिलेंडर से रिसाव की आशंका भी जताई है।
अधिकारियों ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने का इंतजार करें।
आग से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
यह हादसा एक बार फिर आग से सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि:
घरों में समय-समय पर बिजली की वायरिंग की जांच करानी चाहिए।
गैस सिलेंडर और चूल्हे की नियमित देखभाल जरूरी है।
संकरी बस्तियों में अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए।
हर परिवार को बेसिक फायर सेफ्टी उपायों की जानकारी होनी चाहिए।
एक परिवार, कई सपनों का अंत
इस हादसे ने सिर्फ छह जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि एक पूरे परिवार के सपनों को भी खत्म कर दिया। घर का मुखिया, जो कुछ देर पहले तक रोज की तरह नमाज पढ़ने गया था, उसे अंदाजा भी नहीं था कि लौटकर उसे जिंदगी का सबसे बड़ा दुख झेलना पड़ेगा।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है। एक छोटी सी लापरवाही या तकनीकी खराबी कभी-कभी इतना बड़ा रूप ले सकती है कि संभलने का मौका भी नहीं मिलता।
मेरठ के लिसाड़ीगेट क्षेत्र में हुआ यह अग्निकांड बेहद दुखद और हृदयविदारक है। प्रशासन की प्राथमिकता अब आग के असली कारणों का पता लगाना और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद पहुंचाना है।
साथ ही, यह समय है कि हम सभी अपने घरों और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता से समीक्षा करें, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
A massive fire incident in Kidwai Nagar, Lisari Gate area of Meerut, Uttar Pradesh, claimed the lives of six members of the same family after a two-storey house caught fire. The tragic Meerut fire accident highlights concerns about fire safety in densely populated areas with narrow lanes that delayed fire brigade rescue operations. Authorities are investigating the cause of the blaze, suspected to be either a short circuit or gas leakage, while injured victims are undergoing treatment in hospital. This heartbreaking house fire tragedy has shocked the entire city.


















