spot_imgspot_img

चंद्र ग्रहण के चलते ब्रज के मंदिरों में होली उत्सव स्थगित, लेकिन द्वारकाधीश मंदिर रहेगा खुला!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: चंद्र ग्रहण का असर इस बार ब्रज की होली पर भी साफ दिखाई देगा। धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का पालन करते हुए मथुरा और ब्रज क्षेत्र के अधिकांश मंदिरों में होली के उत्सव को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। ग्रहण काल के दौरान मंदिरों के पट बंद रहेंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति नहीं होगी।

ब्रज में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा का जीवंत उत्सव है। यहां की लट्ठमार होली, फूलों की होली, रंगभरनी एकादशी और डोला उत्सव देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। ऐसे में जब होली के बीच चंद्र ग्रहण पड़ता है, तो धार्मिक दृष्टि से कई नियमों का पालन किया जाता है।

मंदिरों में क्यों रहेंगे पट बंद?

सनातन परंपरा के अनुसार, ग्रहण काल को धार्मिक दृष्टि से अशुभ समय माना जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में पूजा-अर्चना और नियमित अनुष्ठान स्थगित कर दिए जाते हैं। इसी परंपरा का पालन करते हुए मथुरा और वृंदावन के अधिकतर मंदिर सुबह से ही बंद रहेंगे।

मंदिर प्रशासन से जुड़े लोगों का कहना है कि ग्रहण समाप्त होने के बाद शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके पश्चात ही मंदिरों के पट दोबारा खोले जाएंगे और नियमित पूजा क्रम शुरू होगा।

श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे ग्रहण काल के समय मंदिरों में न आएं और घर पर ही भजन-स्मरण करें।

पारंपरिक होली डोला निकलेगा निर्धारित समय पर

हालांकि जहां एक ओर मंदिरों में होली उत्सव स्थगित रहेगा, वहीं दूसरी ओर चतुर्वेदी समाज द्वारा निकाला जाने वाला पारंपरिक होली डोला पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा।

यह डोला विश्राम घाट से निकलता है और पूरे शहर में भ्रमण करता है। डोले के दौरान भगवान के विग्रह को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर रंग-गुलाल के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। स्थानीय लोग और श्रद्धालु इस परंपरा को ब्रज की सांस्कृतिक पहचान मानते हैं।

चतुर्वेदी समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह आयोजन वर्षों से निरंतर हो रहा है और इस बार भी सभी व्यवस्थाएं पूर्व की भांति की जा रही हैं। डोला शहरवासियों के लिए उत्साह और एकता का संदेश लेकर निकलता है।

द्वारकाधीश मंदिर रहेगा खुला

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक विशेष बात यह है कि विश्व प्रसिद्ध Shri Dwarkadhish Temple चंद्र ग्रहण के दौरान भी श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह निर्णय पुष्टिमार्गीय संप्रदाय की परंपराओं पर आधारित है। इस परंपरा में ठाकुरजी को बाल स्वरूप में विराजमान माना जाता है। मान्यता है कि बालक रूप में भगवान पर ग्रहण का प्रभाव नहीं माना जाता, इसलिए मंदिर के पट बंद नहीं किए जाते।

द्वारकाधीश मंदिर मथुरा के प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है। होली के समय यहां विशेष उत्सव और श्रृंगार होते हैं। बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

मंदिर से जुड़े सेवायतों का कहना है कि दर्शन व्यवस्था यथावत रहेगी, लेकिन श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

ब्रज की होली और आस्था का संतुलन

ब्रज में होली केवल रंग खेलने तक सीमित नहीं है। यहां यह राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा आध्यात्मिक उत्सव है। हर मंदिर की अपनी परंपरा है और हर आयोजन का अपना धार्मिक महत्व।

जब ग्रहण जैसे खगोलीय घटनाक्रम आते हैं, तो आस्था और परंपरा के बीच संतुलन साधा जाता है। कुछ मंदिर परंपरागत नियमों का पालन करते हुए बंद रहते हैं, तो कुछ संप्रदाय अपनी मान्यताओं के आधार पर खुले रहते हैं।

यह विविधता ही ब्रज की पहचान है। यहां अलग-अलग मान्यताएं होते हुए भी उत्सव की भावना एक रहती है।

श्रद्धालुओं के लिए क्या जरूरी?

ग्रहण के दौरान बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे यात्रा की योजना सोच-समझकर बनाएं। जिन मंदिरों में पट बंद रहेंगे, वहां दर्शन संभव नहीं होंगे।

यदि कोई विशेष रूप से द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन के लिए आ रहा है, तो उसे भी भीड़ और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए समय से पहुंचना चाहिए।

स्थानीय प्रशासन भी भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के मद्देनजर सतर्क रहेगा।

परंपरा, विश्वास और उत्सव

ब्रज की होली सदियों से आस्था और उल्लास का संगम रही है। चंद्र ग्रहण जैसे अवसर इन परंपराओं की परीक्षा भी लेते हैं, लेकिन हर बार समाज और मंदिर प्रशासन मिलकर ऐसा संतुलन बनाते हैं जिससे धार्मिक नियमों का भी पालन हो और उत्सव की भावना भी बनी रहे।

इस बार भी कुछ कार्यक्रम स्थगित होंगे, कुछ सीमित रूप में आयोजित होंगे, और कुछ परंपराएं अपनी विशिष्ट मान्यताओं के कारण जारी रहेंगी।

अंततः ब्रज की होली का संदेश यही है—परिस्थितियां चाहे जैसी हों, रंग और भक्ति का संगम बना रहता है।

चंद्र ग्रहण के कारण आई इस अस्थायी व्यवधान के बावजूद, ब्रज में आस्था की लौ जलती रहेगी और श्रद्धालु अपने-अपने विश्वास के अनुसार इस पर्व को मनाते रहेंगे।

During Chandra Grahan 2026, most Braj temples in Mathura will remain closed and Holi celebrations will be suspended as per traditional beliefs. However, the historic Holi Dola procession organized by the Chaturvedi Samaj from Vishram Ghat will take place as scheduled. Notably, Shri Dwarkadhish Temple Mathura will remain open for devotees even during the lunar eclipse, following the Pushtimarg tradition that worships Lord Krishna in child form.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
31.9 ° C
31.9 °
31.9 °
59 %
3.7kmh
100 %
Wed
33 °
Thu
30 °
Fri
36 °
Sat
40 °
Sun
39 °
Video thumbnail
UP Election 22027 : Akhilesh Yadav जीतेंगे 2027 चुनाव, जाट छोड़ रहे Jayant Chaudhary का साथ ?
10:11
Video thumbnail
Arvind Kejriwal : "सरकार ethanol पर दूसरे देशों का उदाहरण देकर लोगों...."
02:52
Video thumbnail
Yogi Adityanath : "तंत्र वही, लोग वही, राज्य वही, केवल कार्य करने की स्टाइल बदली है..."
00:51
Video thumbnail
लेटे हनुमान मंदिर में CM योगी ने की पूजा-अर्चना
01:44
Video thumbnail
राम मंदिर ट्रस्ट ने दान में मिले आभूषण और स्वर्ण रामायण का किया प्रदर्शन
01:37
Video thumbnail
Yogi Adityanath : "राम का मतलब राष्ट्र..."
00:32
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "जो लखनऊ में भाजपा के विधायक है वो क्षेत्र बदलने की तैयारी में हैं"
00:28
Video thumbnail
Amit Shah ने Cooperation Ministry के 5th foundation day पर किया ताबड़तोड़ ऐलान ! Amit Shah Speech
11:06
Video thumbnail
महिला सिपाही के साथ मिले पुलिसकर्मी पर पत्नी का हंगामा
01:56
Video thumbnail
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के पावर प्रोजेक्ट के पास लैंडस्लाइड
00:30

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related