spot_imgspot_img

गाजियाबाद के लोकनाथ स्वीट्स पर आयकर और जीएसटी की छापेमारी, बिलिंग ऐप के जरिए करोड़ों का टर्नओवर छिपाने का आरोप!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में मशहूर मिठाई और लस्सी की दुकान लोकनाथ स्वीट्स एक बड़े टैक्स चोरी मामले को लेकर चर्चा में आ गई है। आयकर विभाग और जीएसटी की संयुक्त टीम ने दुकान और उससे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसियों को शक है कि इस प्रतिष्ठित दुकान में एक खास इलेक्ट्रॉनिक बिलिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का टर्नओवर छिपाया जा रहा था।

सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब विभाग को इस दुकान में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और वास्तविक आय छिपाने की जानकारी मिली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दुकान की वास्तविक कमाई और आयकर रिटर्न में दिखाई गई कमाई के बीच काफी बड़ा अंतर है।

छोटी दुकान लेकिन कारोबार करोड़ों में

गाजियाबाद के घंटाघर इलाके में स्थित लोकनाथ स्वीट्स शहर की पुरानी और लोकप्रिय दुकानों में से एक मानी जाती है। यहां मिठाइयों के साथ-साथ लस्सी और अन्य खाद्य पदार्थों की भी काफी बिक्री होती है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले ग्राहक भी यहां बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

जांच एजेंसियों का मानना है कि इस छोटी दिखने वाली दुकान का सालाना कारोबार करोड़ों रुपये में हो सकता है। लेकिन आयकर विभाग को जमा किए गए रिटर्न में इसका केवल एक छोटा हिस्सा ही दिखाया गया था। इसी वजह से विभाग को टैक्स चोरी की आशंका हुई और जांच का दायरा बढ़ा दिया गया।

बिलिंग ऐप से डेटा डिलीट करने का आरोप

जांच के दौरान एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार दुकान में एक विशेष प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक बिलिंग एप्लिकेशन इस्तेमाल किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि इस ऐप में दर्ज किए गए कई बिल और बिक्री का डेटा कुछ समय बाद अपने आप डिलीट हो जाता था।

ऐसी तकनीक का इस्तेमाल कर असली बिक्री का रिकॉर्ड छिपाया जा सकता है। अगर किसी दुकान में रोजाना हजारों लेनदेन होते हैं और उनमें से बड़ी संख्या सिस्टम से हट जाती है, तो वास्तविक टर्नओवर का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।

जांच एजेंसियां अब इस सॉफ्टवेयर और उससे जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच कर रही हैं। विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर कितने समय से इस तकनीक का इस्तेमाल हो रहा था और इससे कितनी टैक्स चोरी की गई।

कई जगहों पर एक साथ कार्रवाई

आयकर विभाग और जीएसटी की टीम ने इस मामले में सिर्फ दुकान तक ही जांच सीमित नहीं रखी है। अधिकारियों ने दुकान से जुड़े कई अन्य स्थानों पर भी एक साथ छापेमारी की है। इनमें गोदाम और अन्य संबंधित परिसरों को भी शामिल बताया जा रहा है।

छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज, कंप्यूटर सिस्टम और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की गई। टीम कुछ महत्वपूर्ण कागजात भी अपने साथ लेकर गई है, जिनका अब विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा।

हालांकि अधिकारियों की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं।

जीएसटी चोरी की भी आशंका

इस मामले में केवल आयकर चोरी ही नहीं बल्कि जीएसटी से जुड़ी अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि बिक्री का पूरा डेटा सामने नहीं आने के कारण जीएसटी का सही भुगतान भी नहीं किया गया होगा।

अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि जानबूझकर बिक्री का रिकॉर्ड छिपाया गया था, तो संबंधित कारोबारी पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे मामलों में टैक्स के साथ-साथ पेनल्टी और ब्याज भी वसूला जाता है।

अन्य कंपनियों के कनेक्शन की भी जांच

जांच एजेंसियां इस मामले को सिर्फ एक दुकान तक सीमित नहीं मान रही हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ अन्य कारोबारियों और कंपनियों के साथ संभावित वित्तीय संबंधों की भी जांच की जा रही है।

इंटरनेशनल एग्रो फूड्स नाम की कंपनी और कथित हवाला लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों को शक है कि कुछ कारोबारियों के बीच लेनदेन के जरिए पैसे को इधर-उधर किया गया हो सकता है।

इसी कारण जांच का दायरा अब और भी बड़ा हो सकता है।

पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई

गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में टैक्स चोरी को लेकर पहले भी कई बड़ी कार्रवाइयां हो चुकी हैं। कुछ समय पहले डासना इलाके में एक मीट कारोबारी के यहां भी आयकर विभाग ने छापेमारी की थी। उस दौरान भी कई दस्तावेज जब्त किए गए थे और बड़ी मात्रा में संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ था।

अधिकारियों का कहना है कि सरकार टैक्स चोरी के मामलों को लेकर लगातार सख्त होती जा रही है। डिजिटल तकनीक और डेटा एनालिसिस की मदद से ऐसे मामलों का पता लगाना अब पहले से ज्यादा आसान हो गया है।

स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय

लोकनाथ स्वीट्स पर हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। दुकान लंबे समय से शहर में प्रसिद्ध रही है और यहां रोजाना काफी भीड़ रहती है। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी कैसे संभव हो पाई।

कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से यहां कारोबार काफी तेजी से बढ़ा था। वहीं अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तविक आय कितनी थी और सरकार को कितना टैक्स नुकसान हुआ।

आगे क्या हो सकती है कार्रवाई

फिलहाल जांच एजेंसियां सभी दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही हैं। अगर जांच में टैक्स चोरी के ठोस सबूत मिलते हैं तो संबंधित कारोबारी पर आयकर अधिनियम और जीएसटी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

इसमें भारी जुर्माना, बकाया टैक्स की वसूली और कुछ मामलों में आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।

आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की कड़ी दर कड़ी जांच कर रही हैं।

Income Tax and GST officials conducted raids at the famous Loknath Sweets shop in Ghaziabad’s Ghantaghar area after allegations of massive tax evasion. Investigators suspect that the business used a special billing application that automatically deleted sales data to hide the actual turnover. Authorities are examining financial records, documents, and digital systems to determine the scale of tax fraud and potential links to other businesses under investigation.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
42.5 ° C
42.5 °
42.5 °
21 %
1.1kmh
0 %
Sun
45 °
Mon
45 °
Tue
43 °
Wed
43 °
Thu
43 °
Video thumbnail
गाजियाबाद में फ्लैट बुकिंग के नाम पर 30 करोड़ की ठगी, Central Avenue Fraud का सच ?
08:41
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "उत्तर प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी को हटाने जा रही है..."
00:40
Video thumbnail
Arvind Kejriwal : "पटियाला के प्राचीन काली माता मंदिर का पुनरुत्थान किया जा रहा है..."
01:23
Video thumbnail
रांची के मुहर्रम जुलूस में 'ऑपेरशन सिंदूर' की झलक!
00:35
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : "इनके ल‍िए धन ही धर्म है..."
00:15
Video thumbnail
Yati Narsinghanand on Ram Mandir Donation Case : “दान चोरी में चंपत राय के आका मोदी दोषी है”
19:20
Video thumbnail
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक : बाबरी मस्जिद के लिए एकत्र किए गए चंदे का हिसाब क्यों नहीं पूछा जाता...
01:58
Video thumbnail
UP Election 2027 : Madan Bhaiya से परेशान खतौली के किसान, 2027 में कौन है किसानो की पसंद ?
20:51
Video thumbnail
" राम मंदिर के दानपात्र में लाखों लोगों की श्रद्धा चोरी हुई है" : धीरेन्द्र शास्त्री
00:55
Video thumbnail
Yogi Adityanath : "समाजवादी पार्टी युवाओं की नौकरी खा जाती थी..."
01:10

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related