spot_imgspot_img

यूपी दरोगा भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ विकल्प पर विवाद, सोशल मीडिया से राजनीति तक मचा हंगामा!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश में आयोजित हुई पुलिस उप-निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा के एक सवाल ने अचानक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। परीक्षा के पहले दिन पूछे गए एक प्रश्न में दिए गए विकल्पों में “पंडित” शब्द शामिल होने पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। मामला बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने इस पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं।

दरअसल 14 मार्च 2026 को आयोजित दरोगा भर्ती परीक्षा की पहली पाली में हिंदी से संबंधित एक प्रश्न पूछा गया था, जिसमें अभ्यर्थियों से कहा गया था कि “अवसर के अनुसार बदल जाने वाले व्यक्ति” के लिए एक शब्द बताइए। इस प्रश्न के चार विकल्प दिए गए थे—

निष्कपट

अवसरवादी

पंडित

सदाचारी

यहीं से विवाद की शुरुआत हुई। कई लोगों ने आरोप लगाया कि इस प्रश्न में “पंडित” शब्द को विकल्प के रूप में देना अनुचित और आपत्तिजनक है।

सोशल मीडिया पर मचा बवाल

जैसे ही परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र की तस्वीरें और जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आईं, यह मुद्दा तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि “पंडित” शब्द एक सम्मानजनक उपाधि है, जिसे इस तरह के संदर्भ में विकल्प के रूप में रखना गलत है।

कुछ लोगों का कहना था कि “पंडित” शब्द का अर्थ विद्वान व्यक्ति होता है और इसे किसी नकारात्मक या संदिग्ध अर्थ से जोड़ना गलत संदेश देता है। वहीं कई लोगों ने इसे सामाजिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जोड़कर देखा।

कुछ ही घंटों में यह मुद्दा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड करने लगा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी सामने आने लगीं।

नेताओं ने जताई कड़ी आपत्ति

इस विवाद पर उत्तर प्रदेश सरकार के कई नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। राज्य के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि परीक्षा में इस तरह के विकल्प देना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है और इसकी जांच होनी चाहिए।

इसके अलावा राज्यसभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा सहित कई नेताओं ने भी इस प्रश्न पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि “पंडित” शब्द का इस्तेमाल एक सम्मानजनक पहचान के रूप में होता है और इसे इस तरह से विकल्प में शामिल करना अनुचित है।

भाजपा के कुछ अन्य नेताओं और विधायकों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए परीक्षा में प्रश्न तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।

भर्ती बोर्ड ने क्या कहा

विवाद बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने आधिकारिक बयान जारी किया। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र सीधे बोर्ड स्तर पर तैयार नहीं किए जाते।

बोर्ड के अनुसार, प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया अत्यंत गोपनीय होती है और इसके लिए विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जाती है ताकि परीक्षा की गोपनीयता बनी रहे। इस गोपनीयता को बनाए रखने के लिए भर्ती बोर्ड के अधिकारी भी प्रश्नपत्रों को पहले से नहीं देखते।

बोर्ड ने यह भी बताया कि प्रश्नपत्रों के सीलबंद पैकेट परीक्षा केंद्रों पर ही अभ्यर्थियों के सामने पहली बार खोले जाते हैं और उसके बाद उन्हें वितरित किया जाता है।

इस मामले को लेकर बोर्ड ने कहा है कि विवादित प्रश्न की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और यदि किसी स्तर पर गलती पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा

यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा राज्य की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा के लिए लाखों उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।

पहले दिन ही राज्यभर में हजारों परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई और करीब 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित कराई गई और सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे।

पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों पर निगरानी कर रही थीं ताकि नकल या किसी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।

प्रश्नपत्र कैसे तैयार होते हैं

परीक्षा से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया बेहद गोपनीय होती है। आमतौर पर यह काम विषय विशेषज्ञों और गोपनीय एजेंसियों के जरिए कराया जाता है।

प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद उन्हें सीलबंद पैकेट में सुरक्षित रखा जाता है और सीधे परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाता है। परीक्षा शुरू होने से पहले इन पैकेटों को खोला नहीं जाता।

इसी वजह से भर्ती बोर्ड के अधिकारी भी पहले से प्रश्नपत्र नहीं देख पाते।

विवाद के बाद क्या होगा

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस विवाद का परीक्षा पर क्या असर पड़ेगा। फिलहाल भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया जारी रहेगी और विवादित प्रश्न की जांच अलग से की जाएगी।

यदि जांच में यह पाया जाता है कि प्रश्न या विकल्प गलत तरीके से शामिल किया गया था, तो भर्ती बोर्ड उस प्रश्न को निरस्त करने या अभ्यर्थियों को उचित राहत देने पर भी विचार कर सकता है।

हालांकि अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।

परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र तैयार करने और उनकी समीक्षा की प्रक्रिया कितनी मजबूत है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की परीक्षाओं में प्रश्नों की कई स्तरों पर जांच होना जरूरी है ताकि कोई भी ऐसा शब्द या वाक्यांश शामिल न हो जो विवाद पैदा कर सकता हो।

यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न के विकल्प को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राज्यव्यापी चर्चा का विषय बन चुका है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक इस पर प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं।

भर्ती बोर्ड ने मामले की जांच का आदेश देकर स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि आखिर यह गलती कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

A controversy erupted during the UP Police SI Recruitment Exam 2026 after a question asked for a one-word term for “a person who changes according to opportunity” and included “Pandit” among the answer options. The issue quickly went viral on social media and drew objections from political leaders including Deputy Chief Minister Brajesh Pathak. The Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board (UPPRPB) clarified that question papers are prepared by confidential agencies and ordered an official inquiry into the matter. The UP Police SI exam is one of the largest recruitment exams in the state, with lakhs of candidates appearing across multiple centers.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
32.1 ° C
32.1 °
32.1 °
40 %
3.1kmh
20 %
Thu
36 °
Fri
39 °
Sat
41 °
Sun
42 °
Mon
41 °
Video thumbnail
Saayoni Ghosh Viral Video : चुनाव प्रचार में सायोनी ने “अजान और हनुमान चालीसा…”
02:11
Video thumbnail
TMC सांसद Saayoni Ghosh : मेरे दिल में काबा है और आँखों में मदीना #shorts
00:49
Video thumbnail
सोनम रघुवंशी जेल से आएगी बाहर... पुलिस की गलती से पलट गई पूरी कहानी | Sonam Raghuvanshi Bail
07:13
Video thumbnail
PDA का चक्रव्यहू कोई नहीं तोड़ सकता - अखिलेश यादव
00:34
Video thumbnail
Yati Mahadevanand on NSA Ajit Doval : NSA अजीत डोभाल पर भड़के यति नरसिंहानंद के शिष्य
00:31
Video thumbnail
Yati Mahadevanand on Saleem Wastik : “अल्लाह का फरमान कत्ल-ए-आम...”
00:11
Video thumbnail
Saleem Wastik News : Yati Mahadevanand - "जो भी इस्लाम पर उंगली उठाये, उसका सिर काट दिया जाए..."
00:20
Video thumbnail
Akhilesh Yadav : समाजवादी सरकार बनने पर 24 घंटे में गन्ने का भुगतान...
00:26
Video thumbnail
A video of IPS Ajay Pal Sharma from Uttar Pradesh dancing with a woman on social media goes viral.
00:16
Video thumbnail
काशी में पूजा के बाद त्रिशूल-डमरू के साथ दिखे PM मोदी #PMModi #NarendraModi #Viral
00:13

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related