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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के खिलाफ आशुतोष ब्रह्मचारी की शिकायत, माघ मेले की साजिश और सनातन पर बयान से बढ़ा विवाद!

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AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक जगत से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें संत समाज और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। संत आशुतोष ब्रह्मचारी (जिन्हें आशुतोष महाराज के नाम से भी जाना जाता है) ने उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए लखनऊ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

हजरतगंज कोतवाली पहुंचे आशुतोष ब्रह्मचारी

बुधवार को आशुतोष ब्रह्मचारी लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और वहां पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के खिलाफ लिखित शिकायत देते हुए कहा कि उनके पास ऐसे सबूत हैं, जिनकी जांच की जानी चाहिए।

आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि उन्होंने पहले थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन थाना प्रभारी ने मामला दर्ज करने से मना कर दिया। इसके बाद वह उच्च अधिकारियों, विशेष रूप से डीएसपी के पास पहुंचे। डीएसपी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सनातन धर्म को लेकर लगाए गंभीर आरोप

आशुतोष ब्रह्मचारी ने अपनी शिकायत में कहा कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने “सनातन धर्म को बेचने का काम किया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ब्राह्मण समाज को कमजोर किया गया और अब संतों को निशाना बनाया जा रहा है।

उनके अनुसार, यह सिर्फ राजनीतिक मामला नहीं बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां सनातन परंपरा को आहत करती हैं और समाज में गलत संदेश देती हैं।

माघ मेले में साजिश का आरोप

आशुतोष ब्रह्मचारी ने माघ मेला से जुड़ी एक कथित साजिश का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रयागराज में हुए माघ मेले के दौरान डिप्टी सीएम ने एक योजना के तहत शंकराचार्य को धरने के लिए उकसाया।

उनके अनुसार, चंद्र प्रकाश उपाध्याय नाम के व्यक्ति के फोन नंबर से लखनऊ से कॉल किया गया और शंकराचार्य से कहा गया कि वे धरना दें और तब तक न हटें जब तक डिप्टी सीएम खुद वहां न पहुंचें। आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि यह पूरी घटना एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा थी।

उन्होंने मांग की कि इस मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच होनी चाहिए, जिससे सच्चाई सामने आ सके।

सोशल मीडिया पर भी दिखा विवाद

इस पूरे मामले से पहले भी आशुतोष ब्रह्मचारी ने सोशल मीडिया पर डिप्टी सीएम के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में ब्रजेश पाठक के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन करते हैं, लेकिन साथ ही ब्राह्मण समाज के खिलाफ अन्याय का आरोप भी लगाया।

उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि वह “ब्राह्मणों का बदला लेंगे” और इसी उद्देश्य से उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं।

यह पोस्ट वायरल होने के बाद इस पूरे विवाद ने और अधिक तूल पकड़ लिया।

पहले भी लगाए जा चुके हैं आरोप

यह पहली बार नहीं है जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस तरह के आरोप लगाए हैं। करीब दो महीने पहले भी उन्होंने बिना नाम लिए डिप्टी सीएम पर माघ मेले के दौरान साजिश रचने का आरोप लगाया था।

तब उन्होंने कहा था कि माघ मेला विवाद में उत्तर प्रदेश के एक बड़े नेता की भूमिका है, जिन्होंने धरना देने और उसे खत्म करने की रणनीति तैयार की थी। अब उन्होंने सीधे तौर पर ब्रजेश पाठक का नाम लेकर आरोप लगाए हैं।

बटुकों की पिटाई और चोटी खींचने का विवाद

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में एक और घटना भी जुड़ी हुई है। 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के एक शिष्य के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट की गई थी।

आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने शिष्य की चोटी पकड़कर उसे घसीटा और पिटाई की। इस घटना के बाद संत समाज में भारी नाराजगी देखने को मिली थी।

इस मामले पर लंबे समय तक चुप रहने के बाद 16 फरवरी को एक मीडिया कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि “चोटी नहीं खींचनी चाहिए थी। यह बहुत बड़ा अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसा करने वालों को महापाप लगेगा।”

आगे क्या?

अब यह मामला पुलिस जांच के दायरे में आ सकता है। अगर कॉल डिटेल और अन्य सबूतों की जांच होती है, तो यह साफ हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

संत समाज और सरकार के बीच बढ़ते इस विवाद का असर आने वाले समय में राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर देखने को मिल सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और क्या इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज होती है या नहीं।

Ashutosh Brahmachari has filed a complaint against Uttar Pradesh Deputy Chief Minister Brajesh Pathak in Lucknow, alleging a conspiracy during the Magh Mela and raising concerns over the treatment of Sanatan Dharma and Hindu saints. The controversy also involves Swami Avimukteshwaranand and incidents related to police actions in Prayagraj. This developing Uttar Pradesh news highlights tensions between political leadership and religious figures, making it a significant issue in current Indian politics.

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