AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (SI) सीधी भर्ती-2025 के परीक्षा परिणाम को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में अब उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने सख्त रुख अपनाते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बोर्ड का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाएं अभ्यर्थियों को गुमराह करने की कोशिश हैं और इससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गलत असर डालने का प्रयास किया जा रहा है।
दरअसल, फेसबुक प्लेटफॉर्म पर “Ashutosh Pandey” नाम के एक यूजर द्वारा एक वीडियो वायरल किया गया। वीडियो में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 के परिणाम में कथित तौर पर धांधली हुई है। इतना ही नहीं, वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया कि “पैसे लेकर जुगाड़ वालों को नौकरी दिलाई जा रही है।” वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैलने लगा और कई अभ्यर्थियों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने इस पूरे प्रकरण की जांच कराई। जांच के बाद बोर्ड की ओर से स्पष्ट किया गया कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। बोर्ड ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
इसके बाद 11 मई 2026 को थाना हुसैनगंज, कमिश्नरेट लखनऊ में संबंधित सोशल मीडिया यूजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने इस मामले में मु0अ0स0-67/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है। दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 292, 353(1)(b) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D शामिल की गई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक जानकारी फैलाकर युवाओं में भ्रम की स्थिति पैदा करना गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में साइबर सेल भी सक्रिय रूप से निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी अफवाहें फैलाने वालों पर भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। बोर्ड ने कहा कि भर्ती से जुड़ी सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल विभाग की अधिकृत वेबसाइट और आधिकारिक माध्यमों से ही जारी की जाती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट, वीडियो या मैसेज को बिना सत्यापन शेयर करना कई बार कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।
बोर्ड ने यह भी कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया की लोकप्रियता बढ़ाने या व्यक्तिगत लाभ के लिए भर्ती परीक्षाओं को लेकर झूठी खबरें फैलाते हैं। इससे हजारों मेहनती अभ्यर्थियों के मन में अनावश्यक तनाव और असमंजस पैदा होता है। ऐसे मामलों में अब तकनीकी निगरानी और कानूनी कार्रवाई दोनों को और मजबूत किया जा रहा है।
भर्ती बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस SI भर्ती-2025 की प्रक्रिया तय नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुसार संपन्न कराई गई है। परीक्षा परिणाम जारी करने से पहले कई स्तरों पर सत्यापन और तकनीकी जांच की प्रक्रिया अपनाई जाती है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। ऐसे में बिना प्रमाण लगाए जा रहे आरोप केवल अफवाह माने जाएंगे।
सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी खबर का कुछ ही मिनटों में वायरल हो जाना आम बात हो गई है। हालांकि, कई बार अधूरी या गलत जानकारी युवाओं और प्रतियोगी छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। यही कारण है कि अब सरकारी एजेंसियां फेक न्यूज और डिजिटल अफवाहों पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ डिजिटल जागरूकता भी बेहद जरूरी है। अभ्यर्थियों को चाहिए कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल, प्रेस विज्ञप्ति और सरकारी नोटिस पर ही भरोसा करें। किसी वायरल वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट को अंतिम सत्य मान लेना नुकसानदायक हो सकता है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। साइबर विशेषज्ञ वायरल वीडियो और उससे जुड़े डिजिटल स्रोतों की जांच कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और भी कार्रवाई हो सकती है। वहीं, भर्ती बोर्ड ने साफ कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अंत में सभी अभ्यर्थियों से संयम बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। बोर्ड ने भरोसा दिलाया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाई जा रही है और योग्य अभ्यर्थियों के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी।
The Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board (UPPRPB) has taken strict legal action after a viral Facebook video made false allegations regarding the UP Police SI Recruitment 2025 examination result. A case has been registered in Lucknow under multiple sections of the Bharatiya Nyaya Sanhita and IT Act against social media user Ashutosh Pandey for allegedly spreading misleading claims about corruption, result manipulation, and money-based recruitment. The board has warned candidates not to trust fake news and assured transparency in the UP Police Sub Inspector recruitment process.


















