AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले और नई जिम्मेदारियों का ऐलान किया है। इस बदलाव को प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कई पुलिस महानिदेशक (DGP), अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) और पुलिस महानिरीक्षक (IG) स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
प्रदेश में लगातार बढ़ती साइबर अपराध की चुनौतियों, यातायात व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए यह प्रशासनिक बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर कई बड़े जोन और विभागों में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति कर सरकार ने पुलिस प्रशासन को और मजबूत करने का संकेत दिया है।

जय नारायण सिंह को ईओडब्ल्यू की कमान
आईपीएस अधिकारी श्री जय नारायण सिंह (आरआर-1994), जो अब तक उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड, लखनऊ में पुलिस महानिदेशक/अपर पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW), उत्तर प्रदेश, लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आर्थिक अपराधों और वित्तीय अनियमितताओं पर नियंत्रण के लिहाज से यह नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है।
ध्रुव कान्त ठाकुर को होमगार्ड की जिम्मेदारी
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्री ध्रुव कान्त ठाकुर (आरआर-1994), जो अब तक नागरिक सुरक्षा विभाग और विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे, उन्हें अब पुलिस महानिदेशक एवं महासमादेष्टा, होमगार्ड, उत्तर प्रदेश, लखनऊ बनाया गया है। इसके साथ ही उनके पास नागरिक सुरक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। होमगार्ड संगठन की मजबूती और आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बिनोद कुमार सिंह को यूपी-112 का अतिरिक्त प्रभार
श्री बिनोद कुमार सिंह (आरआर-1994) को सीआईडी और साइबर क्राइम विभाग के साथ अब यूपी-112 का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वह पहले से पुलिस महानिदेशक, सीआईडी और साइबर क्राइम के पद पर कार्यरत थे। यूपी-112 प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेवा है, ऐसे में यह जिम्मेदारी बेहद संवेदनशील मानी जा रही है।
आलोक सिंह बने पीएसी मुख्यालय के डीजी
आईपीएस अधिकारी श्री आलोक सिंह (आरआर-1995), जो अब तक कानपुर जोन में पुलिस महानिदेशक/अपर पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्य कर रहे थे, उन्हें अब पीएसी मुख्यालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ भेजा गया है। साथ ही उन्हें विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील मामलों में पीएसी की भूमिका को देखते हुए यह बदलाव अहम माना जा रहा है।
अनुपम कुलश्रेष्ठ को कानपुर जोन की जिम्मेदारी
श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ (आरआर-1995), जो अब तक आगरा जोन में अपर पुलिस महानिदेशक थीं, उन्हें अब कानपुर जोन का नया अपर पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है। कानपुर जोन प्रदेश के सबसे संवेदनशील और बड़े पुलिस जोनों में गिना जाता है, इसलिए उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ए. सतीश गणेश को अपराध शाखा का अतिरिक्त प्रभार
आईपीएस अधिकारी श्री ए. सतीश गणेश (आरआर-1996) वर्तमान में अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा के पद पर तैनात हैं। अब उन्हें अपराध शाखा, उत्तर प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। प्रदेश में बढ़ते अपराध और ट्रैफिक प्रबंधन के बीच उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
आर.के. स्वर्णकार को पॉवर कॉरपोरेशन भेजा गया
डॉ. आर.के. स्वर्णकार (आरआर-1996), जो अब तक पीएसी मुख्यालय में अपर पुलिस महानिदेशक थे, उन्हें अब उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड, लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।
एस.के. भगत बने आगरा जोन के एडीजी
आईपीएस अधिकारी श्री एस.के. भगत (आरआर-1998), जो अपराध विभाग में अपर पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे, उन्हें अब आगरा जोन का नया एडीजी बनाया गया है। आगरा जोन में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह बदलाव अहम माना जा रहा है।
गीता सिंह को प्रशिक्षण निदेशालय भेजा गया
श्रीमती गीता सिंह (एसपीएस-2007), जो अब तक पुलिस महानिरीक्षक, अभियोजन के पद पर तैनात थीं, उन्हें अब प्रशिक्षण निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ में पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासनिक बदलाव के पीछे क्या है मकसद?
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस प्रशासन में कार्यक्षमता बढ़ाने, अपराध नियंत्रण मजबूत करने और संवेदनशील विभागों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती के जरिए प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाना चाहती है। साइबर अपराध, आर्थिक अपराध और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए यह फेरबदल काफी रणनीतिक माना जा रहा है।
इसके अलावा यूपी-112, साइबर क्राइम, यातायात एवं सड़क सुरक्षा जैसे विभागों में अतिरिक्त प्रभार देकर सरकार ने विभागीय समन्वय को मजबूत करने की कोशिश की है। आने वाले समय में इन अधिकारियों के नेतृत्व में प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
The Uttar Pradesh government has announced a major IPS reshuffle in 2026, assigning new responsibilities to several senior police officers across key departments including EOW, CID, Cyber Crime, UP-112, PAC Headquarters, Traffic and Road Safety. The latest UP Police transfer list includes important postings of DGP, ADG and IG rank officers aimed at strengthening law and order, cyber security, emergency response services and administrative efficiency in Uttar Pradesh.


















