ऋषिकेश में हरियाणा के पर्यटकों पर हमला, छेड़छाड़ के झूठे आरोप के बाद जमकर मारपीट; 2 आरोपी गिरफ्तार
AIN NEWS 1 : उत्तराखंड के पर्यटन शहर ऋषिकेश में पर्यटकों के साथ हुई हिंसक घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और पर्यटन सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरियाणा से घूमने आए कुछ युवकों पर पहले एक महिला से छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए, लेकिन बाद में मामला गलतफहमी का निकला। इसके बावजूद भीड़ ने पर्यटकों को बुरी तरह पीटा, उनकी कार तोड़ दी और जान से मारने की धमकी तक दी। इस मामले में पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
घटना देहरादून जिले के ऋषिकेश क्षेत्र स्थित “काले की ढाल” इलाके की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार 20 मई 2026 को हरियाणा के कैथल जिले से आए पांच लोग अपनी कार से ऋषिकेश घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान रास्ते में एक स्कूटी सवार महिला और बच्ची ने उनकी कार रुकवाई और कथित तौर पर इशारे करने और टिप्पणी करने का आरोप लगाया। इसके बाद मौके पर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई।
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने महिला को समझाने की कोशिश की और कहा कि उन्होंने कोई गलत हरकत नहीं की। बाद में खुद महिला ने भी लोगों से कहा कि गलतफहमी हुई है और पर्यटकों के साथ मारपीट न की जाए। लेकिन वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने उनकी बात नहीं मानी और पर्यटकों पर हमला कर दिया।
पर्यटकों को बेरहमी से पीटने का आरोप
एफआईआर में दर्ज शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने मिलकर सभी पर्यटकों के साथ मारपीट की। उनके सिर, गले, छाती और निजी अंगों पर हमला किया गया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उनके साथी सोनू को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया और उसके गुप्तांगों पर भी हमला किया गया।
पीड़ित सतवीर ने अपनी शिकायत में बताया कि अगर कुछ स्थानीय लोग बीच-बचाव नहीं करते तो आरोपियों द्वारा उनकी जान भी ली जा सकती थी। मारपीट के दौरान गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां भी दी गईं।
घटना के दौरान पर्यटकों की सफेद रंग की हुंडई वेन्यू कार (नंबर HR08AL9393) को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। साथ ही दो मोबाइल फोन भी गायब बताए गए हैं।
किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
कोतवाली ऋषिकेश में दर्ज एफआईआर संख्या 0209/2026 में अशोक थापा, अमित, नरेश, आयुष समेत 5-6 लोगों को नामजद और कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
मामले में जिन धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है उनमें हमला, मारपीट, जान से मारने की कोशिश, धमकी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
देहरादून पुलिस और ऋषिकेश कोतवाली ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने बताया कि अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
उत्तराखंड पुलिस ने कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी विवाद की स्थिति में लोगों को हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय पुलिस को सूचना देनी चाहिए।
पर्यटन नगरी की छवि पर असर
ऋषिकेश देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए प्रसिद्ध शहर है। यहां हर साल लाखों लोग घूमने, योग और आध्यात्मिक पर्यटन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटकों के साथ हिंसा की घटनाएं शहर की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि किसी गलतफहमी या अफवाह के आधार पर भीड़ द्वारा हमला करना बेहद खतरनाक प्रवृत्ति है। इससे बाहर से आने वाले लोगों में डर का माहौल बनता है और पर्यटन उद्योग पर भी असर पड़ सकता है।
क्या है पूरा मामला
एफआईआर के अनुसार, हरियाणा के कैथल निवासी सतवीर अपने दोस्तों सोनू, सतीश, प्रदीप और विक्रम के साथ ऋषिकेश घूमने आए थे। जब वे “काले की ढाल” इलाके से गुजर रहे थे, तभी एक स्कूटी सवार महिला ने उनकी कार रुकवाई। इसके बाद विवाद शुरू हुआ और आसपास मौजूद लोगों ने बिना पूरी सच्चाई जाने पर्यटकों पर हमला कर दिया।
पीड़ितों ने दावा किया कि महिला ने बाद में साफ कहा था कि गलतफहमी हुई है, लेकिन भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी। आरोप है कि स्थानीय युवकों ने मिलकर उन्हें बेरहमी से पीटा और उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया।
पुलिस जांच में क्या सामने आ सकता है
इस पूरे मामले में अब पुलिस की जांच अहम मानी जा रही है। यदि जांच में यह साबित होता है कि छेड़छाड़ के आरोप गलतफहमी पर आधारित थे, तो यह मामला भीड़ हिंसा और कानून हाथ में लेने की गंभीर घटना माना जाएगा।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने भीड़ हिंसा की मानसिकता पर सवाल उठाए हैं।
लोगों का कहना है कि किसी भी आरोप की पुष्टि किए बिना हिंसा करना कानून और समाज दोनों के लिए खतरनाक है। वहीं कुछ लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की है।
A shocking tourist assault case has surfaced from Rishikesh, Uttarakhand, where a group of Haryana tourists was allegedly attacked after false molestation allegations near Kale Ki Dhal area. According to the FIR registered by Dehradun Police, the victims were brutally beaten, their vehicle vandalized, and threatened by local men despite the woman reportedly clarifying it was a misunderstanding. Uttarakhand Police has arrested two accused and launched a search operation for the remaining suspects. The Rishikesh tourist violence case has sparked concerns over tourist safety, mob attacks, and law and order in Uttarakhand’s popular tourism hub.


















