AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath सोमवार को लखनऊ स्थित Aparna Yadav के आवास पहुंचे, जहां स्वर्गीय प्रतीक यादव की आत्मा की शांति के लिए आयोजित त्रयोदशी संस्कार और श्रद्धांजलि सभा में उन्होंने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में भावुक माहौल देखने को मिला। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, करीबी मित्रों के साथ-साथ राजनीति और समाज से जुड़े कई लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सुबह से ही लोगों का आना-जाना लगा रहा और पूरे दिन घर पर शोक व्यक्त करने वालों की भीड़ बनी रही।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे ही कार्यक्रम स्थल पहुंचे, परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले स्वर्गीय प्रतीक यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने कुछ क्षण मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वहां मौजूद लोगों ने भी नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।
अपर्णा यादव को दिया ढांढस
मुख्यमंत्री ने अपर्णा यादव से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों से भी बातचीत की और इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी अपने को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, लेकिन दुख की इस घड़ी में पूरा समाज परिवार के साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि जीवन और मृत्यु प्रकृति का अटल सत्य है, लेकिन प्रियजन की यादें हमेशा दिलों में जीवित रहती हैं। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्राप्त हो।
श्रद्धांजलि सभा में दिखी सामाजिक और राजनीतिक एकजुटता
श्रद्धांजलि सभा में कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां भी शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने परिवार के साथ बिताए गए पुराने पलों को याद किया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। कई लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत रूप से पहुंचना परिवार के लिए भावनात्मक संबल देने वाला कदम है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मानना था कि व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के बावजूद मुख्यमंत्री का परिवार के बीच पहुंचना उनकी संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस दौरान माहौल पूरी तरह शांत और गरिमामय बना रहा।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए धार्मिक अनुष्ठान
त्रयोदशी संस्कार के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ के बीच पंडितों ने आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थनाएं कराईं। परिवार के सदस्यों ने पूरे विधि-विधान के साथ संस्कार संपन्न किए।
हिंदू परंपरा में त्रयोदशी संस्कार को विशेष महत्व दिया जाता है। इसे दिवंगत आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना से जोड़ा जाता है। इसी परंपरा के अनुसार परिवार ने श्रद्धा और आस्था के साथ सभी धार्मिक प्रक्रियाएं पूरी कीं।
पूरे दिन लगा रहा श्रद्धांजलि देने वालों का तांता
लखनऊ स्थित आवास पर सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। स्थानीय लोगों के अलावा सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी।
हालांकि सुरक्षा के बीच भी कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे लोगों ने दिवंगत प्रतीक यादव को याद करते हुए परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की।
संवेदना और मानवीय रिश्तों का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस यात्रा को संवेदना और सहानुभूति के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जिम्मेदारियों के बीच किसी शोकाकुल परिवार तक पहुंचना सामाजिक संवेदनशीलता का उदाहरण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के अंत में एक बार फिर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इसके बाद वह वहां से रवाना हो गए, लेकिन उनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को एक भावनात्मक और मानवीय संदेश देने का काम किया।
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attended the Trayodashi Sanskar and श्रद्धांजलि सभा of late Prateek Yadav at Aparna Yadav’s residence in Lucknow. The emotional gathering witnessed the presence of political leaders, family members, social dignitaries, and well-wishers who came together to offer condolences and prayers for the departed soul. CM Yogi expressed deep sympathy to Aparna Yadav and her family, highlighting the importance of humanity, compassion, and support during difficult times. The ceremony included traditional Hindu rituals, Vedic prayers, and tributes dedicated to the peace of the departed soul.


















