AIN NEWS 1: गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में हुए चर्चित सूर्या हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है, जबकि उसके पिता नवाब समेत तीन आरोपियों को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने इस हत्याकांड को और भी गंभीर बना दिया है।
पुलिस के अनुसार, बकरीद के दिन 17 वर्षीय छात्र सूर्या प्रताप चौहान की हत्या के बाद से मुख्य आरोपी असद लगातार फरार चल रहा था। उसकी तलाश में कई पुलिस टीमें जुटी हुई थीं और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि असद खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है और कहीं दूर भागने की तैयारी कर रहा है।
पुलिस ने घेराबंदी कर शुरू किया अभियान
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने खोड़ा और वसुंधरा क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। देर रात लगभग दो बजे वसुंधरा-खोड़ा मार्ग पर एक संदिग्ध युवक बाइक से आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि उसने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार आरोपी लगातार भागने की कोशिश कर रहा था और पीछा किए जाने पर उसने कई राउंड गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसकी पहचान सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के रूप में हुई।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घायल असद को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, कारतूस और दिल्ली से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी अनुराग रावत भी घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई।
बकरीद के दिन हुई थी सूर्या की हत्या
पूरा मामला 28 मई का है, जब खोड़ा के नवनीत विहार निवासी 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या प्रताप चौहान को कथित रूप से असद ने अपने साथ बुलाया था। आरोप है कि उसने सूर्या को कुर्बानी दिखाने के बहाने बुलाया और फिर उस पर चाकू से हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल सूर्या को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया था और परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
जांच में सामने आई पुरानी रंजिश
पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सूर्या और असद के बीच पहले से विवाद चल रहा था। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी फरहान ने बताया कि दोनों के बीच बाइक चलाने को लेकर कहासुनी और मनमुटाव हुआ था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी विवाद ने धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लिया और बाद में हत्या की साजिश रची गई। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या घटना पूरी तरह पूर्व नियोजित थी।
पिता पर बेटे को उकसाने का आरोप
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा असद के पिता नवाब को लेकर हुआ है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों से संकेत मिले हैं कि नवाब ने अपने बेटे को सूर्या की हत्या के लिए उकसाया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्या की योजना बनाने में केवल असद ही नहीं बल्कि उसके कुछ करीबी लोग भी शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू की व्यवस्था आरोपी फरहान ने की थी।
इसी आधार पर पुलिस ने असद के पिता नवाब, उसके साथी फरहान और आतिफ को गिरफ्तार किया। बाद में तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
छह महीने पहले बेचा था पुराना मकान
पुलिस जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। अधिकारियों के मुताबिक, असद के पिता नवाब ने करीब छह महीने पहले नवनीत विहार स्थित अपना पुराना मकान बेच दिया था। इसके बाद परिवार खोड़ा क्षेत्र की मदरसे वाली गली में रहने लगा था।
स्थानीय लोगों के अनुसार परिवार पिछले कुछ समय से वहीं रह रहा था। हालांकि हत्याकांड के बाद से इलाके में उनके घरों पर ताले लगे हुए हैं।
सौतेली मां के साथ रहता था असद
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि असद अपने पिता और सौतेली मां के साथ रहता था। उसका भाई शादीशुदा है और अलग मकान में अपनी पत्नी के साथ रह रहा था।
घटना के बाद परिवार के अधिकांश सदस्य इलाके से चले गए हैं। पुलिस लगातार उनसे जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि मामले के हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके।
फरार होने की तैयारी में था आरोपी
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि एनकाउंटर से पहले असद गाजियाबाद छोड़कर भागने की योजना बना रहा था। इसके लिए वह अपने परिचितों और दोस्तों से पैसों का इंतजाम कर रहा था।
सूत्रों के अनुसार, वह शहर से बाहर निकलने की तैयारी में था और इसी सिलसिले में अपने कुछ साथियों से मिलने जा रहा था। पुलिस को जब इसकी सूचना मिली तो तुरंत घेराबंदी की गई, जिसके बाद मुठभेड़ की घटना हुई।
पुलिस की जांच जारी
सूर्या हत्याकांड के बाद पुलिस लगातार मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक मिले साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।
हालांकि पुलिस अभी भी मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा घटना की पूरी योजना कैसे बनाई गई थी।
फिलहाल मुख्य आरोपी असद की मौत हो चुकी है, जबकि उसके पिता और अन्य सहयोगी जेल में हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
The Surya Murder Case in Ghaziabad has taken a dramatic turn after the main accused, Assad, was killed in a police encounter while allegedly attempting to flee the city. According to police officials, Assad was wanted in the murder of Class 11 student Surya Chauhan in Khoda, Ghaziabad. Investigators have also arrested Assad’s father Nawab along with two associates for their alleged involvement in the conspiracy. The case has gained significant attention across Uttar Pradesh as police continue their investigation into the motive, planning, and execution of the crime, making the Ghaziabad Surya Murder Case one of the most discussed criminal incidents in recent weeks.


















